लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को भाजपा सरकार पर एक के बाद एक तीखे राजनीतिक हमले करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, पंचायत चुनाव, राम मंदिर विवाद और सहयोगी दलों की राजनीति को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद समाजवादी पार्टी अयोध्या को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेगी, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आस्था, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय अनुभव मिलेगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या के सनातन गौरव, धार्मिक परंपराओं और स्थानीय लोगों के अधिकारों को पूरी प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की नगरी को केवल राजनीतिक प्रतीक नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनाया जाएगा।
प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं, थानों और तहसीलों में आम जनता न्याय के लिए भटक रही है और सरकार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने पंचायत चुनाव में देरी को लेकर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि जो सरकार ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात करती है, वह समय पर पंचायत चुनाव तक नहीं करा पा रही है।
हाल के एनकाउंटरों पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद भी पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था के नाम पर दबदबा कायम करने की राजनीति कर रही है।
सुभासपा अध्यक्ष एवं मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “राजभर की मोल-भाव की क्षमता अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। अब वह वही बयान देते हैं, जो उनसे कहलवाया जाता है।” उन्होंने कहा कि भाजपा को हराना लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जरूरी है तथा प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।


