यूपी सरकार ने 18 सितंबर को सीलबंद लिफाफे में दाखिल की रिपोर्ट, जांच से जुड़ी याचिकाओं पर होगी सुनवाई
नई दिल्ली। अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को सुनवाई होगी। मामले में दाखिल विभिन्न याचिकाओं में जांच की निगरानी, वित्तीय रिकॉर्ड और जांच एजेंसी से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल की गई है। अब 21 सितंबर को होने वाली सुनवाई में अदालत रिपोर्ट और मामले से संबंधित याचिकाओं पर विचार करेगी।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी में फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार ने लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सीबीआई जांच, फोरेंसिक ऑडिट और सीएजी ऑडिट जैसी मांगें उठाई गई हैं। अदालत ने पहले भी मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय कथित अपराध की उचित जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।
मामले में उत्तर प्रदेश की एसआईटी जांच कर रही है। इसी जांच की प्रगति और अब तक सामने आए तथ्यों से संबंधित रिपोर्ट अदालत के समक्ष रखी गई है। अब 21 सितंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के रुख पर सभी की निगाहें रहेंगी।


