फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बुधवार को अमृतपुर तहसील के राजेपुर विकासखंड स्थित बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम की मड़ैया का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से राहत सामग्री पहुंचाई जाए तथा किसी भी जरूरतमंद को सहायता से वंचित न रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राहत शिविरों, खाद्यान्न वितरण, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं तथा बच्चों और शरणार्थियों को क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस (डिहाइड्रेशन), फंगल संक्रमण, एंटी वेनम, कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन एवं चर्म रोग की दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित गांवों और राहत शिविरों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही गांवों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने राजेपुर स्थित रामनिवास महाविद्यालय के अवध इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में संचालित राहत शरणालय का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन, पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा और महिलाओं एवं बच्चों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा सभी सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने शरणालय में रह रहे लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक जिला प्रशासन हरसंभव सहायता उपलब्ध कराता रहेगा। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, एसडीएम अमृतपुर श्वेता साहू सहित राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


