नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया हर बड़े सुधार के प्रति विरोध का रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार का नाम सुनते ही कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर खड़ी हो जाती है और लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास करती है। प्रधानमंत्री का यह बयान एसआईआर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच आया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस सिर्फ एसआईआर का ही नहीं, बल्कि रिफॉर्म का नाम सुनते ही विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एक पैटर्न रहा है कि जब भी कोई ऐसा सुधार सामने आता है, जिससे सरकार के अनुसार व्यवस्था मजबूत होती है, कांग्रेस उसका विरोध करती है।
प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कई उदाहरण गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस ने जनधन-आधार-मोबाइल की त्रिशक्ति, डिजिटल भुगतान, वस्तु एवं सेवा कर, सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आरक्षण, तीन तलाक के खिलाफ कानून, अनुच्छेद 370 हटाने, समान नागरिक संहिता और वक्फ बोर्ड में सुधार का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘एक देश, एक चुनाव’ का भी विरोध कर रही है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची का पुनरीक्षण करना है। आयोग ने वर्ष 2026 के लिए संबंधित राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया के निर्देश जारी किए हैं। इसमें पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने तथा मृत, स्थानांतरित या दोहरे नाम जैसी प्रविष्टियों की पहचान करने की प्रक्रिया शामिल है।
निर्वाचन आयोग की वर्तमान नागरिक सेवा व्यवस्था में एसआईआर-2026 के लिए मतदाताओं को अपना नाम पिछली एसआईआर सूची में खोजने, गणना प्रपत्र भरने, दस्तावेजों से संबंधित नोटिस का जवाब देने तथा मतदाता सूची डाउनलोड करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
आयोग के निर्देशों के मुताबिक, जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र वापस नहीं आए हैं, उनके संबंध में बूथ स्तर के अधिकारी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे नाम जैसी संभावित वजहों की जांच कर सकते हैं। ऐसे मतदाताओं की सूची सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है।
वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित नहीं होने चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग सहित इस मुद्दे पर राजनीतिक आंदोलन भी कर रहे हैं।
सुधारों के नाम पर कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है: पीएम मोदी


