लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को राजधानी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी उन लोगों को साथ लाने का प्रयास करेगी, जो किसी कारणवश नाराज या पार्टी से दूर हुए हैं। उनका कहना था कि रूठे हुए लोगों को मनाकर उन्हें साथ लिया जाएगा और मिलकर आगे बढ़ा जाएगा।
अखिलेश यादव ने इस दौरान विभिन्न राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने रोजगार, निवेश, किसानों की समस्याओं, महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर कई आरोप लगाए। रोजगार और निवेश के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में नौकरियों और निवेश की तस्वीर सरकार के दावों के अनुरूप जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान कई नेताओं के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की जानकारी भी सामने आई। इनमें बांदा से बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके मयंक दीक्षित, श्रावस्ती से भाजपा छोड़कर आए नंद किशोर गिरी और उत्तर प्रदेश चेयरमैन संघ के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता शामिल रहे। अखिलेश यादव ने नए सदस्यों का स्वागत किया।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल अपनी तैयारियां तेज कर रहे हैं। सपा की ओर से स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक समूहों से संवाद बढ़ाने की गतिविधियां भी सामने आई हैं। अखिलेश यादव की ताजा टिप्पणी को इसी व्यापक संगठनात्मक और राजनीतिक तैयारी के संदर्भ में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी आगे भी लोगों से संवाद करेगी और जो लोग किसी वजह से दूर हुए हैं, उनसे संपर्क कर उन्हें साथ लाने का प्रयास किया जाएगा।


