37.2 C
Lucknow
Thursday, March 12, 2026
Home Blog Page 98

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तार, अब 81 मेडिकल कॉलेज संचालित

0

– पहले केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, डबल इंजन सरकार में तेजी से बढ़ा मेडिकल शिक्षा का दायरा

लखनऊ ।उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है। राज्य में अब कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ वर्ष पहले तक प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज ही संचालित थे।

सरकार का कहना है कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया गया है। इसी नीति के तहत प्रदेश के अधिक से अधिक जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम हुआ है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण और संचालन से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है, बल्कि मेडिकल शिक्षा के अवसर भी बढ़े हैं। इससे स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार का दावा है कि अब प्रदेश के अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और भविष्य में डॉक्टरों की कमी को भी काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

सरकार ने कहा है कि आने वाले समय में भी स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए नई योजनाओं और परियोजनाओं पर काम जारी रहेगा।

गाली-गलौज का विरोध करने पर महिला से मारपीट का आरोप

0

– पीड़िता ने कोतवाली में दी तहरीर, पुलिस ने जांच शुरू की

मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लखरुआ में गाली-गलौज का विरोध करने पर एक महिला के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

गांव निवासी सूरजपाल की पत्नी देवकी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 6 मार्च 2026 की रात करीब 9:30 बजे गांव के ही गौरव पुत्र राधेश्याम, कारेलाल पुत्र कन्हैयालाल कठेरिया, पंडा व देवा पुत्र रमेश निवासीगढ़ उसके घर के दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।

महिला के विरोध करने पर आरोप है कि उक्त लोगों ने लात-घूंसों और लाठी-डंडों से मारपीट कर दी, जिससे उसके पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान प्रेमपाल की पत्नी सोनी ने भी गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।

घटना के बाद पीड़िता ने डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गया है। मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष, नारी सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बना उत्तर प्रदेश

0

मिशन शक्ति, रोजगार और कौशल विकास से बदली प्रदेश की बेटियों की तस्वीर

यूपी में दिन हो या रात, बहन-बेटियां भयमुक्त होकर घर से निकल रहीं

लखनऊ, 7 मार्च: उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम अब केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि महिलाओं की आजादी, सशक्तीकरण और स्वावलंबन का जीता जागता पर्याय हैं। योगी सरकार में पिछले 9 साल के भीतर महिला सशक्तीकरण की एक नई तस्वीर सामने आई है। सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के क्षेत्र में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति अभियान मील का पत्थर साबित हुआ। दिन हो या रात, बहन-बेटियां भयमुक्त होकर स्कूल या ऑफिस आ-जा रही हैं। प्रदेश में आज मातृशक्ति स्वतंत्र, आत्मनिर्भर, स्वस्थ और स्वावलंबी है।

मिशन शक्ति- महिला सशक्तीकरण की नई इबारत

प्रदेश सरकार की ये सबसे बड़ी उपलब्धि है कि महिलाएं भयमुक्त होकर जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2020 में मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत प्रदेश में 1694 एंटी रोमियो स्क्वायड सक्रिय हैं, जिन्होंने अब तक 1 करोड़ 18 लाख से अधिक सार्वजनिक स्थलों की चेकिंग की है और 4 करोड़ 52 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच की। इस दौरान 24,871 अभियोग दर्ज हुए और 33,268 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 1 करोड़ 64 लाख से अधिक लोगों को चेतावनी दी गई। सेफ सिटी योजना के अंतर्गत 17 नगर निगमों और गौतम बुद्ध नगर में 7,95,699 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए तथा 4,150 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। इन कदमों से महिलाओं के प्रति अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। मिशन शक्ति के प्रभाव से रेप, महिलाओं और बच्चों के अपहरण, दहेज हत्या व घरेलू हिंसा के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत तंत्र 

प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक संस्थागत ढांचा विकसित किया गया है। अब तक 44,177 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है और सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी शिकायतें सुनती हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 और आपातकालीन सेवा 112 के एकीकरण से त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में 9,172 महिला बीट सक्रिय हैं और करीब 19,839 महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। लखनऊ में 100 पिंक बूथ स्थापित किए गए, जहां 25,216 शिकायतें प्राप्त हुईं और इनमें से 24,659 मामलों का समाधान काउंसिलिंग के माध्यम से किया गया। मिशन शक्ति फेज-5 में 50 लाख लोगों को जागरूक किया गया।

कौशल और शिक्षा से बढ़ते अवसर

महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षा व कौशल विकास पर विशेष जोर दिया है। उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन के माध्यम से युवतियों को आईटी, हेल्थकेयर, फैशन डिजाइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस और रिटेल सहित लगभग 35 सेक्टरों में 1300 से अधिक जॉब रोल्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्रों में डिजिटल स्किल, सॉफ्ट स्किल और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि युवतियां आधुनिक अर्थव्यवस्था के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

