तावड़ू/ हरियाणा
तावड़ू क्षेत्र में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश पुलिस के चार जवानों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा तावड़ू सदर थाना क्षेत्र में धुलावट टोल प्लाजा से करीब एक किलोमीटर पहले हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो आगे खड़े डंपर से जा टकराई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए नूंह भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के उरई कोतवाली की पुलिस टीम एक अपहरण मामले की जांच के सिलसिले में जींद जा रही थी। स्कॉर्पियो में चालक समेत चार पुलिसकर्मी सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे किनारे एक डंपर खड़ा था, जिसका चालक पास के ढाबे पर गया हुआ था। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डंपर से जा टकराई, जिससे मौके पर ही सभी सवारों की मौत हो गई।
हादसे के बाद डंपर चालक वाहन समेत फरार हो गया। सूचना पर तावड़ू सदर थाना, धुलावट ट्रैफिक थाना पुलिस और डीएसपी अभिमन्यु लोहान मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो में शव बुरी तरह फंसे हुए थे, जिन्हें करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन से लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद और दो पिस्टल बरामद की हैं, जिन्हें कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। मृतकों की पहचान इंस्पेक्टर मोहित कुमार यादव (32) निवासी आदमपुर थाना सौरिख, सब-इंस्पेक्टर सत्यभान (59) निवासी अलीपुर जटिमाला जिला कासगंज, सिपाही अशोक कुमार (28) निवासी बबेरू जिला बांदा, सिपाही प्रदीप कुमार (30) निवासी रायबरेली और चालक अमरीक सिंह निवासी जींद के रूप में हुई है। सभी पुलिसकर्मी उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में तैनात थे।
इस हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे किनारे अवैध ढाबों और अनियंत्रित पार्किंग के चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां भी एक ढाबे के पास वाहन खड़ा था, जिससे यह दुर्घटना हुई।
मामले में एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है कि टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे खराब थे, जिससे फरार डंपर चालक की पहचान करना मुश्किल हो गया है। पुलिस अब मानेसर और गुरुग्राम पुलिस की मदद से मामले की जांच में जुटी है।
फिलहाल पुलिस ने तेज रफ्तार और सड़क पर खड़े वाहन को हादसे का प्रारंभिक कारण माना है, जबकि प्रशासन ने अवैध ढांचों को हटाने की कार्रवाई जारी होने का दावा किया है। इसके बावजूद इस भीषण हादसे ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है और सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।


