– नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
– मुख्यमंत्री के फरमान के तुरंत बाद एक्शन मे आईं डीएम
फर्रुखाबाद। लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री के निर्देशों पर प्रदेशभर में बढ़ाई गई सतर्कता के क्रम में फर्रुखाबाद जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने जनपद में यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग को बसों और अन्य यात्री वाहनों में फायर सेफ्टी मानकों की सघन जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
डीएम के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) की टीम अगले 30 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज एवं कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों की जांच करेगी। अभियान के दौरान प्रत्येक वाहन में अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता, उसकी कार्यशीलता, वैधता, रिफिलिंग की स्थिति और सही स्थान पर लगाए जाने की जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं होंगे अथवा अग्निशमन यंत्र एक्सपायर या खराब अवस्था में पाए जाएंगे, उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहन संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
विशेष अभियान के दौरान बस अड्डों, प्रमुख चौराहों, हाईवे, टोल प्लाजा तथा जिले की सीमाओं पर सघन चेकिंग की जाएगी। स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का परीक्षण किया जाएगा, जबकि स्लीपर बसों में आपातकालीन निकास, सेफ्टी हैमर, विद्युत वायरिंग एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण होगा।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि जनपद में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी बस संचालकों, विद्यालय प्रबंधनों एवं वाहन स्वामियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने वाहनों में फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच और अनुरक्षण सुनिश्चित करें। यात्री और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह विशेष अभियान 23 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। अभियान की दैनिक रिपोर्ट जिला प्रशासन और परिवहन मुख्यालय को भेजी जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी।


