
देश का युवा रोता है, सत्ता विदेश में जाती है,
दिल में लाखों दर्द लिए जनता हर दिन चिल्लाती है।
कहीं परीक्षा लीक हुए, तो उम्मीदें कहीं हार गईं,
मेहनत करने वालों की फिर से रातें बेकार गईं।
देश का युवा जाग-जागकर अपने स्वप्न सजाता है,
लेकिन करप्ट सिस्टम पल में मेहनत उसकी खा जाता है।
पेट्रोल इतना महंगा कर जनता को समझाया है,
“कम चलो, कम घूमो भाई” — ये संदेश सुनाया है।
तेल महंगा, गैस महंगी, सोना भी अब दूर हुआ,
आम आदमी का जीवन तो जीना ही मजबूर हुआ।
देश की सत्ता विदेशों में हँसती गाती फिरती है,
कैमरों की चमक में अपनी छवि बनती दिखती है।
मोदी दुनिया घूम रहे हैं मेलोडी मुस्काती है,
मेलोनी संग तस्वीरें फिर इंस्टा पर छा जाती हैं
और इधर बेरोज़गार तो दर-दर ठोकर खाता है,
टूटे सपनों को अपने वह दिल में ही दफनाता है।
जो कल सबको संदेश दिया “क्यों देश के बाहर जाते हो?”
आज क्यों खुद इटली जाकर रिश्ते नए निभाते हो।
राहुल पर ताने कसने वाले खुद विदेश में घूम रहे,
जनता के सवालों पर चुप बैठे हैं आँखें मूँद रहे।
देश नहीं भाषण से ना नारों से ही चलता है,
देश का युवा टूट जाए तो भारत भी रह रह रोता है।
हमको केवल बात नहीं, अब सच्चा बदलाव चाहिए,
मेहनत करने वाले हर बच्चों का अधिकार चाहिए।
वरना आने वाला कल इतिहास यही दोहराएगा —
“युवा रहे संघर्षों में और सत्ता जश्न मनाएगा।”
“युवा रहे संघर्षों में और सत्ता जश्न मनाएगा”…
✍️सूर्या अग्निहोत्री
(डिप्टी एडिट यूथ इंडिया न्यूज ग्रुप)


