शमशाबाद (फर्रुखाबाद)।
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लगातार पड़ रही प्राकृतिक और अप्राकृतिक आपदाओं ने गरीब किसानों की कमर तोड़ दी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि किसान अब आर्थिक संकट के गहरे दौर से गुजर रहे हैं। फसलों के नुकसान और बढ़ती महंगाई के बीच किसान संगठनों ने सरकार से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है। इसी क्रम में सोमवार को भाकिमयू (अराजनैतिक गुट) की एक आवश्यक पंचायत शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम कुइयां खेड़ा निवासी पप्पू कुमार के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें दर्जनों किसानों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष रखीं।
पंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत ने कहा कि बीते कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्रों का किसान पहले ही मंदी की मार झेल रहा था, वहीं अब बे-मौसम बारिश और तेज तूफानी हवाओं ने उनकी बची-खुची उम्मीदों को भी तोड़ दिया है। गेहूं की फसल जहां पूरी तरह बर्बाद हो गई, वहीं मक्का की फसल भी गिरकर चौपट हो गई। इसके अलावा अन्य फसलें भी भारी नुकसान की चपेट में आ गई हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल नुकसान का सर्वे कराया जाए और गरीब किसानों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
पंचायत में ग्रामीणों ने कोटेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की सख्ती के बावजूद खाद्यान्न वितरण में 10 से 15 प्रतिशत तक की कटौती की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं का शोषण हो रहा है। इस पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा गया कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जो आम जनता के लिए मिसाल बने।
महंगाई के मुद्दे पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दो हजार रुपये की किसान सम्मान निधि अपर्याप्त है, इसे बढ़ाकर दोगुना किया जाना चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के समय लगातार हो रही बिजली कटौती पर भी आक्रोश व्यक्त किया गया। किसानों ने मांग की कि कृषि कार्यों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए।
इसके अलावा ढाई घाट, शमशाबाद स्थित गंगा तट पर आवागमन करने वाले लोगों के लिए छाया की समुचित व्यवस्था न होने का मुद्दा भी पंचायत में उठा। किसानों ने कहा कि भीषण गर्मी, सर्दी और बरसात में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां अस्थायी छायागृह बनवाने और वृक्षारोपण कराने की मांग की गई।
फैज बाग चौराहे पर लगे सरकारी हैंडपंपों से बदबूदार पानी निकलने की समस्या को भी गंभीर बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थलों पर आरओ प्लांट लगवाने की मांग की।
अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने घोषणा की कि आगामी 6 मई को जिला मुख्यालय फतेहगढ़ में एक बड़ी पंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इस अवसर पर नरेश चंद्र गंगवार, रामबरन यादव, निर्भय राजपूत, रामविलास पलिया, जयवीर राजपूत, सोबरन सिंह सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


