36 C
Lucknow
Monday, March 30, 2026

ब्रिटेन की अदालत से नीरव मोदी को झटका: प्रत्यर्पण रोकने की कोशिश फिर नाकाम, भारत को बड़ी कानूनी जीत

Must read

लंदन। नीरव मोदी को एक बार फिर ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने उनके उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भारत प्रत्यर्पण के मामले को दोबारा खोलने की मांग की थी।

अदालत ने साफ कहा कि इस मामले को दोबारा सुनवाई के लिए खोलने के लिए कोई नया या असाधारण आधार मौजूद नहीं है। इस फैसले के साथ ही नीरव मोदी की कानूनी राह और मुश्किल हो गई है।

नीरव मोदी पर भारत में करीब 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाला का आरोप है, जो देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जाता है।

इस मामले में भारत की ओर से केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने अदालत में मजबूत पक्ष रखा, जिसके आधार पर कोर्ट ने नीरव मोदी की याचिका खारिज कर दी।

गौरतलब है कि नीरव मोदी 2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद हैं और भारत सरकार 2018 से उन्हें वापस लाने के प्रयास कर रही है।

इससे पहले भी ब्रिटेन की अदालतें कई बार उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुकी हैं और उनकी कई अपीलें खारिज हो चुकी हैं।

हालांकि, बीच में कुछ कानूनी अड़चनें आई थीं, लेकिन अगस्त 2025 में वे भी दूर हो गई थीं, जिससे प्रत्यर्पण प्रक्रिया को और बल मिला।

नीरव मोदी ने अपनी याचिका में यह तर्क दिया था कि भारत में उन्हें सुरक्षित और उचित व्यवहार नहीं मिलेगा, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

कोर्ट ने माना कि भारत की न्यायिक व्यवस्था पर्याप्त है और वहां उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

इस फैसले को भारत सरकार के लिए एक बड़ी कानूनी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को गति मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अब नीरव मोदी के पास कानूनी विकल्प सीमित होते जा रहे हैं और भारत लाने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article