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Friday, March 6, 2026
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महादेवी वर्मा की जयंती पर प्रतिमा स्थल बनेगा साहित्यिक चेतना का केंद्र, जुटेंगे जिले भर के साहित्यकार

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फर्रुखाबाद। नगर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था अभिव्यंजना के तत्वावधान में छायावादी युग की महान कवयित्री महादेवी वर्मा की जयंती पर इस वर्ष भी भव्य आयोजन किया जाएगा। फाल्गुनी पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार प्रातः 9 बजे रेलवे रोड स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा।

संस्था के संयोजक संजय गर्ग तथा पदाधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी उपस्थित रहेंगे। उनके साथ नगर एवं जनपद के अनेक साहित्यकार, कवि, शिक्षाविद और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे। आयोजन को लेकर साहित्यिक जगत में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकार महादेवी वर्मा के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। वक्ताओं द्वारा उनके साहित्यिक अवदान, मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत काव्यधारा तथा नारी चेतना के स्वर पर प्रकाश डाला जाएगा। संस्था पदाधिकारियों ने नगरवासियों एवं साहित्य प्रेमियों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।

गौरतलब है कि वर्ष 1907 में महादेवी वर्मा का जन्म नगर के गणेश प्रसाद मोहल्ले में हुआ था। उनका बाल्यकाल मध्य प्रदेश में व्यतीत हुआ, जबकि वैवाहिक जीवन उन्होंने इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) में बिताया। किंतु जन्मभूमि से उनका गहरा आत्मिक संबंध बना रहा। यही कारण है कि नगर के साहित्यकार उन्हें अपनी प्रेरणा-श्रोत मानते हैं और उनकी जयंती को साहित्यिक उत्सव के रूप में मनाते हैं।

महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य के छायावादी युग की प्रमुख स्तंभ मानी जाती हैं। उनकी रचनाओं में करुणा, संवेदना, आध्यात्मिकता और नारी अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। वे केवल कवयित्री ही नहीं, बल्कि शिक्षाविद, समाजसेवी और साहित्यिक चेतना की अग्रदूत भी थीं। हिंदी साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

नगर में लंबे समय से सक्रिय साहित्यिक संस्थाएं महादेवी वर्मा की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए समय-समय पर गोष्ठियों, काव्य पाठ और विचार विमर्श का आयोजन करती रही हैं। जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि महादेवी वर्मा जैसी विभूतियां किसी एक शहर या प्रदेश की नहीं, बल्कि समूचे राष्ट्र की धरोहर होती हैं। उनका जीवन और साहित्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।

डा. अंबर के निवास पर होगी श्रद्धा समर्पण संगोष्ठी
फर्रुखाबाद। महीयसी महादेवी वर्मा जयंती के मौके पर देश के जाने-माने कवि मंच संचालक साहित्यकार डॉ शिव ओम अंबर के निवास पर श्रद्धा समर्पण गोष्ठी का आयोजन सोमवार को महादेवी स्मृति पीठ के तत्वावधान में सुबह ग्यारह बजे से एक बजे तक होगा।
यह जानकारी देते हुए डा.अंबर ने ने बताया कि इस मौके पर युवा साहित्यकार राघव शुक्ला की पुस्तक का विमोचन होगा। वरिष्ठ कवियत्री भावना ने भी स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा संस्था के कवि काव्यपाठ करेंगे।

