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Wednesday, April 22, 2026
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कलान तहसील परिसर में लगे दोनों वाटर कूलर एक साल से खराब,भीषण गर्मी में कैसे बुझे फरियादियों की प्यास

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तहसील प्रशासन अपनी ही नाक के नीचे बनी पेयजल की समस्या का समाधान करवाने में साबित हो रहा अक्षम,फरियादी उड़ा रहे उपहास

मिर्जापुर (शाहजहांपुर) कलान तहसील परिसर में तहसीलदार न्यायालय और तहसील के मुख्य द्वार के समीप लाखों की लागत से अधिकारियों और वादकारियों की प्यास बुझाने के लिए लगवाई गईं दोनों रेफ्रिजरेटेर कोल्ड वाटर मशीने पिछले एक साल से खराब पड़ी हुई हैं।
तहसील में अपनी समस्याएं लेकर आने वाले फरियादियों और एसडीएम/तहसीलदार कोर्ट में मुकदमों की पैरवी के लिए आने वाले वादकारी तहसील परिसर में पेयजल की अन्य कोई व्यवस्था नहीं होने से इस भीषण गर्मी में बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
फरियादियों का कहना है कि तहसील में प्रतिमाह सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। किंतु तहसील के अधिकारियों की नाक के नीचे एक साल से बंद ठंडे पानी की बंद पड़ी मशीने ठीक करवाने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।
तहसील के अधिवक्ताओं का कहना है कि डीएम के सम्पूर्ण समाधान दिवस में तहसील परिसर में खराब पड़े दोनों वाटर कूलर को ठीक करवाए जाने के लिए ज्ञापन दिया गया था। तब दोनों वाटर कूलरों की मरम्मत करवाई गई थी। जो दो चार दिन पानी देने के बाद पुनः खराब हो गए हैं।
फरियादियों और वादकारियों का कहना है कि अधिकारी तो बाजार से ठंडे पानी की बोतल मंगवाकर अपनी प्यास बुझा लेते हैं। किंतु गांव के गरीबों को पानी खरीदकर पीना बहुत मुश्किल होता है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन का उपहास उड़ाते हुए कहा कि तहसील क्षेत्र के बाशिंदों की समस्याओं के सम्पूर्ण समाधान के लिए आयोजित होने वाले सम्पूर्ण समाधान दिवसों में तहसील के अधिकारियों/कर्मचारियों के खुद के पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। तब यह ग्रामीणों की समस्याओं का गुणवत्ता पूर्ण समाधान कैसे करवा पाएंगे ?

मंत्री ने सर्किट हाउस का निरीक्षण कर समय से पूर्ण कराने के दिए निर्देश,,

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निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष रखा जाए ध्यान: प्रभारी मंत्री

शाहजहांपुर 18 अप्रैल। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग/ प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अपराजिता सिंह के लखनऊ–बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट ग्राम सरायखास में निर्माणाधीन सर्किट हाउस परियोजना का निरीक्षण किया। यह परियोजना की लगभग 22.23 करोड़ रुपये से निर्माण कराया जा रहा है। इस सर्किट हाउस 10 वीआईपी सुइट, डोरमेट्री, हेलीपैड पार्क, आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम और नवीनतम हाई-टेक सुविधाओं से युक्त बनाया जा रहा है। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कार्य में तेजी लाकर समय से पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।
इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता महेंद्र पाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जनपद के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में विकास भवन में विकास कार्य, राजस्व वसूली एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित

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शाहजहाँपुर, 18 अप्रैल। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा जनपद के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में विकास कार्य, राजस्व वसूली एवं कानून व्यवस्था कानून व्यवस्था सकी समीक्षा बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं की वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचते हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ अपराजिता सिंह द्वारा विकास कार्यों के प्रगति के संबंध में बताया गया।
जनपद में विभिन्न प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में संतोषजनक प्रगति हुई है। अतिरिक्त ऊर्जा/विकास क्षेत्र के अंतर्गत संचालित योजनाओं में जनपद ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ग्रेड ‘ए’ प्राप्त किया है। मंत्री ने निर्देश दिए कि अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (स्प्रिंकलर) के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य पूर्ण कर लिए गए हैं।
मंत्री ने विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आगामी आने वाले समय में गर्मियों में विद्युत आपूर्ति निर्धारित समय अनुसार उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा इसके लिए अभी से विद्युत विभाग पूरी तैयारी कर ले।

