फर्रुखाबाद। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय के कार्यालय में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर लगाए गए प्रतिबंध ने जिले में नई बहस छेड़ दी है। कार्यालय के बाहर लगाए गए नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति मोबाइल अथवा कैमरा लेकर कार्यालय में प्रवेश नहीं करेगा। सभी आगंतुकों को अपने मोबाइल और कैमरे बाहर तैनात गार्ड के पास जमा करने होंगे।
इस आदेश के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकारी कार्यालय में ऐसा कौन-सा कारण है, जिसके चलते आम नागरिकों को मोबाइल और कैमरा ले जाने से पूरी तरह रोक दिया गया है। सरकारी दफ्तर जनता के टैक्स के पैसे से संचालित होते हैं और वहां पारदर्शिता तथा जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिकांश फरियादी अपने जरूरी दस्तावेज मोबाइल में रखते हैं। कई लोग शिकायत, आदेश या पत्र की प्रति सुरक्षित रखने के लिए मोबाइल का उपयोग करते हैं। ऐसे में मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था आम नागरिकों के लिए असुविधा का कारण बन सकती है।
इस आदेश के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह निर्णय केवल सुरक्षा कारणों से लिया गया है या फिर कार्यालय की कार्यप्रणाली को कैमरे और रिकॉर्डिंग से दूर रखने की कोशिश है। हालांकि, इन अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों का मानना है कि यदि सुरक्षा कारणों से ऐसा निर्णय लिया गया है तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी स्पष्ट और सार्वजनिक वजह बतानी चाहिए। इससे अनावश्यक भ्रम और विवाद की स्थिति नहीं बनेगी।


