उपजिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन मौके पर पहुंचा, अग्निपीड़ितों को शीघ्र सहायता का भरोसा
अमृतपुर, फर्रुखाबाद
थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी को कुछ ही देर में राख में बदल दिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक घर से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते आसपास की झोपड़ियों और भूसे के ढेरों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक लाखों रुपये मूल्य का घरेलू सामान, अनाज और पशुओं के चारे के रूप में रखा भूसा जलकर नष्ट हो चुका था।जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले अनगपाल पुत्र श्रीकृष्ण के घर में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण बाल्टियों और अन्य संसाधनों के सहारे आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग लगातार फैलती चली गई।इस हादसे में मानसिंह पुत्र रामभजन की झोपड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई। झोपड़ी में रखी चारपाई, दो बोरी गेहूं तथा अन्य आवश्यक घरेलू सामान नष्ट हो गया। वहीं हरिपाल पुत्र अहिवरन की एक चारपाई, एक रजाई, चार पैकेट गेहूं सहित गृहस्थी का काफी सामान आग की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा श्यामपाल एवं वीरपाल पुत्र रतीराम की झोपड़ी में रखा भूसा जलकर राख हो गया, जिससे पशुओं के चारे का भी संकट उत्पन्न हो गया है।ग्रामीणों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को अपने सामान तक निकालने का मौका नहीं मिल सका। कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं और उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। आग लगने के बाद गांव में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से जानकारी जुटाकर आग लगने के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं उपजिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह यादव को मौके पर भेजा और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग की ओर से लेखपाल ज्योति ने मौके पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली राहत सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्निपीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना से पूरे गांव में चिंता का माहौल है और ग्रामीण पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं।


