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Saturday, June 13, 2026

भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और सुंदरकांड की कथा से प्रवाहित हुआ अध्यात्म

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फर्रुखाबाद: गंगानगर (Ganganagar) में चल रहे बीसवें भागवत एवं मानस ज्ञान यज्ञ में मानस विद्वान डा.रामबाबू पाठक ने सुंदर कांड की कथा सुनाई। वहीं भागवत कथा व्यास शिव शरण अग्निहोत्री ने भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की बाल लीलाओं के साथ-साथ अगस्त और पूतना वध की कथाएं सुनायीं।दोनों ही कथाओं को सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए।

भागवत कथा व्यास आचार्य शिव शरण अग्निहोत्री ने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव उन्हें गोकुल छोड़ आए थे वहां भगवान धीरे-धीरे बड़े होने लगे और अपनी बाल लीलाएं करने लगे उनके बाल लीलाएं देखकर गोकुल के वासी व माता यशोदा काफी खुश होते थे। इस दौरान कंस ने भगवान श्री कृष्ण को मारने के लिए कई निशाचार भेजे जिनमें अकासुर और बकासुर पूतना ने भगवान को मारने का प्रयास किया लेकिन वे भगवान के हाथों मारे गए । एक दिन भगवान कृष्ण ने मिट्टी खा ली तो यशोदा माता ने वह डांटा तो भगवान ने मुंह खोल दिया मुंह के अंदर माता को तीनों लोक दिखाई दिए तो वह आश्चर्यचकित रह गईं।

मानस कथा व्यास डॉक्टर रामबाबू पाठक ने सुंदरकांड की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि सीता की खोज करते समय जब जामवंत ने श्री हनुमान जी को उनके बाल याद दिलाया तो वह सात समुंदर पार करके लंका पहुंचे और सीता की खोज की इस दौरान रास्ते में समुद्र में उन्होंने दो रक्षणिकों का वध किया। लंका में पहुंचकर उन्होंने विभीषण के घर पर राम नाम लिखा देखा और वहां पहुंचे कर उन्होंने सारी बात बताई और कहा कि वह भगवती सीता की खोज में लंका आए हैं तो उन्हें मालूम हुआ कि रावण ने सीता जी को अशोक वाटिका में रख रखा है वहां पहुंचकर भगवान राम की अंगूठी दिखाकर अपने आने का संदेश दिया तो सीता जी ने हनुमान जी को अपने पुत्र के रूप में स्वीकार करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।

इस दौरान भूख लगने पर हनुमान जी ने वाटिका को उजाला दिया और खूब फल खाए उन्हें पकड़ने आए रावण के पुत्र अक्षय कुमार का हनुमान जी ने वध कर दिया फिर मेघनाद ने ब्रह्म फांस के जरिए हनुमान जी को बंदी बना लिया रावण ने उन्हें की पूछ में आग लगा देने की सजा दी तो इस पर सारे लंका के कपड़े हनुमान जी की पूंछ पर लपेट दिए गए आग लगी तो हनुमान जी ने उड़ कर सारी लंका ही जला डाली।इस अवसर पर कथा का संचालन महेश पाल सिंह उपकारी ने किया।

कार्यक्रम की व्यवस्था में विभोर सोमवंशी , अनमोल मिश्रा अवधेश पांडेय ,ऋषिपाल सिंह, अमित बाजपेई, बृज नारायण दुबे ,कुशल पाल सिंह ,निर्दोष शुक्ला, अरविंद चौहान , रामबाबू मिश्रा, नील कमल ने योगदान दिया। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री मुकेश गुप्ता, महिला जिलाध्यक्ष प्रीति पवन तिवारी, जिला अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, वरिष्ठ पदाधिकारी जितेंद्र अग्रवाल व अन्य पदाधिकारियों ने कथा व्यास का सम्मान किया हुआ कथा का श्रवण किया।

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