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Friday, March 6, 2026
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इमली दरवाजा में तरावीह की नमाज में कुरान मुकम्मल, अमन-चैन की मांगी दुआ

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शमसाबाद। कस्बे के मोहल्ला इमली दरवाजा स्थित इस्लाम कुरैशी के आवास पर रमजान माह के पावन अवसर पर तरावीह की नमाज का एहतिमाम उनके छोटे भाई रिज़वान कुरैशी की ओर से किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी रही और पूरा माहौल इबादत व रूहानियत से सराबोर नजर आया।

मुफ्ती रिज़वान मजहरी के शागिर्द-ए-खास कारी दानिश रज़ा ने तरावीह की नमाज पढ़ाई। दसवीं तरावीह में कुरान-ए-पाक मुकम्मल किया गया, जिस पर उपस्थित लोगों ने अल्लाह का शुक्र अदा किया। कुरान मुकम्मल होने की खुशी में एक महफिल का आयोजन भी किया गया।

महफिल में हाफिज अजमल ने नाते पाक पेश की, जबकि हाफिज ज़ीशान ने मनकबत गौसे आज़म पढ़कर समां बांध दिया। इसके बाद मुफ्ती रिज़वान मजहरी ने रमजान की फजीलत, कुरान की बरकत और तरावीह व रोजे की अहमियत पर तकरीर करते हुए कहा कि रमजान का महीना रहमतों और बरकतों का महीना है। यह वही महीना है जिसमें कुरान-ए-पाक नाजिल हुआ।

उन्होंने कहा कि वह लोग बेहद खुशनसीब हैं, जिन्हें तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने का मौका मिला। यह हमारे नबी का सदका है कि हमें अल्लाह का कलाम सुनने और समझने की तौफीक मिलती है। अल्लाह तआला ने खुद फरमाया है कि “हमने ही इस कुरान को नाजिल किया है और हम ही इसकी हिफाजत करने वाले हैं।”

मुफ्ती साहब ने आगे कहा कि तरावीह अभी खत्म नहीं हुई है। तरावीह में कलाम-ए-पाक सुनना अलग सुन्नत है और पूरे माह तरावीह अदा करना अलग सुन्नत है। उन्होंने सभी मुसलमानों से रोजा रखने, इबादत करने और अल्लाह के हुक्मों पर चलने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआ की गई। इस अवसर पर सलमान अहमद (प्रधान प्रत्याशी, न्यामतपुर भुक्सी), तासीन सलमानी, छंगे सलमानी, मुजाहिद उवैसी, इरफान, नाजिर खान, ज़ीशान कुरैशी, राशिद वारसी, डॉ. सुहेल, मोहम्मद उवैस सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

स्कूल में धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, प्रदर्शनी में बच्चों के अद्भुत प्रोजेक्ट आकर्षण का केंद्र

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शमशाबाद (फर्रुखाबाद): विकासखंड शमशाबाद क्षेत्र के ग्राम सुल्तानगंज खरेंटा स्थित सत्य भारती स्कूल में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) बड़े ही उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर (school campus) में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान से जुड़े मॉडल, चार्ट और प्रयोग आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक नाज़िर खान ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सलमान अहमद तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विजय कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने अपने अद्भुत और रचनात्मक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की जमकर सराहना की।

विद्यार्थियों ने विज्ञान के महत्व पर भाषण एवं कविताएं प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया। प्रधानाध्यापक नाज़िर खान ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान हमारे जीवन का अभिन्न अंग है और विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही समाज और राष्ट्र को प्रगति की ओर अग्रसर करता है।

शिक्षिका भारती राजपूत ने दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि विज्ञान के बिना आधुनिक जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। शिक्षक ताज मोहम्मद ने महान वैज्ञानिकों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को प्रेरित किया कि वे उनके आदर्शों से सीख लेकर आगे बढ़ें। हर्षकांत सिंह, गौरी पटेल एवं ऐसाब खान ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें विज्ञान को समझने और प्रयोगों के माध्यम से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्य अतिथि सलमान अहमद एवं डॉ. विजय कुमार ने कहा कि विज्ञान ही देश की प्रगति का आधार है। बच्चों को नवाचार और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, तभी भारत विश्व में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकेगा। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट की प्रशंसा करते हुए विद्यालय की सराहना की।

