वाशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका ने सूडान में जारी गृहयुद्ध को कथित रूप से बढ़ावा देने के आरोप में बड़ा कदम उठाते हुए आठ व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन प्रतिबंधों की जद में भारत के छत्तीसगढ़ से जुड़े उद्योगपति आलोक चौधरी और उनकी कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड (पूर्व नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड) भी शामिल हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की घोषणा की।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंधित नेटवर्क पर आरोप है कि उसने सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) को हथियार, विस्फोटक, सैन्य सामग्री तथा अन्य संसाधन उपलब्ध कराकर संघर्ष को लंबा खींचने में भूमिका निभाई। अमेरिका का दावा है कि इससे सूडान में मानवीय संकट और गहरा हुआ है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का आरोप है कि एसबीएल एनर्जी लिमिटेड ने सूडानी सेना के हथियार भंडार के रखरखाव से जुड़ी एक कंपनी को विस्फोटक और उससे संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप भेजीं। इसी आधार पर कंपनी, उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक चौधरी तथा सूडान और मिस्र स्थित अन्य संस्थाओं पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि प्रतिबंधित नेटवर्क दोनों पक्षों को हथियार, विस्फोटक और विदेशी लड़ाके उपलब्ध करा रहे थे, जिससे संघर्ष लंबा खिंचा और दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक और गंभीर हो गया। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ऐसे नेटवर्क के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।


