फर्रुखाबाद। जुमेरात दूसरी मुहर्रम पर हर साल की तरह इस साल भी लाल सराय स्थित मस्जिद से शबीहे अलम वफादारे सरदारे अलमदारे कर्बला गाज़ी हज़रते अब्बास का आलम बरामद हुआ ।
इस मौके पर अंजुमन शमशीरे हैदरी क़े शायबे बयाज नयाब आब्दीज्ञने कलाम पढ़ा। शिया धर्म गुरु मौलाना सैयद फरहत अली ज़ैदी नें बयान किया 2 मुहर्रम नवासे रसूल इंसानियत को इस्लाम को बचाने कर्बला में वारिद हुए हुसैन इब्ने अली के काफिले में औरतें और बच्चे भी साथ थे हुसैन अ० स० कर्बला में ज़ालिम के जुल्म को मिटाने और शरीअते मोहम्मदी को बचाने आये थे इसलिए आज हुसैन घर घर है और यज़ीद का नामो निशान मिट गया और रहती दुनिया तक जो इमाम हुसैन के चाहने वालों से टकरायेगा उसका भी यही हशर होगा इस्लाम था इस्लाम है इस्लाम रहेगा।
अलम का जुलूस घुमना नेहरू रोडचौक चौराहा किराना बाजार पक्कापुल चौराहा तिकोना चौराहा से टाउन हॉल तिराहा होता हुआ रकाबगंज कला स्थित दरगाह दरगाह मौला हजरत अब्बास क़े रौजे पर मुकमल हुआ और वहाँ पर मजलिस हुई मजलिस को संबोधित किया मौलाना सैयद सदाकत हुसैन ने
जिसमे आल इंडिया शिया मुस्लिम महा सभा क़े जिलाध्यक्ष सैय्यद अम्मार अली ज़ैदी कांग्रेस जिलाध्यक्ष आफ़ताब हुसैन पूर्व नगर अध्यक्ष नफीस हुसैन सुनहरी मस्जिद सदर मुंनवर हुसैन हुसैनी टाइगर जिलाध्यक्ष मुन्तज़िर हुसैन ज़ैदी मसरत अली ज़ैदी रहबर आब्दी अली यावर ज़ैदी जावेद हुसैन इंतजार हुसैन मोहसिन काजमी पप्पन मियां वारसी मुदास्सर काजमी हुसैन अली ज़ैदी अली मोहम्मद शोएब ज़ैदी सैफ हुसैन यूसुफ ज़ैदी आदि लोग मौजुद रहे।
दूसरी मोहर्रम पर गाजी हजरते अब्बास का आलम बरामद , निकला जुलूस


