फर्रुखाबाद। जनपद में एक घोषित भूमाफिया के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की मांग उठी है। अधिवक्ता विमलेश ने प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि अधिवक्ता संजीव यादव पुत्र बालकराम निवासी शरीफपुर छिछनी, थाना शमसाबाद, जनपद फर्रुखाबाद का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई किया जाना न्यायहित में आवश्यक है।
प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि गैंगस्टर एक्ट की धारा 2 (ख) के अंतर्गत वर्णित अपराधों में विधिसम्मत प्रक्रिया से भिन्न तरीके से स्थावर संपत्ति पर कब्जा करना, मिथ्या दावा करना अथवा अन्य के पक्ष में अवैध हक स्थापित करने जैसे कृत्य शामिल हैं। अधिवक्ता विमलेश का कहना है कि उक्त प्रावधानों के तहत आरोपी की गतिविधियां गंभीर प्रकृति की हैं।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि दिनांक 10 अप्रैल 2023 को जिलाधिकारी फर्रुखाबाद की अध्यक्षता में आरोपी को भूमाफिया घोषित किया गया था। साथ ही विभिन्न थानों में उसके विरुद्ध कई मुकदमे पंजीकृत होने का उल्लेख किया गया है। इनमें थाना शमसाबाद, कोतवाली कायमगंज तथा जनपद शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर में दर्ज मामले शामिल बताए गए हैं।
अधिवक्ता विमलेश ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कथित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित पक्ष का भी बयान उपलब्ध नहीं हो सका है।
फिलहाल मामला प्रशासनिक विचाराधीन बताया जा रहा है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घोषित भूमाफिया के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की मांग
बार एसोसिएशन तहसील सदर के सचिव अतुल मिश्रा का बयान: “माफिया अनुपम दुबे से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं”
फर्रुखाबाद। बार एसोसिएशन तहसील सदर के सचिव अतुल मिश्रा ने स्वयं पर लगाए जा रहे आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि उनका कथित माफिया अनुपम दुबे या उसके भाइयों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे एक अधिवक्ता हैं, कातिब (बैनामा लेखक) नहीं, और न ही उन्होंने कभी अनुपम दुबे या उसके परिजनों के बैनामे लिखे हैं।
अतुल मिश्रा ने जारी बयान में कहा कि वे तहसील सदर में बार के निर्वाचित पदाधिकारी हैं और सक्रिय रूप से वकालत करते हैं। उनका कार्य न्यायालय में अधिवक्ताओं और वादकारियों के हितों की पैरवी करना है। उन्होंने दो टूक कहा कि “मैं बैनामे लिखने वाला वकील नहीं हूं, बल्कि अधिवक्ता हितों और न्यायिक प्रक्रिया के सम्मान के लिए आवाज उठाने वाला अधिवक्ता हूं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीते रविवार को वे थाना कादरी गेट अधिवक्ता हित में पैरवी करने गए थे। इसका किसी भी आपराधिक तत्व या व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं था। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए बार पदाधिकारियों का थाने या प्रशासनिक कार्यालय जाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
हाल के घटनाक्रम में उनका नाम कथित रूप से माफिया तत्वों से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रचारित किए जाने को उन्होंने निराधार और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहें न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं, बल्कि बार एसोसिएशन की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती हैं।
अतुल मिश्रा ने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन पारदर्शी रहा है और वे लगातार अधिवक्ताओं के हितों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। यदि किसी के पास उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य है तो वह संबंधित मंच पर प्रस्तुत करे, अन्यथा बेबुनियाद आरोपों से परहेज किया जाए।
बार एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने भी अनौपचारिक रूप से कहा कि संगठन अपने पदाधिकारियों की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाना चाहिए।
कार ने बाइक सवार दंपती को मारी टक्कर, दोनों की दर्दनाक मौत
लखनऊ। राजधानी के बीबीडी इलाके में सोमवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा गोयल अस्पताल के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
मृतकों की पहचान देवेंद्र वर्मा और उनकी पत्नी सीता देवी के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर गति नियंत्रण और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करता है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित गति से वाहन चलाएं, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।
होलिका दहन की तैयारियां हुई पूरी
फर्रुखाबाद। होली पर्व को लेकर जनपद में उत्साह चरम पर है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक होलिका दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभिन्न मोहल्लों और गांवों में लकड़ी, उपले और पूजन सामग्री एकत्र कर ली गई है। प्रशासन की ओर से भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जनपद के कई प्रमुख स्थानों पर आज होलिका दहन किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस वर्ष चंद्र ग्रहण पूर्ण होने के बाद ही होलिका दहन का शुभ मुहूर्त माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण समाप्ति के उपरांत विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर होलिका प्रज्ज्वलित की जाएगी।
शहर के मोहल्ला घुमना, लाल दरवाजा, आवास विकास, रेलवे रोड सहित कई स्थानों पर समितियों ने व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ होलिका दहन की तैयारी की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन सतर्क है और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। लोग परंपरा के अनुसार नई फसल की बालियां अग्नि में अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। इसके बाद कल रंगोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
जनपदवासियों में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी भी तेज हो गई है। प्रशासन ने लोगों से आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की है।
होली पर नगर निगम की लापरवाही, कैसरबाग बालदा कॉलोनी में गंदगी के ढेर से लोग परेशान
लखनऊ। होली जैसे प्रमुख त्योहार के मौके पर जहां पूरे शहर में साफ-सफाई और विशेष व्यवस्थाओं के दावे किए जाते हैं, वहीं कैसरबाग स्थित बालदा कॉलोनी में नगर निगम की लापरवाही सामने आई है। कॉलोनी की सड़कों पर गंदगी के ढेर लगे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से नियमित सफाई नहीं की गई है। कूड़ेदान ओवरफ्लो हो चुके हैं और सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर जमा हैं। त्योहार के समय सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद थी, लेकिन हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि गंदगी के कारण बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। कई लोगों ने नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि त्योहार के अवसर पर साफ-सफाई प्राथमिकता होनी चाहिए थी, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने ध्यान नहीं दिया।
इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
त्योहार के समय स्वच्छता व्यवस्था की अनदेखी न केवल प्रशासनिक लापरवाही दर्शाती है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है। अब देखना होगा कि नगर निगम कब तक कार्रवाई करता है और कॉलोनीवासियों को राहत मिलती है।
होली समारोह: सीएम योगी ने रविकिशन को मंच से छेड़ा, सभा में गूंजे ठहाके
गोरखपुर। होली के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर सांसद व अभिनेता रवि किशन के बीच मंच पर हल्का-फुल्का संवाद चर्चा का विषय बन गया।
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए कहा, “रविकिशन तो कहीं भी नाच-गाकर पैसा कमा सकता है…”। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर सभा में मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे। खुद रविकिशन भी हंस पड़े और हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी।
होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मंच पर नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में रंगों और फूलों के साथ उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द, विकास कार्यों और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में होली के पर्व को भाईचारे और सद्भाव का प्रतीक बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। वहीं रविकिशन ने भी गोरखपुर की जनता का आभार जताया और कहा कि यह प्रेम और अपनापन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
होली के इस आयोजन में राजनीतिक रंग के साथ-साथ हास्य और अपनापन भी देखने को मिला, जिसने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।