स्वच्छता, राष्ट्रभक्ति व सायबर सुरक्षा का संदेश

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फर्रुखाबाद। डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल एवं बाल विहार पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में स्वक्षता, राष्ट्र भक्ति और सायबर सुरक्षा का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष अम्बिका प्रसाद त्रिवेदी, प्रबन्धक राकेश कुमार,सभासद अनिल तिवारी ने मॉं सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में गणेश वंदना, सरस्वती वंदना, जल संरक्षण पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, स्वच्छ भारत पर आधारित नृत्य प्रस्तुति, मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग के दुष्परिणामों पर आधारित नृत्य प्रस्तुति कर सभी को सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जादूगर के एस गोगा ने अपने जादू के माध्यम से देशभक्ति एवं सामाजिक विषयों पर सीख दी। विजय यादव ने छात्र छात्राओं की प्रस्तुतियों पर छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों की प्रशंसा की।
जिला युवा अधिकारी शिखर रस्तोगी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज इस विद्यालय में आकर मुझे मेरे बचपन की याद आ गई छोटे बच्चों में इस तरह के सुंदर संस्कार आज बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
इस अवसर भारतेन्दु नाट्य अकादमी के सदस्य सुरेंद्र पाण्डेय, राहुल वर्मा, प्रशांत , अमित सक्सेना, अंकित गुप्ता, विशाल श्रीवास्तव, सुशांत, अनीता श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।कार्यक्रम संचालन युवा साहित्यकार वैभवसोमवंशी ने किया ।

त्यौहार की पूर्व संध्या बाजारों में हो रही भीड़

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फर्रुखाबाद। होली पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर नगर के मुख्य बाजारों में भीड़ उमड़ती रही। लोगों ने त्यौहार की तैयारी में जमकर खरीदारी की बाजारों में रंग की दुकान सजे होने के कारण होली आ जाने का माहौल दिखाई दे रहा है।
नगर के पला बाजार लिंजीगंज तथा मुख्य बाजारों में खरीदारी का क्रम चलता रहा वहीं नमकीन और मिठाई की दुकानों पर भी लगी रही मिठाई की दुकानों पर रेडीमेड भुजिया और नमकीन की दुकानों पर जमकर बिक्री का क्रम देखा जा रहा है। बाजार में गन्ने और गेहूं की बालियों की दुकान भी सजी हुई हैं।

जुर्म सम्राट दुर्दांत माफिया अनुपम दुबे ने अपनों पर ही ढाया कहर

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सगे चाचा को 21 गोलियां मार किया था मौत के हवाले, चचेरे भाई के खीचें थे नाखून

