विभागों में चर्चाओं का बाजार गर्म, एक साहब के तबादले से राहत तो एक मैडम पर कार्रवाई अटकी
लखनऊ
उत्तर प्रदेश की सियासत की तरह अब अफसरशाही भी अपने अलग-अलग अंदाज और चर्चाओं को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है। अलग-अलग विभागों में तैनात कुछ अधिकारियों के व्यवहार, फैसलों और तबादलों को लेकर अंदरखाने खूब चर्चाएं हो रही हैं।
सेहत से जुड़े एक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी अपने व्यवहार और मीटिंग में दिए जाने वाले बयानों को लेकर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि उनकी कुछ टिप्पणियों से महिला अधिकारी और कर्मचारी असहज महसूस करती हैं, जिसके चलते अब कई महिलाएं उनकी बैठकों में जाने से भी कतराने लगी हैं। हालांकि उन्हें स्वभाव से अच्छा व्यक्ति माना जाता है, लेकिन उनके शब्दों के चयन पर सवाल उठते रहे हैं।
वहीं लखनऊ मंडल के एक जिले में तैनात एक महिला अधिकारी का मामला भी सुर्खियों में है। उन पर पहले जमीन से जुड़े एक बड़े मामले में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, जिसकी एक कथित रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी। जांच में प्रारंभिक तौर पर उन्हें दोषी भी पाया गया, लेकिन लंबे समय से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है और अब तक किसी बड़ी कार्रवाई का नतीजा सामने नहीं आया है।
इसी तरह शिक्षा से जुड़े एक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के तबादले को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि उनके कार्यकाल में कई अधिकारी लगातार दबाव में काम कर रहे थे और अक्सर उन्हें विशेष कार्यों के लिए बुलाया जाता था, यहां तक कि छुट्टियों के दौरान भी। उनके तबादले के बाद विभाग के कई अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
कुल मिलाकर अलग-अलग विभागों में इन अफसरों के व्यवहार और फैसलों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कहीं तबादला राहत बनकर आया है तो कहीं विवाद और जांच के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।


