नवाबगंज विकासखंड में रविवार को उल्लास नव भारत साक्षरता मिशन की परीक्षा 65 केंद्रों पर हुई। सुबह 10 बजे शुरू हुई इस परीक्षा में 469 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 405 ने हिस्सा लिया। इनमें 207 पुरुष और 198 महिला अभ्यर्थी शामिल थे, जबकि 64 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
कंपोजिट स्कूल कुरार नवाबगंज, उच्च प्राथमिक विद्यालय कढ़िउली, कंपोजिट स्कूल पत्योरा नवाबगंज और प्राथमिक विद्यालय दुड़ियापुर सहित सभी 65 केंद्रों पर परीक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए थे। परीक्षा ठीक से कराने के लिए हर केंद्र पर पर्यवेक्षक और कक्ष निरीक्षक तैनात थे। परीक्षा सामग्री भी सुबह ही सभी केंद्रों पर पहुंचा दी गई थी।

परीक्षा में अभ्यर्थियों से पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित से जुड़े सवाल पूछे गए। प्रश्नपत्र दैनिक जीवन में काम आने वाले व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित था। केंद्रों पर अभ्यर्थियों के लिए बैठने, पीने के पानी और रोशनी का इंतजाम किया गया था।
उल्लास नव भारत साक्षरता मिशन का मकसद 15 साल से ज्यादा उम्र के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाना है। इसके लिए स्वयंसेवी शिक्षकों ने गांव-गांव जाकर निरक्षर लोगों को पढ़ना, लिखना और बुनियादी गणित सिखाया। ट्रेनिंग के बाद अब उनकी पढ़ाई का मूल्यांकन इस परीक्षा से किया गया। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह दिखा। कई बुजुर्ग महिला और पुरुष पहली बार परीक्षा केंद्र पहुंचे और परीक्षा दी।
परीक्षा खत्म होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की जांच होगी। इसके बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। सफल अभ्यर्थियों को साक्षरता प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
खंड शिक्षाधिकारी अमर सिंह राणा ने बताया कि विकासखंड के 65 केंद्रों पर यह परीक्षा कराई गई है। कुल 469 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 405 ने परीक्षा दी और 64 अनुपस्थित रहे। सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।


