नन्हे हाथों को थामे रखना
अरमानों को पूरा करना
सपनों के ऊंचे पंख लगा कर
आसमानों से बातें करना
भविष्य सबका बेहतर स्वर्णिम
पढ़ना बढ़ना लक्ष्य अंतिम
मेहनत सदा सतत अभ्यास
करता हरदम बेहतर प्रयास
बालक युवा जब बन जाता है
दायित्व और भी बढ़ जाता है
देता प्रेरणा और निर्देशन
जूझ जूझकर तूफानों से
विधार्थी बढ़ता जाता है
वह रुकता नहीं बस बढ़ता है
कुछ ना अपने लिए वह करता है
खुद जल सबको करता रोशन
तिमिर समाज का हरता है
मिलती है तुमसे मंजिल
सब कुछ तुमसे हो हासिल
समृद्ध विकसित तुमसे समाज
शिक्षक ……तुमसे सब संभव
अपूर्ण बनाते पूर्ण के काबिल
हर मांझी को मिलता साहिल
अनामिका गुप्ता