अनियंत्रित कार की टक्कर से नीलगाय की मौत, चालक वाहन छोड़कर फरार

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शमशाबाद (फर्रुखाबाद): कायमगंज–फर्रुखाबाद मार्ग पर शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम धमगमा के निकट तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार (uncontrolled car) की टक्कर से एक नीलगाय की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद घबराया कार चालक (driver) वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

जानकारी के अनुसार नीलगाय सड़क पार कर रही थी, तभी तेज गति से आ रही कार उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नीलगाय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। शमशाबाद थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की और कार को कब्जे में ले लिया। वाहन के आधार पर चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

पशु चिकित्सा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक नीलगाय की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि मृत नीलगाय का पोस्टमार्टम कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कार दुर्घटना की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पोस्टमार्टम की कार्रवाई समाचार लिखे जाने तक जारी थी।

मुखबिर की सूचना पर पांच जुआरी नगदी सहित गिरफ्तार, ताश की गड्डी बरामद

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शमशाबाद (फर्रुखाबाद)। क्षेत्र में जुआ खेलने की बढ़ती गतिविधियों पर अंकुश लगाते हुए शमशाबाद थाना (Shamshabad Police Station) पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर पांच जुआरियों को गिरफ्तार (arrested) किया है। पुलिस ने मौके से हजारों रुपये की नगदी और ताश की गड्डी बरामद की है। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आवश्यक कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार शमशाबाद क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में जुआ खेलने के शौकीन लोग फड़ लगाकर हजारों रुपये के दांव लगा रहे थे। इस खेल में कोई हजारों जीत रहा था तो कोई हजारों का नुकसान उठा रहा था। इसी बीच किसी मुखबिर ने थाना पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग फड़ लगाकर जुआ खेल रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और पांच लोगों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शाहरुख, ज्ञान प्रकाश, शैलेंद्र राजपूत (निवासी मोहल्ला दलमीर खां, कसाई टोला, इमली दरवाजा) तथा सुरजीत कुमार (निवासी मोहल्ला ताड़ वाली हवेली) सहित एक अन्य शामिल है।

पुलिस ने मौके से ताश की गड्डी बरामद की। जमा तलाशी में आरोपियों के पास से 1670 रुपये तथा फड़ से 2150 रुपये की नगदी बरामद हुई। बरामद धनराशि को कब्जे में लेकर आरोपियों को थाने लाया गया।

थानाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के घर जाने वाला रास्ता बंद, पुलिस-प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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शमसाबाद (फर्रुखाबाद): नगर पंचायत क्षेत्र में किसानों के घर जाने वाला रास्ता बंद किए जाने का मामला सामने आया है। रास्ता अवरुद्ध होने से पीड़ित किसानों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने पुलिस और प्रशासन से हस्तक्षेप कर मार्ग खुलवाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार नगर पंचायत के मोहल्ला पलिया निवासी पृथ्वीराज, संतराम, विजेंद्र और रछपाल सहित कई किसानों के मकान पलिया जाने वाले मार्ग की ओर स्थित हैं। आरोप है कि नगर पंचायत के मोहल्ला दलमीर खान निवासी एक व्यक्ति ने उक्त रास्ते को बंद कर दिया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

पीड़ित किसानों का कहना है कि रास्ता बंद होने के कारण उन्हें खेतों और घरों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बनी हुई है। कई बार आपसी स्तर पर समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बन सकी।

मामले को लेकर किसानों ने उपजिलाधिकारी कायमगंज को शिकायती पत्र देकर न्याय की मांग की है। इसके साथ ही थाना दिवस में भी प्रार्थना पत्र देकर रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई गई है। पुलिस ने मामले में जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है, जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर मार्ग को खुलवाने और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

जाँच एजेंसियों का निष्पक्ष होना आवश्यक

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(डाॅ. चन्दर सोनाने-विनायक फीचर्स)

दिल्ली की विशेष सीबीआई कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सभी अन्य आरोपियों को आरोप तय होने से पहले ही आरोप मुक्त कर दिया। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की आबकारी नीति में सीबीआई ने केजरीवाल को 176 और सिसोदिया को 530 दिन जेल में रखा था। जिस केस में ये जेल में रहे, उसे कोर्ट ने आरोप तय करने के लायक भी नहीं माना !

