कमालगंज
कमालगंज थाना क्षेत्र की तीर्थ नगरी श्रृंगीरामपुर में सावन का मेला फीका पड़ता दिख रहा है।
सावन के द्वितीय सोमवार के उपलक्ष्य में शनिवार को गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की अपेक्षाकृत कम भीड़ रही। फिर भी आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। भोले के भक्तों ने पवित्र गंगा में स्नान कर कलश में गंगाजल भरा और “बम-बम भोले, हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
लेकिन मेला ग्राउंड पर हमारी टीम ने जो देखा, उसने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी।
1. शौचालय – सिर्फ हाथी के दांत
गंगा किनारे खड़ा मोबाइल टॉयलेट सिर्फ दिखावे के लिए है। पाइप फटे हैं, टैंक टूटा है, कोई सुविधा चालू नहीं है।
यही हाल सिंगी रामपुर चौराहे पर स्थित सामुदायिक शौचालय का है। यहाँ दो शौचालय हैं। महिला शौचालय पर ताला है और पुरुष शौचालय में गंदगी और पानी की कोई व्यवस्था नहीं।
इस पर वहाँ ड्यूटी पर तैनात सफाई कर्मचारी यीशु देवी और ईश्वर देवी ने बताया – “मोटर का स्टार्टर खराब पड़ा है, कटिया डालकर मोटर चला रहे हैं। नीचे का फर्श भी एक जगह से टूटा है, जिस पर हमने खुद अपने पैसे से सीमेंट लगाकर काम चलाया है। अंदर महिला शौचालय का फर्श भी बैठ गया है।”
2. अंधेरे में डूबा मेला परिसर
रात में रोशनी की व्यवस्था भगवान भरोसे है। प्रशासन ने गिनती की स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं, उनमें भी ज्यादातर बंद या खराब हैं। जो रोशनी है, वो सिर्फ दुकानदारों के बल्बों से है।
3. तारीफ के काबिल है पुलिस व्यवस्था
इस पूरी अव्यवस्था में अगर कुछ चाक-चौबंद है तो वह है पुलिस। मेला क्षेत्र में लगभग 60 पुरुष और 40 महिला कांस्टेबल पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं।
खुदागंज चौकी प्रभारी श्री सुभाष चंद्र जी ने बताया – “ड्यूटी पर तैनात हमारे जवानों और महिला कांस्टेबलों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पब्लिक टॉयलेट गंदा है, महिला शौचालय बंद है और पुलिस के लिए बना शौचालय भी खराब है। मजबूरी में महिला कांस्टेबलों को आसपास के घरों में जाकर शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।”
कुल मिलाकर कांवड़ मेले में पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है, लेकिन मेला प्रशासन की लापरवाही के कारण तीर्थ यात्रियों और पुलिस जवानों दोनों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।