मंत्रीजी ने मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिन्हें आगामी तीन माह की निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद में कृषकों को वितरित किए गए बीजों के जांच करे।औ
माननीय मंत्री जी ने आबकारी, स्टांप, खनन, जीएसटी, मंडी बिजली आदि विभागों के राजस्व वसूली के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने लक्ष्य के सापेक्ष वसूली करना सुनिश्चित करें।

मंत्री ने कानून व्यवस्था की जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने गैंगस्टर जिला बदर गुंडा एक्ट आदि अपराधियों के संबंध में मंत्री जी को अवगत कराया। मंत्री ने निर्देश दिए कि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विवेचनाएं समय से पूर्ण होनी चाहिए।
मंत्री ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण एवं निर्धारित समय से पूर्ण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी नीतियों पर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक में मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का अच्छे से पालन कराया जाएगा।

इस अवसर पर पुवायां विधायक चेतराम, तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा, कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डीपीएस राठौर, जिला अध्यक्ष कृष्ण चंद्र मिश्रा, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे ।

उत्तर प्रदेश के प्रभारी मंत्री ने रोजा मंडी में गेहूं क्रय केन्द्रों का किया निरीक्षण

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शाहजहांपुर 18-04-2026 नरेन्द्र कश्यप,राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार, पिछड़ वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश/प्रभारी मंत्री जनपद-शाहजहाँपुर द्वारा जनपद भ्रमण के दौरान रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत रौजा मण्डी में विभिन्न क्रय संस्थाओं द्वारा स्थापित गेहूँ क्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय विपणन शाखा द्वारा संचालित गेहूं क्रय केन्द्र रौजा मण्डी प्रथम पर गेहूँ क्रय सम्बन्धी समस्त व्यवस्थायें पूर्ण पायी गयीं। कृषक गुरविन्दर सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम-रक्सा, जनपद-शाहजहाँपुर के द्वारा लाये गये लगभग 100-00 कुंतल गेहूँ की तौल होती हुई पायी गयी। मंत्री द्वारा कृषक से वार्ता की गयी, तो कृषक द्वारा बताया गया कि केन्द्र प्रभारी से पूर्व में टोकेन प्राप्त कर अपना गेहूँ विक्रय हेतु निर्धारित प्रपत्रों सहित आया है, उसे अपना गेहूँ विक्रय किये जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है और वह शासकीय व्यवस्था से पूर्णतः संतुष्ट है, अपनी उपज का विक्रय कर लाभकारी मूल्य प्राप्त कर रहा है। मंत्री को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) / जिला खरीद अधिकारी, शाहजहाँपुर द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 17-04-2026 तक 895 कृषकों के माध्यम से 7326-790 मी०टन गेहूँ की खरीद हो चुकी है। मण्डियों में संचालित गेहूं क्रय केन्द्रों पर बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे केन्द्र जिन पर गेहूँ की आवक प्रारम्भ हो गयी है, को भी बोरे उपलब्ध करा दिये गये है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी, शाहजहाँपुर द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में बोरों की व्यवस्था प्रगतिमान है। उचित दर विक्रेताओं एवं अन्य जनपदों से प्राप्त बोरों के अतिरिक्त खाद्य आयुक्त कार्यालय द्वारा जैम पोर्टल के माध्यम से बोरा क्रय कर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे ससमय समस्त केन्द्रों को उपलब्ध कराते हुए कृषकों से गेहूँ खरीद सुनिश्चित करायी जायेगी, किसी भी कृषक को गेहूँ विक्रय से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। सरकार की मंशानुरूप अधिकाधिक कृषकों को समर्थन मूल्य योजना से लाभान्वित किये जाने हेतु खाद्य विभाग प्रयासरत एवं तत्पर है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को गेहूं बेचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो और उनका समय से गेहूं मूल्य का भुगतान मिले। गेहूं खरीद बेहतरीन तरीके से हो।

100 करोड़ के घोटालेबाज आखिर कब पकड़े जाएंगे?

