लखनऊ। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मौन पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा जीपीओ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा से लोकभवन तक आयोजित हुई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य लोगों ने वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा और पीड़ा झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। मौन पदयात्रा का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी की स्मृति को जीवित रखना और नई पीढ़ी को उस दौर की पीड़ा से परिचित कराना रहा।
लोकभवन पहुंचने के बाद आयोजित कार्यक्रम में विभाजन से प्रभावित विस्थापित परिवारों के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म के माध्यम से उस दौर के संघर्ष और पीड़ा को सामने रखा गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को भुलाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने नई पीढ़ी को इतिहास से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जनप्रतिनिधियों के साथ पंजाबी, सिख, सिंधी और बंगाली समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


