– जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने तय किया रोडमैप
– 14 नए एमबीबीएस चिकित्सकों के चयन को मंजूरी
– 4 निष्क्रिय आशाओं की सेवाएं समाप्त करने के आदेश
फर्रुखाबाद। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब केवल लक्ष्य पूरे करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कार्य की गुणवत्ता, समयबद्ध रिपोर्टिंग, लाभार्थियों तक वास्तविक पहुंच और नियमित मॉनीटरिंग के आधार पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मूल्यांकन किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश स्तर पर जनपद की बेहतर रैंकिंग सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी), एएनसी जांच, गंभीर एनीमिया, संस्थागत प्रसव एवं प्रसवोत्तर देखभाल की विस्तृत समीक्षा की गई।
डीएम ने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा अथवा किशोरी टीकाकरण से वंचित न रहे। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदाय स्तर पर जनजागरूकता अभियान तेज करने तथा टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को माइक्रोप्लान के अनुसार शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाने और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित न रखने पर जोर दिया गया। डीपीसी आयुष्मान भारत योजना डॉ. अमित मिश्रा से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। अस्पतालों में आयुष्मान लाभार्थियों को सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाली एवं कार्य में रुचि न लेने वाली आशाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर सेवाएं समाप्त की जाएंगी।
बैठक में अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन एवं मानदेय काटने के निर्देश दिए गए। कार्य में लापरवाही के चलते राजेपुर, बरौन, शमशाबाद, मोहम्मदाबाद, कायमगंज एवं नवाबगंज के छह ब्लॉक सामुदायिक कार्यक्रम प्रबंधकों (बीसीपीएम) का मानदेय अवरुद्ध करने के निर्देश जारी किए गए।
मन्त्रा पोर्टल पर प्रविष्टि न करने के कारण कायमगंज के बीपीएम मोहित का मानदेय भी रोक दिया गया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साहबगंज की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजुला गोस्वामी, ब्लड बैंक के काउंसलर पंकज कटियार का जुलाई 2026 का मानदेय भी अवरुद्ध कर दिया गया। वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया महिला चिकित्सालय की चिकित्साधिकारी डॉ. जूही पाल के विरुद्ध मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 14 नव चयनित एमबीबीएस चिकित्सकों की चयन सूची को अनुमोदन प्रदान किया गया। साथ ही 04 निष्क्रिय आशा बहुओं को सेवा से निष्कासित करने के आदेश भी जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में हर समय पर्याप्त रक्त उपलब्ध रहे तथा नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही सभी स्वास्थ्य इकाइयों में दवा वितरण रजिस्टर, ओपीडी, प्रसव, टीकाकरण एवं एचआरपी सहित सभी अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
एचएमआईएस डेटा गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि सभी आंकड़े समय से और पूरी शुद्धता के साथ पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। प्रत्येक स्तर पर डेटा का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण, एनसीडी स्क्रीनिंग, क्वालिटी एश्योरेंस, मदर एंड चाइल्ड हेल्थ, यूपी हेल्थ डैशबोर्ड, वित्तीय प्रगति सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभी प्रमुख कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि अब प्रत्येक ब्लॉक, प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई और प्रत्येक कार्यक्रम का नियमित प्रदर्शन मूल्यांकन किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि लगातार खराब प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और जनहितकारी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।


