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Thursday, May 14, 2026
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ग्रेजुएट के लिए निकली टैक्स इंस्पेक्टर की नौकरियां, तुरंत करें आवेदन

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ग्रेजुएशन कर सरकारी नौकरी (Government Jobs)  की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। इन कैंडिडेट्स के लिए टैक्ट इंस्पेक्टर (Tax Inspector) के पदों पर भर्तियां निकली हैं। यह वैकेंसी गुजरात लोक सेवा आयोग की ओर से निकाली गई है। एप्लीकेशन प्रोसेस 12 अगस्त से शुरू है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट gpsc.gujarat.gov.in के जरिए 31 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि चयन कैसे किया जाएगा।

टैक्स इंस्पेक्टर (Tax Inspector) के कुल 300 पदों पर भर्तियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में मान्य होंगे। डाक या अन्य माध्यमों से किए गए आवेदन मान्य नहीं होंगे। अप्लाई करने से पहले कैंडिडेट जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन को जरूर पढ़े।

आवेदन की योग्यता

आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। वहीं आवेदक की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के कैंडिडेट को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट भी दी गई है।

आवेदन

– GPSC की आधिकारिक वेबसाइट gpsc.gujarat.gov.in पर जाएं।
– होम पेज पर दिए गए अप्लाई के टैब पर क्लिक करें।
– अब मेल आईडी आदि दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें।
– डाक्यूमेंट्स अपलोड करें और फीस जमा कर सबमिट करें।

तीन चरणों में होगा चयन

टैक्स इंस्पेक्टर (Tax Inspector) के पदों पर आवेदकों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू। प्रारंभिक परीक्षा कुल 200 नंबरों की होगी और इसमें सफलअ अभ्यर्थी मेन्स एग्जाम में शामिल होंगे। मुख्य परीक्षा कुल 400 नंबरों की होगा। एग्जाम में गुजराती भाषा, अंग्रेजी भाषा, सामान्य अध्ययन से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे और परीक्षा का समय तीन घंटे का होगा।

सैलरी

फाइनल सिलेक्शन इंटरव्यू में मिले नंबरों के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को पांच साल तक 49,600 रुपए प्रति माह सैलरी दी जाएगी। उसके बाद वेतन 39,900-1,26,600 रुपए तक दिया जाएगा।

जिला अधिकारी के निर्देश पर टीकाकरण करने गई टीम पर हमला

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यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डा०बी०के० सिंह के निर्देश पर बाढ़ से प्रभावित गांवों में पशुओं के टीकाकरण करने के निर्देश दिए गए थे। जिसको लेकर डिप्टी सीवीओ पूरन चंद के निर्देश पर पशु मित्र रामदीन पुत्र रामस्वरूप निवासी बिरसिंहपुर थाना राजेपुर बाढ़ क्षेत्र के पशुओं को टीका लगाने के लिए थाना क्षेत्र के मडैया तौफीक गांव में गए हुए थे। टीकाकरण करते समय गांव के ही ओमपाल पुत्र गुलाब सिंह से कहासुनी होने लगी जिसको लेकर युवक गंदी-गंदी गालियां देने लगा। विरोध करने पर गुस्साए दबंग के द्वारा पशु मित्र पर जान लेबा हमला करते हुए लाठी डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया जिससे पशु मित्र के काफ़ी चोटें आई। डिप्टी सीईओ के साथ पहुंचकर पीडि़त ने थाने में तहरीर दी है। वही दबंग आरोपी ने पीडि़त को धमकी दी कि अगर थाने में शिकायत की तो अंजाम भुगतने को तैयार रहना।
थाना अध्यक्ष ने घायल को मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर भेजा है। बताया है आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी

ठगी के शिकार पीडि़त लामबंद, माफिया अनुपम दुबे और उसके गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले में माफिया अनुपम दुबे और उसके गुर्गों की ठगी के शिकार तमाम पीडि़त अब एकजुट होकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि अनुपम दुबे के खास गुर्गे अनूप सिंह उर्फ रच्छू ठाकुर ने लोगों को ठगी का शिकार बनाते हुए जमीनों के फर्जी बैनामे कर लाखों रुपये की लूट की है। इस ठगी से जमा की गई राशि का उपयोग माफिया अनुपम दुबे की कानूनी पैरवी के लिए किया गया है।
पीडि़तों का आरोप है कि अनूप सिंह ने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर कई लोगों को अपने जाल में फंसाया और उनकी जमीनें हड़प लीं। इन जमीनों के फर्जी बैनामे कराए गए, जिससे ठगी के शिकार लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस लूट से अर्जित धन का इस्तेमाल अनुपम दुबे की कानूनी पैरवी के लिए किया गया, जिसमें वकीलों को हाईकोर्ट में पैरवी के लिए लाखों रुपये की फीस अदा की गई। पीडि़तों ने बताया कि इस पूरे षड्यंत्र में विमलेश दुबे, जो अनुपम दुबे का सरदार माना जाता है, ने भी अहम भूमिका निभाई है। विमलेश ने ठगी से अर्जित धन को कानूनी लड़ाई में लगाने के लिए अनुपम की मदद की। इस ठगी की घटनाओं के बाद पीडि़तों में भारी आक्रोश है और वे पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है और पीडि़तों के बयान दर्ज कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। जिले में इस घटना ने हडक़ंप मचा दिया है और ठगी के शिकार लोगों का कहना है कि वे अब चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। पुलिस और प्रशासन पर इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

