रायबरेली जिले के ऊंचाहार क्षेत्र के पूरे महेश बख्श मजरे कंदरावां गांव में 25 वर्षीय युवक राहुल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। घटना के 17 दिन बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए युवक के शव को गंगा की रेती से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश पर की गई, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल को राहुल अपने कुछ दोस्तों के साथ नसीरपुर गया था। देर रात उसके दोस्तों ने उसकी मां अनीता को फोन कर बताया कि राहुल की तबीयत खराब हो गई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें वापस घर भेज दिया गया। इसके कुछ समय बाद वही दोस्त राहुल का शव उसके घर छोड़कर मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहरा गया।
अचानक बेटे की मौत की खबर से परिवार सदमे में आ गया और घबराहट में बिना किसी जांच के उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव को तीर खरौली घाट पर गंगा किनारे दफनाया गया। हालांकि, समय बीतने के साथ ही राहुल की मां को इस घटना में कुछ गड़बड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने अपने बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई।
मां अनीता ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल के दोस्तों की भूमिका संदिग्ध है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए और उपजिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की।
प्रशासनिक जांच के बाद रविवार को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी संजय कुमार शर्मा ने बताया कि पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के तहत की गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद गांव में तनाव और भय का माहौल बना हुआ है। लोग प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। वहीं, परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


