फर्रुखाबाद। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पतित पावनी मां गंगा के पावन घाट पर जिलाधिकारी के निर्देशन में साप्ताहिक योग अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला गंगा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न गंगा योद्धाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर योग के महत्व को आत्मसात किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि शरीर को ऊर्जा और स्फूर्ति से भी भर देता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि नियमित योगाभ्यास के माध्यम से व्यक्ति बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ और सक्रिय जीवन व्यतीत कर सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनियमित खान-पान और बदलती जीवनशैली के कारण अधिकांश लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं। ऐसे में प्रतिदिन योग करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा अनेक प्रकार की बीमारियों से बचाव संभव है। योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसकी शुरुआत प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों द्वारा की गई थी और आज इसकी उपयोगिता को पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है।
कार्यक्रम में योगाचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने उपस्थित लोगों को सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ताड़ासन, त्रिकोणासन, मकरासन, भ्रामरी तथा अनुलोम-विलोम सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योग और संतुलित जीवनशैली से शरीर को निरोग रखा जा सकता है तथा तनावमुक्त जीवन जिया जा सकता है।
इस अवसर पर समर्पण फाउंडेशन के अध्यक्ष रोहित दीक्षित, गंगा योद्धा दीक्षा, सुमित, घनश्याम, शुभम सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लेते हुए स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया।
विश्व योग दिवस पर पतित पावनी मां गंगा के तट पर हुआ सामूहिक योगाभ्यास, स्वस्थ जीवन का दिया संदेश