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जुर्म और जरायम की दुनिया का दो दसक तक बेताज बादशाह रहा यूपी का टॉप १० माफिया अनुपम दुबे जीवन भर सर्वाधिक अपने ही सजातीयों पर कहर बरपाता रहा। कभी उसने अपने गैंग और भाईयों के साथ सगे चाचा और चाची को ताबडतोड़ गोलियों से भून मौत के घाट उतारा तो कभी उसने अपनी सगी चचेरी बहनों को घर से बेदखल कर दिया। कभी चचेरे भाईयों के बर्बरता पूर्वक नाखून खींच उन्हें अपने खौफ के मायाजाल में भयजदा किया तो कभी गरीब शर्मा बंधुओं को गोलियों से भून मौत के घाट उतारा।
जुर्म की दुनिया का भयाभय चेहरा अनुपम दुबे केवल मार-काट का चेहरा ही नही रहा उसने अपने पडोसियों और कई सजातीयों के घरों की बेटियों के हाथों में मेहदी नही सजने दी। अपने पैत्रक गांव में तो किसी बेटी को हवस का ऐसा शिकार बनाया कि अपने घर की दीबार तोडकर उसका घर ही खुद में मिला लिया और पूरी जवानी उसके हाथ पीले नही होने दिये।
माफिया अनुपम दुबे सीएम योगी की जीरो टालरेंस कार्यवाही में करीब ८२ संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमों और ठेकेदार समीम हत्याकांड में मुख्य आरोपी करार होने के बाद मथुरा की जेल में आजीवन कारावासा की सजा भुगत रहा है तो हाल ही में उसके अपराध के साथी रहे सगे भाई अनुराग दुबे डब्बन और ब्लाक प्रमुख अमित दुबे बब्बन सहित उनके गैंग के ११ बदमाश भी गैगस्टर एक्ट में सलाखों के पीछे हैं।
कोतवाली फतेहगढ़ के समीप माफिया अनुपम दुबे ने अपने भाईयों के दम पर अधिवक्ता रहे संजय मिश्रा के बेशकीमती मकान को न केवल कब्जा किया बल्कि उन्हें सपरिवार जिला छोडने पर मजबूर कर दिया। छिवरामऊ जनपद कन्नौज के चचेरे भाई ऋषभ दुबे पर बर्वर हमले किये यहां तक कि उसके नाखून तक खींचकर उसे अधमरा कर दिया था। जिसका आजतक कोई सुराग नही लगा। सगे चाचा कौशल किशोर दुबे व चाची $कृष्णा दुबे की बर्वता पूर्वक हत्या की। फतेहगढ़ के चर्चित वकील राजीव बाजपेई पर कचहरी प्रांगण में ही कई बार जानलेवा हमले कराये। चलती ट्रेन से पुलिस इंस्पेक्टर को हत्या कर फेंक देने जैसे सनसनीखेज रिकार्ड भी बनाये।
माफिया और उसके गैंग के खौफ के कारण पीडितों ने खुलकर शिकायतें नही की थी।
कन्नौज, फर्रूखाबाद, मैनपुरी अंचल में वर्षो से चर्चित इस गैंग ने सरकारी गैर सरकारी जमीनों पर ताबडतोड कब्जे किये। पडोसी जनपद कन्नौज के थाना सौरिख क्षेत्र में चपुन्ना स्थित करोड़ों की सरकारी जमीन फर्जी अभिलेखों में चढ़वाकर अपने रिश्तेदार धर्मेन्द्र त्रिपाठी उसकी बहू नेहा त्रिपाठी संग गैंग बनाकर कानून व्यवस्था को तार-तार किया।
फतेहगढ़ डबल मर्डर में आज भी बुजुर्ग पिता सदमें में
फतेहगढ़ कोतवाली के निकट गरीब पान विक्रेता के बेटे रज्जन शर्मा और बिन्नू शर्मा को बर्वरता पूर्वक गोलियों से माफिया अनुपम दुबे ने न केवल भून मौत के घाट उतारा था। बल्कि उस दर्ज मुकदमें में फाइनल रिपोर्ट भी अपने प्रभाव के चलते लगवा ली थी। आज तक यही नही पता लगा कि उन दोनों ब्राम्हण समाज के उभरते युवाओं को माफिया के भाईयों ने नही तो किसने मौत के घाट उतारा। छिवरामऊ के अंकित दीक्षित को मौत के घाट उतारा। फतेहगढ के राजीव मिश्रा की जमीन कब्जा कर ली। अपने साथी नॉन प्रक्टिशनर वकील भोलेपुर निवासी अवधेश मिश्रा के जरिए न जाने कितने सजातीयों को झूठे मुकदमों में फंसवाकर उनका आर्थिक शोषण कराया। अपने गैंग के जरिए न जाने कितनी जमीनों पर कब्जे किये।
सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए सेल गठित
शासन प्रशासन ने माफिया पर कार्यवाही करते हुए उसके गैंग पर शिकंजा कसा है। वहीं सोशल मीडिया पर उसके समर्थन और माहौल बनाने वालों के लिए निगरानी मीडिया सेल का गठन किया है।

माफिया अनुपम दुबे की बढ़ी मुश्किलें, 21 साल पुराने दोहरे हत्याकांड की जांच दोबारा शुरू