सीबीआई की विशेष कोर्ट के जस्टिस जितेन्द्र सिंह ने इस संबंध में कहा कि लोक सेवक को बिना सबूत के आरोपी बना दिया गया है। जाँच अधिकारी की जाँच की जाए। कोर्ट ने कहा कानूनी तौर पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है, जिससे गंभीर संदेह बनता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि बिना स्वीकार्य सबूतों के आरोपियों को आपराधिक मुकदमे में घसीटना न्याय का दूरूपयोग और आपराधिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा।

सीबीआई की विशेष कोर्ट का उक्त निर्णय यह बताता है कि सीबीआई हो या अन्य कोई जाँच एजेंसी, उनका निष्पक्ष होना प्रजातंत्र के लिए जरूरी है ! सामान्यतः सत्ता में बैठे लोग विपक्षी दलों की सरकारों को गिराने में और उसे बदनाम करने में इन जाँच एजेंसियों का दुरूपयोग करते आ रहे है।

देश में सरकार किसी की भी हो, वे विपक्षी दलों की सरकारों को बदनाम करने में जाँच एजेंसियों का उपयोग करती आ रही है। इसका लंबा इतिहास है। जब देश में श्रीमती इंदिरा गाँधी की सरकार थी, तब उन्होंने भी सीबीआई सहित सभी जाँच एजेंसियों का जमकर दुरूपयोग किया। वर्तमान की भाजपा सरकार भी इस मामले में कांग्रेस से अलग नहीं है, बल्कि उससे चार कदम आगे ही है !

राज्य हो या केन्द्र, किसी भी सरकार के लिए सक्षम विपक्ष प्रजातंत्र के लिए जरूरी है। विपक्ष यदि सक्षम होगा तो वह सरकार पर नकेल डाल सकेगा और सरकारें गलत फैसले लेने से बचती रहेगी। किन्तु अब ऐसा हो नहीं रहा है। यह प्रजातंत्र के लिए खतरा है।

दिल्ली की शराबनीति से जुड़े मामले में लंबी जाँच, गिरफ्तारियां और राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप के बाद जब अदालतें कई आरोपियों को राहत देती है या सबूतों की कमजोरी पर सवाल उठाती है, तो बहस केवल एक केस तक सीमित नहीं होती। यह बहस उस बड़े सवाल में बदल जाती है कि क्या भारत की राजनीति में आरोप ही सजा बनते जा रहे हैं ! दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया जैसे नेताओं पर कार्रवाई, जेल और हाल ही में न्यायिक राहत, इस पूरे क्रम ने एक बार फिर यह यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है कि जाँच एजेंसियों, न्यायिक प्रक्रिया और राजनैतिक नैरेटिव के बीच संतुलन कहाँ है ?

अन्ततः यह बहस किसी एक पार्टी की जीत या हार की नहीं है। यह उस लोकतांत्रिक संतुलन की बहस है, जिसमें एजेंसियाँ स्वतंत्र रहे, राजनीति जवाबदेह रहे और न्यायिक प्रक्रिया समयबद्ध हो। आरोप जरूरी हो सकते हैं, पर लोकतंत्र की मजबूती इस बात में है कि अंतिम सत्य आरोप नहीं, बल्कि प्रमाण और न्यायिक निष्कर्ष तय करें।

देश के प्रजातंत्र में अनेक उतार-चढ़ाव आते रहे हैं। समय साक्षी है। सबका हिसाब-किताब होता है। देश के प्रजातंत्र के हित में यह जरूरी है कि देश की सभी जाँच एजेंसियां निष्पक्ष हो और अपने दायरे में रहकर कार्य करें, तभी प्रजातंत्र जिंदा रह सकेगा।

(विनायक फीचर्स)