नाफेड के नए ई-ऑक्शन पोर्टल ‘नाफेक्स डॉट इन’ का शुभारंभ।
किसानों को सीधे भुगतान, पारदर्शिता और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित।
नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दलहन और तिलहन की खरीद व्यवस्था में व्यापक बदलाव की घोषणा की है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर किसानों को उनकी उपज का सीधा और लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को इस नई डिजिटल खरीद प्रणाली का शुभारंभ किया। इसके तहत राष्ट्रीय सहकारी विपणन संघ की नई ई-नीलामी प्रणाली सहित कई डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए गए, जिनका उद्देश्य खरीद, भंडारण, नीलामी और भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
नई व्यवस्था में अब दलहन और तिलहन की खरीद सीधे किसानों से की जाएगी और किसी भी मध्यस्थ की भूमिका नहीं रहेगी। किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। इसके लिए जिसमें एनसीसीएफ (राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ) एवं नाफेड (राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) दलहन की खरीद सीधे किसानों से करेंगे। सरकार का मानना है कि अब तक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था, क्योंकि खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका प्रमुख रही है। इसी कारण किसानों में दलहन-तिलहन की खेती के प्रति रुचि कम होती गई और देश को हर वर्ष भारी मात्रा में आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।अमित शाह ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में यह पूरी व्यवस्था गांव स्तर तक लागू कर दी जाएगी। इससे किसानों का भरोसा बढ़ेगा और उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।सरकार ने नाफेड के कारोबार को अगले दो वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और साथ ही लाखों किसानों को इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ने की योजना है, जिससे कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, उत्पादन और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।