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सगे चाचा की बेटी राधिका की सरकार ने की सुनवाई, चाचा कौशल किशोर और चाची कृष्णा देवी की गोलियों से भून की थी निर्मम हत्या
यूथ इंडिया संवाददाता
मैनपुरी, फर्रुखाबाद। पडोसी जनपद मैनपुरी के वेवर थाना स्थित गांव नवीगंज में वर्ष २००५ में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में पुर्नविवेचना के आदेश दिये गये है। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस के आलाधिकारियों ने दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू करने की स्वीकृति दे दी है। यह फैसला मृतक दंपत्ति की बेटी राधिका पत्नी सौरभ मिश्रा की गुहार के बाद हुआ है।
घटना ६ अगस्त २००५ की है जब नवीगंज निवासी और माफिया अनुपम दुबे पुत्र स्व० महेश चन्द्र के सगे चाचा कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में माफिया अनुपम दुबे उसके भाई अनुराग दुबे डब्बन साथी कर्नलगंज कोतवाली फतेहगढ निवासी बॉबी जाटव गांव सासापुर निवासी सरोज शर्मा, नरेन्द्र काली व दन्नाहार मैनपुरी निवासी लालू पाण्डेय को अभियुक्त बनाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच की और माफिया अनुपम दुबे के प्रभाव के कारण साक्ष्य न मिलने का हवाला देते हुए ५ फरवरी २००६ में न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
करीब १९ वर्ष बाद मृतक कौशल किशोर दुबे की बेटी राधिका पत्नी सौरभ मिश्रा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और पुन: जांच की मांग की। उसने दलील दी कि घटना के समय वह व उसके भाई बहन नावालिग थे। इसलिए पहले न्याय के लिए संघर्ष नही कर सके अब वयस्क होने पर उसने मामले को फिर से उठाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मैनपुरी कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुर्नविवेचना की अनुमति दे दी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अपराध कभी समाप्त नही होता और सत्य की खोज के लिए जांच अधिकारी स्वतंत्र है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस अधीक्षक मैनपुरी ने पुर्न: विवेचना की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब नये सिरे से साक्ष्य जुटाने, पुराने गवाहों के वयान दर्ज करने और तकनीकि तथ्यों की समीक्षा की जायेगी।
पीडित परिवार को न्याय की उम्मीद जगने के बाद उनका कहना है कि इतने वर्षो बाद भी उन्हें न्याय की आस थी। पुन: जांच शुरू होने से उम्मीद जगी है कि सच्चाई सामने आयेगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
गैगस्टर एक्ट में बंद डब्बन, जल्द बी वारंट
गैगस्टर एक्ट में इन दिनों माफिया अनुपम दुबे का अपराधी भाई अनुराग दुबे डब्बन फतेहगढ जेल में बंद है। सगे चाचा चाची की हत्या के मुकदमें में पुर्न: विवेचना के आदेश के बाद पुलिस द्वारा बी वारंट लिया जाना तय है। इसके बाद माफिया और उसके भाईयों की मुश्किलें बढऩी तय है। इसके अलावा माफिया के बाहर घूम रहे गैंग पर भी कड़ी कार्यवाही के लिए पुलिस ताना बाना बुन रही है। माफिया के पैरोकारों पर शासन की फर्रूखाबाद से लेकर मैनपुरी तक नजर है। दिवंगत कौशाल किशोर दुबे के बेटे सीतू दुबे ने बताया कि उन्हें व परिवार को माफिया गैंग से लगातार खतरा है।

पदोन्नति व अधिष्ठान परिवर्तन की मांग को लेकर एमओसीएच चिकित्सकों का सत्याग्रह शुरू

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कन्नौज। प्रदेश के अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य (एमओसीएच) ने पदोन्नति एवं अधिष्ठान परिवर्तन की मांग को लेकर सत्याग्रह शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जनपद कन्नौज में भी चिकित्सकों ने काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. देवदत्त राजपूत ने बताया कि एमओसीएच की नियुक्ति आयुर्वेद विभाग से की गई थी, जबकि वर्तमान में वे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्य कर रहे हैं। इस विसंगति के कारण उनकी पदोन्नति बाधित हो रही है और सेवा संबंधी लाभ प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश संगठन की ओर से कई बार शासन स्तर पर ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि यदि अधिष्ठान परिवर्तन और पदोन्नति की मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश संघ के निर्देशानुसार आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सत्याग्रह के दौरान डॉ. अमित, डॉ. कुलदीप, डॉ. चित्रा, डॉ. कृष्णकांत और डॉ. अर्पणा सहित अन्य चिकित्सकों ने समर्थन देते हुए काला फीता बांधकर कार्य किया और शासन से शीघ्र समाधान की मांग की।