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Monday, June 1, 2026

गौशालाओं की बदहाल व्यवस्था पर डीएम सख्त, लापरवाही पर वेतन रोका और संचालन बदलने के दिए निर्देश

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फर्रुखाबाद: जनपद की गौशालाओं में व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गो आश्रय स्थल जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में गौशालाओं की व्यवस्थाओं, गोवंश संरक्षण, वित्तीय प्रबंधन तथा आधारभूत सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी वृक्षारोपण अभियान को देखते हुए सभी गौशालाओं में बड़े पैमाने पर पौधरोपण की तैयारी सुनिश्चित करने और तीन दिन के भीतर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कड़ियोली और मौधा गौशालाओं में ऊसर भूमि के कारण पौधों के सूखने की जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को भूमि उपचार और तकनीकी सुधार के निर्देश दिए।

समीक्षा में यह भी सामने आया कि गैर सरकारी संस्था द्वारा संचालित सितवनपुर पिथू और सुल्तानपुर पलनापुर गौ आश्रय स्थलों का संचालन संतोषजनक नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने दोनों गौशालाओं का संचालन तत्काल प्रभाव से संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार अपने क्षेत्र की प्रत्येक गौशाला का निरीक्षण करें और पशुओं के स्वास्थ्य, चारा, पेयजल तथा अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी करें। गौ आश्रय स्थल बसेली में निरीक्षण के दौरान अभिलेख उपलब्ध न मिलने पर इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए।

बैठक में नेकपुर खुर्द गौशाला के संपर्क मार्ग की खराब स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी बढ़पुर को तत्काल मार्ग की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। वहीं भरतामऊ गौ आश्रय स्थल में बिजली कनेक्शन न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दस दिनों के भीतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

बृहद गौ संरक्षण केंद्र पहाड़पुर के गोपालकों को पिछले छह माह से मानदेय न मिलने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर लंबित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गोवंश संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और गौशालाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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