फर्रुखाबाद।
जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में मऊ दरवाजा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ई-रिक्शा चालक युवक को अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उप निरीक्षक यतेंद्र सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि तिकोना थाने के पास हरे रंग का ई-रिक्शा चला रहा एक युवक अपने पास अवैध तमंचा रखे हुए है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध तमंचा बरामद हुआ, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपना नाम आलोक कुमार पुत्र पप्पू निवासी मोहल्ला ढुइयां बताया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया और उसे न्यायालय में पेश कर चालान कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है और किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
ई-रिक्शा चालक अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई तेज
अदालत के आदेश पर बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, साढ़े तीन करोड़ की ठगी में मुकदमा दर्ज
फर्रुखाबाद।
जनपद में करोड़ों रुपये के निवेश से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फर्जी बैंक गारंटी और झूठे दस्तावेजों के सहारे कंपनी संचालित कर निवेश हड़पने के आरोप में अदालत के आदेश पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित दो अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले के अनुसार, पीड़ित मनोज कुमार दुबे पुत्र शांति स्वरूप दुबे, निवासी सिविल लाइन इटावा ने अदालत में दायर वाद में बताया कि रविंद्र प्रताप भदौरिया निवासी बेवर उनके संपर्क में आया। उसने अपनी कंपनी सर्च पावर एंड एंपावर स्किल प्राइवेट लिमिटेड को चलाने के लिए उनके परिसर में जगह मांगी, जिस पर दोनों के बीच ₹3 लाख मासिक किराया तय हुआ।
आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी जब किराया नहीं दिया गया और पीड़ित ने भुगतान की मांग की, तो आरोपी ने उन्हें कंपनी का डायरेक्टर बनाने का लालच दिया। इसके बाद कथित रूप से फर्जी बैंक आईडी और दस्तावेजों के आधार पर पीड़ित को कंपनी का डायरेक्टर दिखाया गया और उनसे करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का निवेश करा लिया गया।
पीड़ित का कहना है कि लंबे समय तक उन्हें निवेश पर कोई लाभांश नहीं मिला। जब उन्होंने इस संबंध में रविंद्र प्रताप से शिकायत की, तो आरोपी ने गुड़गांव स्थित देवी मंदिर परिसर में एक बैठक बुलाई, जहां उसने साफ तौर पर निवेश से ही इनकार कर दिया।
पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत मऊ दरवाजा थाने में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी अवगत कराया, फिर भी जब सुनवाई नहीं हुई तो न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में पुलिस ने आरोपी रविंद्र प्रताप भदौरिया और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। दस्तावेजों की सत्यता, बैंक गारंटी और कंपनी के संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर की दीवार तोड़ने के विवाद में बवाल, चार आरोपियों पर मारपीट व धमकी का मुकदमा दर्ज
फर्रुखाबाद।
कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र में मंदिर की दीवार तोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मारपीट और जान से मारने की धमकी तक पहुंच गया है। सिविल लाइन मड़ैया तिर्वा कोठी निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित संजय ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 17 अप्रैल की रात बैलगाड़ी के जरिए गरैया खारे स्थित मंदिर की चारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जब उसे इस घटना की जानकारी हुई तो उसने आरोपियों शीलू और उसके चचेरे भाई सुमित यादव पुत्र लाल सिंह यादव से इसकी शिकायत की और दीवार की मरम्मत कराने को कहा।
आरोप है कि इस बात पर दोनों आरोपी भड़क गए और गाली-गलौज करने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख पीड़ित वहां से चला गया, लेकिन बाद में आरोपियों के घर शिकायत करने पहुंचा। इसी दौरान शीलू और सुमित वहां से भाग निकले, लेकिन कुछ देर बाद अपने अन्य साथियों अमित यादव और लालू यादव को साथ लेकर वापस आए और आक्रामक हो गए।
चारों आरोपियों ने एकजुट होकर पीड़ित के साथ हाथापाई शुरू कर दी और उस पर ईंट-पत्थर बरसाने लगे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। हमले के दौरान पीड़ित किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकला।
घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में तहरीर दी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अमित, सुमित, लालू और शीलू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सितारों की सियासत पर बयान, कमल हासन का बड़ा दावा
तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म जगत के रिश्तों पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अभिनेता और नेता कमल हासन ने कहा है कि वे दिग्गज नेताओं और कलाकारों एम. जी. रामचंद्रन और शिवाजी गणेशन की गोद में खेले हैं, लेकिन उन्होंने कभी उनके प्रभाव या लोकप्रियता का व्यक्तिगत लाभ नहीं उठाया।
कमल हासन ने यह बयान एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में फिल्मी सितारों का बड़ा प्रभाव रहा है, लेकिन उनकी अपनी राजनीतिक यात्रा स्वतंत्र सोच पर आधारित रही है। उनके इस बयान को राज्य की सियासत में सितारा प्रभाव और विरासत की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
लोको रोड पर दबंगों का कहर, युवक पर लाठी-डंडों से हमला, जान से मारने की धमकी
फर्रुखाबाद।
जनपद के कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र में एक बार फिर दबंगों के हौसले बुलंद नजर आए। लोको रोड स्थित एक युवक पर दिनदहाड़े हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोको रोड फतेहगढ़ निवासी अभिषेक प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय विजयपाल सिंह अपने घर के बाहर झाड़ू लगा रहे थे। तभी अचानक वहां विक्रम सिंह गहलवार निवासी दुर्गा कॉलोनी अपने दो अज्ञात साथियों के साथ पहुंचा। बिना किसी पूर्व विवाद के ही आरोपियों ने अभिषेक पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया।
हमले के दौरान अभिषेक को जमीन पर गिरा दिया गया, जिसके बाद आरोपियों ने लात-घूसों से जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अभिषेक को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वह बुरी तरह सहम गया। किसी तरह वह खुद को बचाकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन आरोपी विक्रम सिंह ने उसका मुंह पकड़कर उसे धक्का दे दिया।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे रिशु यादव पुत्र सुरेंद्र सिंह ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव किया और अभिषेक को हमलावरों से बचाया। स्थानीय लोगों के जुटने की आहट पाकर आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन जाते-जाते जान से मारने की धमकी देकर दहशत फैलाने की कोशिश की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पीड़ित की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपी विक्रम सिंह गहलवार सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शरद पवार अस्पताल में भर्ती, नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए मुंबई के निजी अस्पताल में ले जाया गया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार को स्वास्थ्य जांच के लिए मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 85 वर्षीय वरिष्ठ नेता को दो दिन पहले ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, शरद पवार को नियमित चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल लाया गया है और उनकी स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है। डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
गौरतलब है कि शरद पवार हाल के दिनों में भी स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं और इस वर्ष फरवरी में भी उन्हें पुणे के एक अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था।
पिछले कुछ समय से उनकी सेहत को लेकर लगातार चर्चा रही है, हालांकि वे सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय बने हुए हैं। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है और जल्द ही उनके स्वास्थ्य अपडेट की उम्मीद है।






