क्रासर
कटान रोकने के लिए बन रही 1400 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार, गुणवत्ता और समयबद्ध कार्य के दिए निर्देश
फर्रुखाबाद। गंगा कटरी क्षेत्र में हर वर्ष आने वाली विनाशकारी बाढ़ से होने वाली तबाही को रोकने के लिए सेतु निगम द्वारा कराए जा रहे पार्को पाइन निर्माण कार्य का शनिवार को जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि ढाईघाट शमशाबाद क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे बसे गांव बांसखेड़ा के मजरा गुटेटी दक्षिण से समोचीपुर चितार तक लगभग 1400 मीटर लंबी पार्को पाइन का निर्माण कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य गंगा की तेज धारा से होने वाले कटान और बाढ़ की विभीषिका से कटरी क्षेत्र के गांवों को सुरक्षित करना है।
गंगा कटरी क्षेत्र में बरसात के मौसम में बाढ़ का कहर किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है। बाढ़ के कारण जहां किसानों की उपजाऊ भूमि और फसलें जलमग्न हो जाती हैं, वहीं गांवों के रास्ते कट जाते हैं और गलियां नदियों का रूप धारण कर लेती हैं। कई बार स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की शरण लेनी पड़ती है।
बाढ़ के दौरान छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई परिवारों को तख्त और चारपाइयों पर रहकर जीवन यापन करना पड़ता है, जबकि कुछ लोग मकानों की छतों पर शरण लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं। ढाईघाट-शमशाबाद-शाहजहांपुर मार्ग के किनारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहकर दिन गुजारने की तस्वीरें भी हर साल सामने आती रही हैं।
कटरी क्षेत्र के ग्रामीण वर्षों से गंगा कटान से बचाव के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सुरक्षा कार्य कराने की मांग करते आ रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ और कटान के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और कई परिवार बदहाली का जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं।
इसी मांग को देखते हुए सेतु निगम की ओर से गुटेटी दक्षिण से समोचीपुर चितार तक सुरक्षा कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पार्को पाइन बनने के बाद क्षेत्र को बाढ़ और कटान से काफी हद तक राहत मिलेगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले डेढ़ माह से एक ठेकेदार द्वारा क्षेत्र में पनचक्कियों का संचालन कराया जा रहा था, जिसके कारण नदी किनारे लगातार कटान हो रहा था। ग्रामीणों के अनुसार पनचक्कियों के माध्यम से नीचे की मिट्टी निकाली जाती थी, जिससे भूमि खोखली हो जाती थी और बड़े-बड़े हिस्से धंसकर गंगा में समा जाते थे। इससे किसानों की भूमि को भी भारी नुकसान पहुंच रहा था।
सूत्रों के मुताबिक ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए संबंधित लोगों द्वारा पनचक्कियों को रातों-रात हटवा लिया गया। हालांकि क्षेत्र में इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
ग्रामीणों से भी ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने क्षेत्रीय ग्रामीणों से भी बातचीत कर बाढ़ और कटान से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कायमगंज, सेतु निगम के अधिशासी अभियंता, जूनियर इंजीनियर सहित लोक निर्माण विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
गंगा की विनाशकारी बाढ़ से बचाव की तैयारी तेज, डीएम ने किया निर्माणाधीन पार्को पाइन का निरीक्षण


