जमीन दरककर गंगा में समा रही, ग्रामीणों में दहशत; राहत-बचाव की मांग
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। गंगा नदी में बाढ़ के बाद कटरी क्षेत्र में कटान ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले तीन दिनों से कटान तेज होने के कारण किनारे की जमीन लगातार दरककर गंगा में समा रही है। कई कच्चे-पक्के मकान और झोपड़ियां नदी की चपेट में आ चुकी हैं, जबकि आधा दर्जन से अधिक परिवारों के आशियानों पर खतरा मंडरा रहा है।
रघुवीर यादव, अभिनंदन, रक्षपाल, तुकमान, राजवीर, संजय, मंजेश, मोहित, मनसुख राम, रईस, रजनीश, सुनील, राजीव और संजीव सहित कई परिवार कटान से प्रभावित हैं। ग्रामीण रातभर जागकर अपने घर और जमीन की रखवाली करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी बाढ़ में उनके घर कटकर बह गए थे। इस बार कटान और तेज है। खेत जलमग्न हैं और आवागमन बाधित होने के साथ पेयजल संकट भी गहरा गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू कराने, कटान रोकने के लिए बोल्डर व बोरियों की व्यवस्था करने तथा विस्थापित परिवारों को सुरक्षित स्थान और भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन के अनुसार राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं तथा नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
गंगा कटरी में भीषण कटान, दर्जनों परिवार बेघर होने की कगार पर