श्री राम, लक्ष्मण,सीता के नाम जमीन के फर्जी प्रपत्र तैयार कर 150 बीघा जमीन बाबा ने अपने नाम कराई

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यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। प्रदेश में सरकार के द्वारा भू माफियाओं के ऊपर कार्रवाई की जा रही है। फिर भी माफिया सेंध लगा ही देते हैं। थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव तुषौर निवासी राजीव सिंह उर्फ लल्ला पुत्र रामदेव ने बताया कि वह डीएम एसपी एसडीएम तहसीलदार को लगभग 1 दर्जन से अधिक प्रार्थना पत्र दे चुका है। लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। पीडि़त के द्वारा बताया गया कि तुषौर, गांधी, गाजीपुर, के गांव के ग्रामीणों ने जमीन दान में श्री ठाकुर रामचंद्र जी महारानी सीता और लक्ष्मण जी के नाम कर प्रबंधक के तौर पर बाबा रमन दास के चेला स्वामी ब्रह्मानंद के संरक्षण में कर दी थी। वही रमन दास नहीं अपनी चल अचल संपत्ति कृष्ण दास के नाम 2016 में वसीयत कर दी 2018 में अमृतपुर तैनात प्रदीप कुमार के द्वारा दान की गई जमीन कृष्ण दास के नाम कर दी गई। पीडि़त ने आरोप लगाया कि भगवान राम की जमीन को ही अधिकारियों की मिली भगत के कारण छीन ली गई। अब वह चक्कर लगा रहा है। पीडि़त ने बताया की इच्छा को 75 घाटा संख्या पर भगवान शंकर के नाम स्थान पर तू सुर में खड़े नीम के पेड़ यूके लिप्टिस के पेड़ 195000 में पेड़ बेच दिए गए। नहीं तहसीलदार लेखपाल ग्राम प्रधान को बताया गया और पेड़ गवां कर दिए गए सरकारी जमीन से पेड़ों को काटकर बाबा के द्वारा बिक्री कर लिया गया अधिकारी हाथ मलते नजर आए। प्रदेश में माफियाओं के विरोध सरकार के द्वारा अभियान चलाकर कार्रवाइयों की जा रही हैं। इसके बावजूद भी भगवान राम की जमीन पर ही डाका पड़ रहा है। बताया जा रहा है। कि बाबा के लिंक बड़े राजनेताओं से बताया जा रहे हैं। देखने वाली बातें होती है कि भगवान राम को न्याय मिल पाता है कि नहीं।

देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ

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Yogi Adityanath
Yogi Adityanath

लखनऊ । बीते साढ़े सात साल में उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा को बदलने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) एक बार फिर देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री बनकर उभरे हैं। प्रतिष्ठित मीडिया समूह के ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे में योगी को नंबर वन सीएम के तौर पर जनता ने चुना है। देशभर में 1.36 लाख से अधिक जनता के बीच हुए सर्वे में 33 प्रतिशत से अधिक लोगों ने योगी को बेस्ट सीएम माना है। योगी इस सर्वे में लगातार तीसरी बार देश के बेस्ट चीफ मिनिस्टर चुने गये हैं। वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बहुत पीछे हैं।

‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे में देश के 30 राज्यों की जनता से सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के बारे में पूछे गये सवालों में योगी आदित्यनाथ को सर्वाधिक मत मिले हैं। जनता से पूछा गया कि वो किसे देश का सबसे बेहतरीन मुख्यमंत्री मानते हैं, इसपर 33 प्रतिशत से अधिक लोगों ने योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नाम पर अपनी मुहर लगाई है। इस सर्वे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मात्र 13.8 प्रतिशत लोगों ने लोकप्रिय माना है, जबकि पश्चिम बंगाल की सीएम लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं। उन्हें 9.1 प्रतिशत लोगों ने समर्थन दिया।

