कन्नौज। समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच पोस्टर युद्ध ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर अब भाजपा जिलाध्यक्ष Veer Singh Bhadauria खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्टर साझा करते हुए खुली चुनौती दी कि “मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि पोस्टर मैंने लगवाए हैं, अगर मुकदमा करना है तो मुझ पर करो।”
भाजपा जिलाध्यक्ष के इस बयान के बाद कन्नौज की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। वीर सिंह भदौरिया ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर किसी पार्टी और उसके नेताओं के “कारनामों” को जनता के सामने लाना अपराध है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि “पोस्टर फटने से इतिहास के काले पन्ने नहीं फटेंगे, सच का सामना करने का माद्दा रखिए।”
दरअसल मंगलवार सुबह शहर की सड़कों और चौराहों पर लगे पोस्टरों को देखकर सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई थी। सपाइयों ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष के खुले ऐलान के बाद सियासी लड़ाई अब और सीधी हो गई है।
उधर समाजवादी पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तीखा पलटवार किया। सपा ने लिखा कि “जिनके खुद के घर कांच के हों, वो दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंका करते।” पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि अगर सपाई भाजपा नेताओं की तस्वीरें चिन्मयानंद और सेंगर जैसे मामलों के साथ लगाना शुरू कर दें तो भाजपाइयों को मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी।
कन्नौज में यह पोस्टर वार अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधा चरित्र, इतिहास और महिला सुरक्षा की राजनीति तक पहुंच गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि दोनों दल अब खुलकर आमने-सामने आ चुके हैं।


