लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने गौ संरक्षण, सनातन, कानून-व्यवस्था, अयोध्या प्रकरण, एसआईटी जांच और महंगाई जैसे विषयों पर सरकार को घेरा।
अखिलेश यादव ने कहा कि वह पूजनीय शंकराचार्य जी से मिलकर आए हैं और उन्होंने भी गौमाता की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “मैं अभी पूजनीय शंकराचार्य जी से मिलकर आ रहा हूं, वह गौ माता को लेकर बहुत चिंतित हैं।”
भाजपा की विचारधारा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि “भारतीय जनता पार्टी के विचार वोट के हिसाब से बदलते हैं। उनके लिए धर्म नहीं, धन प्राथमिकता है। इन लोगों ने महापाप किया है।”
अयोध्या से जुड़े हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “विपक्ष पर एफआईआर दर्ज हो रही है, लेकिन विपक्ष की एफआईआर नहीं लिखी जा रही। मंदिर परिसर में जिन लोगों को कम मिला था, उन सभी की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाली जाए, 99.9 प्रतिशत लोग भाजपा से जुड़े निकलेंगे।”
एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि “एसआईटी लीपापोती कर रही है। सुनने में आया है कि एसआईटी पर भी सवाल उठ गए हैं और उसके एक सदस्य पर 420 का मुकदमा दर्ज है। यह दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई है।”
सनातन और महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि “सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए। सनातनी बहुत दुखी हैं। इस सरकार ने लोगों को कष्ट, दुख और महंगाई दी है।”
राजनीतिक हिंसा और विपक्ष के साथ व्यवहार को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “भाजपा राजनीति में ऐसी परंपरा न लाए कि विपक्ष में कोई चला जाए तो उस पर हमला किया जाए। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। कल वे भी विपक्ष में होंगे।”
अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। हालांकि, उनके आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


