रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर रोक लगाने की घोषणा की है। इसके साथ ही सरकार प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या तय करने के लिए कानूनी प्रावधान लाने की तैयारी कर रही है। मेलोनी ने रविवार को अपनी पार्टी के युवा संगठन के कार्यक्रम में यह घोषणा की।
मेलोनी के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गंभीर रूप से स्कूल में घुलने-मिलने में कठिनाई झेल रहे विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना भी अनिवार्य किया जा सकता है। हालांकि, विदेशी छात्रों की कक्षा-वार अधिकतम संख्या अभी तय नहीं की गई है।
इतालवी प्रधानमंत्री ने कहा कि स्कूलों में इतालवी बच्चों को ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए कि वे अपने ही कक्षा-कक्ष में अल्पसंख्यक हो गए हैं। सरकार का कहना है कि नए कदमों का उद्देश्य स्कूलों में एकीकरण को मजबूत करना है। प्रस्ताव को आगे मंत्रिपरिषद के समक्ष लाए जाने की बात कही गई है।
इटली में चेहरे को ढकने वाले परिधानों को लेकर पहले भी राजनीतिक और सामाजिक बहस होती रही है। वर्ष 2025 में सत्तारूढ़ दल से जुड़े सांसदों ने सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब पर रोक लगाने का विधेयक भी प्रस्तावित किया था।
वहीं, स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने के प्रस्ताव पर इटली के प्रधानाचार्यों के संगठन ने इसे लागू करने में व्यावहारिक कठिनाइयों की ओर भी इशारा किया है। संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि पड़ोस के स्कूलों में रहने वाले बच्चों के दाखिले को लेकर ऐसी सीमा लागू करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