वहीं चौथे नंबर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन हैं, जिन्हें 4.7 प्रतिशत मत मिला। इसी तरह पांचवें नंबर पर आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू हैं, जिन्हें 4.6 फीसदी लोगों ने समर्थन दिया। इस लिस्ट में महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया, असम के हिमंता बिस्वा सरमा, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी कुछ हद तक समर्थन मिला है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बीते साढ़े सात साल में कानून-व्यवस्था से लेकर रोड कनेक्टिविटी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मिशन मोड में कार्य किया। इसके साथ ही यूपी को उद्योग प्रदेश बनाने में जुटे योगी ने यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए 40 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त करके नया कीर्तिमान रचा है। इसके अलावा दो करोड़ युवाओं को रोजगार और साढ़े छह लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देकर भी योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपनी लोकप्रियता में इजाफा किया है।

UP Constable Exam: पहली पाली की परीक्षा समाप्त, देखें कैसा आया पेपर

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Constable Exam
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यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (UP Constable Exam) पहले दिन पूरी सख्ती के साथ आयोजित की गई। अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया। जूत उतरवाकर तलाशी ली गई। पहले दिन की पहली शिफ्ट में प्रयागराज में परीक्षा केंद्र से निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने कहा कि प्रश्न पत्र आसान था। कइयों ने पेपर को औसत बताया। उन्होंने कहा कि सामान्य ज्ञान के प्रश्न आसान थे।

पेपर में जीएसटी, विश्व डाक दिवस, इंडियन नेशनल कांग्रेस, गृह मंत्रालय का प्रमुख, आतंकवाद, थंडर ड्रैगन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से जुड़े प्रश्न पूछे गए। बहुत से अभ्यर्थियों ने बताया कि रीजनिंग के प्रश्नों को पढ़ने में लंबा समय लगा। प्रश्न का साइज बड़ा था।

UP Police Constable Exam Question Paper : यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पूछे गए ये प्रश्न, कैसा आया पेपर

– भारत के किस पड़ोसी देश को थंडर ड्रैगन की भूमि के नाम से जाना जाता है?

– निम्न में कौन सा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं है?- फेसबुक, गूगल, ट्विटर व इंस्टाग्राम।

– क्रोएशिया की राजधानी कहा हैं

– इंडियन नेशनल कांग्रेस की स्थापना कब हुई थी।

– विश्व डाक दिवस कब मनाया जाता है।

– वित्तीय स्थिरता बोर्ड एफएसबी क्या करता है?

– संविधान का कौन सा भाग राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत से जुड़ा है

– पल्लव राजवंश की राजधानी कहां थीं

– कौन सी रेखा फ्रांस और जर्मनी के बीच है।

– पुस्तक ए लाइफ मिसस्पेंट किसके द्वारा लिखी गई थी

UP Constable Exam: पेपर लीक की अफवाह फैलाने पर सपा नेता पर एफआईआर दर्ज

– 1946 के विमुद्रीकरण के दौरान आरबीआई का गवर्नर कौन था

– आसमान के नीलेपन का कारण क्या है

– चिकनकारी कढ़ाई शैली की उत्पत्ति यूपी में कहां से हुई।

– महासागरी अम्लीकरण का प्रमुख कारण क्या है ?

– रमन सुब्बा राव जिनका हाल में निधन हुआ, किस खेल से जुड़े थे

– बीआरई की फुल फॉर्म क्या है।

– एनएचआरसी की फुल फॉर्म क्या है

– अफ्रीका के आरपार दौड़ने वाले पहले व्यक्ति कौन थे।

– प्रेमसागर किसकी रचना है।

– प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी का नाम क्या है।

– परमाणु ऊर्जी के उत्पादन के लिए कौन सा तत्व जरूरी है।

– द स्कार्लेट लेटर किसने लिखी।

– जीएसटी का ब्रांड एम्बेसडर किसे चुना गया।

– विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) किस मंत्रालय के तहत आता है।

– नोएडा यूपी के किस जिले में आता है।

– जीएसटी पंजीकरण केलिए थ्रेशोल्ड सीमा क्या है

— पहली बार राष्ट्रीय कृषि नीति कब घोषित की गई?

– भारत का पहला हवाई अड्डा कहां पर स्थित था?

– निम्न सीरीज में गलत संख्या ज्ञात कीजिए
1, 12, 144, 1782, 20736

ए. 12. बी. 20736, सी. 1782 . डी 144

– अगर आप शुरुआत में पश्चिम की ओर मुंह करके 270 डिग्री दक्षिणावर्त मुड़ते हैं तो अब आप किस दिशा में मुंह करके खड़े हैं ?
पूर्व, दक्षिण., पश्चिम या उत्तर पश्चिम।

– निम्न में से कौन सी आकृति बाकी से अलग है ?

वर्ग, गोला, वृत, त्रिकोण