आर्थिक भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि

9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36% पहुंची। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 9.11 लाख से अधिक समूहों, 63,519 ग्राम संगठनों एवं 3272 संकुल स्तरीय संघों का गठन करते हुए ग्रामीण क्षेत्र की 99 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया। लखपति महिला योजना के अन्तर्गत 33 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन किया गया और 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में आ चुकी हैं। बी.सी. सखी ने कार्य करते हुए रु. 40 हजार करोड़ से अधिक का वित्तीय लेनदेन किया। बी. सी. सखियों ने रु. 109 करोड़ का लाभांश अर्जित किया।

आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता महिला सशक्तीकरण

योगी सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि योजना प्रारंभ होने से लेकर अब तक मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 26.78 लाख और निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत 38.58 लाख से अधिक लाभार्थी हैं। वन स्टाप सेंटर से अब तक 2.39 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। 189 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 1100 पिंक शौचालयों का निर्माण किया गया। 181-महिला हेल्पलाइन योजना के अंतर्गत 8.42 लाख महिलाओं को सहायता मिली है।

हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना के अंतर्गत 28.63 लाख महिलाओं तथा बालिकाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। वीबी- जी राम जी में मानव दिवस सृजन में 2025-26 में महिला सहभागिता 42 प्रतिशत है, 23.51 लाख महिला श्रमिकों को रोजगार मिला। 14 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु वैक्सिनेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिस वैक्सीन की कीमत पहले लगभग 2100 रुपये थी, उसे कम करते हुए 300 रुपये तक लाया गया।

मौलाना की विवादित टिप्पणी पर लखनऊ में प्रदर्शन, छात्रों ने जलाया पुतला

0

– सीएम योगी आदित्यनाथ की मां पर टिप्पणी से भड़के छात्र नेता, हजरतगंज में किया विरोध प्रदर्शन

लखनऊ। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम की विवादित टिप्पणी को लेकर लखनऊ में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सीएम योगी आदित्यनाथ की मां पर की गई कथित टिप्पणी से नाराज छात्र नेताओं ने राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता अनुराग त्रिवेदी ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मौलाना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

आक्रोशित छात्र नेताओं ने हजरतगंज में अब्दुल्ला सलीम का पुतला जलाकर विरोध जताया। उनका कहना था कि किसी भी जनप्रतिनिधि या उनके परिवार के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना अनुचित है और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी। छात्र नेताओं ने मांग की कि विवादित बयान देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की टिप्पणी करने का साहस न कर सके।

प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में हलचल का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रित रही।

सड़कों और बजट को लेकर शिवपाल सिंह यादव का भाजपा सरकार पर हमला

0

– कहा— गड्ढे भरने के नाम पर पैसा लूटा गया, यह सबसे भ्रष्ट सरकार

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में सड़कों की मरम्मत और गड्ढे भरने के नाम पर भारी बजट खर्च दिखाया गया, लेकिन जमीन पर स्थिति वैसी ही बनी हुई है।

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने गड्ढे भरने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा किया, लेकिन अधिकांश सड़कों पर आज भी गड्ढे मौजूद हैं। उनका कहना है कि यह पैसा विकास कार्यों पर खर्च होने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 70 प्रतिशत बजट का हिस्सा सीधे-सीधे सरकार के लोगों ने ही ले लिया, जबकि जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिला।

सपा नेता ने कहा कि प्रदेश की जनता आज भी खराब सड़कों और अधूरे विकास कार्यों से परेशान है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा सरकार को देश की सबसे भ्रष्ट सरकार बताते हुए कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है, ताकि जनता को वास्तविक राहत मिल सके।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने थाना कम्पिल का किया वार्षिक निरीक्षण, अभिलेखों व व्यवस्थाओं का लिया जायजा

0

कंपिल, फर्रुखाबाद। जनपद की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने थाना कम्पिल का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई तथा अभिलेखों के रख-रखाव का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण, मिशन शक्ति केन्द्र, CCTNS कार्यालय, हवालात, पुलिस मैस, बैरक सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने थाना स्टाफ से अभिलेखों की स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा सभी रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर (एचएस), सक्रिय अपराधियों तथा टॉप-10 अपराधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए।

निरीक्षण के दौरान थाना क्षेत्र में लागू बीट प्रणाली को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बीट पुलिसकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने, आमजन से संवाद बढ़ाने तथा अपराध की रोकथाम के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग के संबंध में भी अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मियों को ईमानदारी, सतर्कता और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी सहित थाना कम्पिल के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।