अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों के बीच चिंता बढ़ा दी है। मंदिर आंदोलन से जुड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच गणना कार्य से जुड़े एक कर्मी को हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विभिन्न स्तरों पर रिपोर्ट ली जा रही है। मंदिर से जुड़े कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और संतों ने इसे करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी ने भी मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
जानकारी के मुताबिक मंदिर प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है। चढ़ावे की गणना और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती की गई है। आगामी 13 जून से शुरू होने वाली समीक्षा बैठकों में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है, जबकि इसी माह के अंत में प्रस्तावित ट्रस्ट की त्रैमासिक बैठक में भी इस प्रकरण पर चर्चा होने की संभावना है।
मामले को लेकर मंदिर और संगठन से जुड़े लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। एक पक्ष जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे मंदिर की छवि धूमिल करने की साजिश बता रहा है। हालांकि अब तक ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
धार्मिक महत्व के इस मामले ने अयोध्या समेत देशभर के रामभक्तों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब सभी की निगाहें जांच और ट्रस्ट की आगामी बैठकों पर टिकी हैं, जिनमें मंदिर प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।


