– डीएम के आदेश के बाद थमी कार्यवाही , सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल
– भाजपा विधायक सुशील शाक्य समेत कई भाजपा नेता समर्थन में उतरे
मोहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद। सपा के वरिष्ठ नेता नेता डॉ सुबोध यादव से जुड़े मोहम्मदाबाद स्थित कोल्ड स्टोरेज का मामला इन दिनों प्रशासनिक और सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। शासन स्तर पर मामला नजर में होने और जिलाधिकारी के स्तर से कार्रवाई के निर्देश के बावजूद राजस्व भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य समेत उनकी पूरी टीम के आगे प्रशासन नतमस्तक हो गया है ।
दिलचस्प पहलू यह है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद लेखपाल और राजस्व कर्मियों की सक्रियता दिखाई दी, लेकिन कार्रवाई जिस तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद थी, वह दिखाई इसलिए नहीं दी, क्योंकि विधायक शाक्य बीच में आ गए, और डॉक्टर सुबोध का दबदबा फिर से दिखा।
मामले का सियासी पक्ष भी कम दिलचस्प नहीं है। मोहम्मदाबाद और अमृतपुर की राजनीति में सुबोध यादव की पकड़ और राजनीतिक सक्रियता लंबे समय से चर्चा में रही है। अब कोल्ड स्टोरेज प्रकरण में कार्रवाई की धीमी गति ने एक बार फिर उनकी राजनीतिक पहुंच और प्रभाव को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।
सियासी हलकों में यह भी चर्चा है कि मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक सुशील शाक्य समेत भाजपा के कई स्थानीय नेताओं की सक्रियता रही है। हालांकि, इस सक्रियता की प्रकृति और प्रशासनिक कार्रवाई पर उसके किसी प्रत्यक्ष प्रभाव की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। बावजूद इसके, राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन बड़े विधायक के दबाव में मामला ठंडा बस्ती में पहुंच गया क्योंकि सपा से भाजपा नेता बने सचिन यादव का प्रभाव लगातार बढ़ रहा था उसे काम करना भी जरूरी था।वहीं, सुबोध यादव के मामले में जिस तरह अलग-अलग राजनीतिक खेमों की गतिविधियों की चर्चा सामने आ रही है, उसने मोहम्मदाबाद की सियासत को भी गर्म कर दिया है।


