फतेहपुर| जिले में रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने कछुआ तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से 148 जीवित कछुए बरामद हुए हैं। बरामद कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है।
संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध यात्रियों की जांच के दौरान की। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी सुल्तानपुर जिले के निवासी हैं और ट्रेन के माध्यम से कछुओं को पश्चिम बंगाल ले जाकर बेचने की तैयारी में थे।
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह मामला केवल दो तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित वन्यजीव तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। रेलवे मार्गों का इस्तेमाल कर तस्करी किए जाने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
बरामद सभी कछुओं को नियमानुसार वन विभाग को सौंप दिया गया है। वहीं, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें अब इस तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।