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लाल घेरे में 100 करोड़ घोटाले के आरोपी डाक्टर मनोज कुमार मिश्रा,,

 

100 करोड़ के आरोपी नगर स्वास्थ्य अधिकारी प्रमुख सचिव के पीछे पीछे घूमते रहे

यह कैसी जीरो टॉलरेंस की नीति आरोप पत्र जारी होने के बाद भी खुलेआम घूम रहे आरोपी,,

शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में कथित करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. गौतम के कार्यकाल में हुए इस घोटाले की प्राथमिक जांच में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। शासन स्तर से जनपद में दौरे पर आए आए प्रमुख सचिव के निरीक्षण में 100 करोड़ के घोटालेबाज डाक्टर मनोज मिश्रा प्रमुख सचिव के पीछे पीछे घूमते रहे। सूत्रों के अनुसार सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे करीब 12 कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें एकाउंटेंट चंद्र प्रकाश, डॉ. अंसार, डॉ. आसिफ अली, स्टोर इंचार्ज गोविंद स्वर्णकार, प्रशासनिक अधिकारी राम किशोर गौतम, एकाउंटेंट संजय बाबू और चीफ फार्मासिस्ट पवन गुप्ता सहित अन्य के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामले में नाम आने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच पूर्व सीएमओ आर.के. गौतम और डॉ. अंसार सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि डॉ. आसिफ अली और डॉ. मनोज मिश्रा अभी भी जनपद में तैनात हैं। वहीं स्टोर इंचार्ज गोविंद स्वर्णकार ने अपना तबादला बरेली करा लिया, जबकि चीफ फार्मासिस्ट पवन गुप्ता को पुवायां अटैच कर दिया गया है। मामले को लेकर चर्चा है कि यदि आरोपियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे विभाग में रहते हुए जांच को प्रभावित भी कर सकते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर करोड़ों के इस घोटाले के जिम्मेदारों पर शिकंजा कब कसेगा। स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लग सके।

गेहूं खरीद धीमी, बोरे की कमी से किसानों को हो रही परेशानी

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अमेठी जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया इस समय गंभीर बाधाओं का सामना कर रही है। बोरे की कमी के कारण कई क्रय केंद्रों पर तौल कार्य प्रभावित हो गया है, जिससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करने के बाद बिना बिक्री किए वापस लौटने को मजबूर हैं।

जिले में इस वर्ष 30,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 106 क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 100 केंद्र स्थापित भी हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक केवल 98 किसानों से 792.55 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही हो पाई है, जो तय लक्ष्य की तुलना में बेहद कम है।

विभिन्न एजेंसियों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। खाद्य विभाग को 17,900 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक केवल 762.90 मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी है। पीसीएफ और मंडी समिति जैसे महत्वपूर्ण एजेंसियों ने अभी तक कोई खरीद दर्ज नहीं की है, जबकि पीसीयू और यूपीएसएस की खरीद भी बेहद सीमित रही है।

सबसे बड़ी समस्या बोरे की अनुपलब्धता बताई जा रही है, जिसके कारण कई केंद्रों पर तौल प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। इससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उन्हें समय व श्रम दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति सुधारने के लिए मोबाइल टीमों का गठन किया है, लेकिन इसका प्रभाव अभी सीमित ही दिखाई दे रहा है।

डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने स्वीकार किया कि शुरुआती चरण में बोरे की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही सभी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त बोरे उपलब्ध कराकर खरीद प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।