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मजदूरों का उग्र विस्फोट, सैलरी बढ़ाने की मांग पर आगजनी, पथराव और सड़क जाम से शहर ठप
नोएडा
सोमवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले बैठा। पिछले तीन-चार दिनों से जारी यह आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया, जब बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और विरोध तेज कर दिया। शुरुआत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का गुस्सा धीरे-धीरे भड़क गया और हालात नियंत्रण से बाहर हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। खासकर ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सेक्टर 59, 62, 63 और फेस-2 जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-84 में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और जगह-जगह तोड़फोड़ की। कुछ स्थानों पर पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
प्रशासन के अनुसार, रविवार को अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद सोमवार को आंदोलन और अधिक उग्र हो गया। बड़ी संख्या में श्रमिक कुलेसरा से फेस-2 तक मार्च करते हुए सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर धरना देने लगे।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में न्यूनतम वेतन को 13,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये करना, ओवरटाइम का उचित भुगतान और छुट्टियों के लिए अलग प्रावधान शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें सख्त कदम उठाने पड़े।
फिलहाल स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि क्षेत्र में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।



