बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली दौरे के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक, रंगकर्मी एवं साहित्यकार पंडित राधेश्याम की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति, भगवान श्रीराम और भारतीय सांस्कृतिक विरासत पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि “हर भारतीय के रोम-रोम में राम बसे हैं। राम किसी एक विचारधारा के नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म भारत की आत्मा है और इसे देश की सांस्कृतिक पहचान से अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और परंपराओं को समझने के लिए सनातन संस्कृति का अध्ययन आवश्यक है तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की जरूरत है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पंडित राधेश्याम के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचना ‘राधेश्याम रामायण’ ने रामकथा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पंडित राधेश्याम के साहित्य का संरक्षण और प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और आदर्शों से परिचित हो सके।
मुख्यमंत्री ने रामायण काल का उल्लेख करते हुए कहा कि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की विजय यात्रा में वानर सेना का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा जिस पर होती है, उसका जीवन सफल हो जाता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों तथा कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा की। उनके संबोधन को कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उत्साह के साथ सुना और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा।


