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Friday, April 10, 2026
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हलषष्ठी पर्व 25 अगस्‍त को मनेगा, संतान की दीर्घायु के लिए व्रत रखेंगी माताएं

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harchat vrat
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भगवान श्रीकृष्ण के अग्रज बलदाऊजी का प्रकटोत्सव हलषष्ठी पर्व (हरछठ) (Halshasthi) 25 अगस्त को मनाया जाएगा। हरछठ का व्रत संतान की दीर्घ आयु और उनकी सम्पन्नता के लिए किया जाता है। माताएं संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर पूजा करेंगी।

उदयातिथि से 25 अगस्त को

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी 25 अगस्त को है। इसे बलराम जयंती और ललही छठ (Halshasthi)  के नाम से भी जाना जाता है। साल में तीन बार छठ का पर्व मनाया जाता है। इसमें ललही छठ, चैती छठ और कार्तिक माह में आने वाली बड़ी छठ शामिल है।

हिंदू धर्म में संतान की तरक्की, सुख-शांति के लिए छठ का पर्व खास माना गया है। ज्योतिषाचार्य दुबे के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 24 अगस्त को दोपहर 12:38 बजे शुरू होगी।

अगले दिन 25 अगस्त को सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर समापन होगा। सप्तमी से जुड़ी तिथि पर हलषष्ठी (Halshasthi)  मनाई जाती है। इसलिए 25 अगस्त को ही हलषष्ठी व्रत मनाया जाएगा।

कुलदीप यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए शेन वार्न को दी श्रद्धांजलि

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Kuldeep Yadav
Kuldeep Yadav pays tribute to Shane Warne

एक स्पिनर के तौर पर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav ) ने हमेशा दिवंगत ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वॉर्न (Shane Warne) को अपना आदर्श माना है और पहले भी अपनी गेंदबाजी शैली पर दिवंगत दिग्गज के महत्वपूर्ण प्रभाव के बारे में बात की है। शुक्रवार को भारतीय लेग स्पिनर ने इंस्टाग्राम पर एक दिल को छू लेने वाले संदेश के साथ अपने आदर्श को श्रद्धांजलि दी।

कुलदीप (Kuldeep Yadav )  ने इंस्टाग्राम पर लिखा, शेन की गेंदबाजी…हमेशा और हमेशा के लिए।

अपने करियर के शुरुआती दौर में, कुलदीप एक तेज गेंदबाज के रूप में बड़े हुए और पाकिस्तान के प्रतिष्ठित तेज गेंदबाज वसीम अकरम एक युवा के रूप में उनके आदर्श थे। जब उनके कोच ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न की नकल करने की सलाह दी, तो उन्होंने स्पिन गेंदबाजी करना शुरू कर दिया।

आईसीसी रिव्यू के एक पुराने एपिसोड में, कुलदीप (Kuldeep Yadav ) ने बताया था कि कैसे वॉर्न पिछले साल अपनी मृत्यु से पहले अक्सर उन्हें स्पिन गेंदबाजी के बारे में सलाह देते थे। अब भी, कुलदीप कुछ अतिरिक्त प्रेरणा पाने के लिए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर के पुराने वीडियो देखते हैं।

आईसीसी रिव्यू में कुलदीप के हवाले से कहा गया, अगर मुझे कोई संदेह है (मैं कैसे गेंदबाजी कर रहा हूं), तो मैं उनके पुराने एक्शन को देखता हूं। मुझे लगता है कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मैंने उनके साथ कुछ समय बिताया और उनका अच्छा दोस्त रहा। मैं उन्हें टेलीविजन पर देखता था और देखता था कि वह कैसे बल्लेबाजों को आउट करते हैं और उनकी योजना कैसी होती है। वह मानसिक रूप से काफी मजबूत थे। जब मैं सिडनी में खेला, तो उन्होंने मेरी काफी मदद की। मैंने उनसे गेंदबाजी सीखी और वह ऐसे व्यक्ति हैं जिनका मैंने हमेशा अनुसरण किया है।

कुलदीप ने भारत के लिए कुल 12 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 53 विकेट लिए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/40 रहा है। उन्होंने धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया, जहां उन्होंने पहली पारी में 68 रन देकर 4 विकेट लेकर प्रभावित किया।

कुलदीप अभी महत्वपूर्ण बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए कमर कस रहे हैं, जो 22 नवंबर को पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में शुरू होने वाली है। दूसरा टेस्ट, जो 6-10 दिसंबर को एडिलेड ओवल में होना है, स्टेडियम की रोशनी में रोमांचक दिन-रात प्रारूप में खेला जाएगा। इसके बाद, 14-18 दिसंबर तक खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट के लिए ब्रिस्बेन में गाबा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

पारंपरिक बॉक्सिंग डे टेस्ट 26-30 दिसंबर तक प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर होगा, जो श्रृंखला का अंतिम चरण होगा। पांचवां और अंतिम टेस्ट 3-7 जनवरी तक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर होगा, जो एक रोमांचक श्रृंखला का उपयुक्त समापन होगा।

भारत का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में अपना शानदार रिकॉर्ड जारी रखना होगा, जिसने 2018-19 और 2020-21 में वहां आयोजित पिछली दो सीरीज़ जीती हैं। इस बार सीरीज़ जीतना ऑस्ट्रेलियाई धरती पर जीत की ऐतिहासिक हैट्रिक होगी।

इंदिरा गांधी के लिए फ्लाइट हाईजैक करने वाले भोलानाथ पांडेय का निधन

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Bhola Pandey
Bhola Pandey

बलिया। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्लेन हाईजैक कर दुनियाभर में चर्चा में आए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक भोला पाण्डेय (Bhola Pandey) का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के गोमती नगर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे।

भोला पाण्डेय (Bhola Pandey) वर्ष 1980 से 1985 तथा 1989 से 1991 तक दो बार कांग्रेस के टिकट पर बलिया जिले के द्वाबा विधानसभा क्षेत्र (अब बैरिया) से विधायक रहे। इसके पहले 1978 में इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में उन्होंने दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर क्रिकेट की गेंद दिखाकर प्लेन हाईजैक कर लिया था।

इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इस घटना से भोला पाण्डेय (Bhola Pandey) काफी चर्चा में रहे थे। बाद में इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें रिहा किया गया।

केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए LG ने दी मंजूरी, CBI ने मांगा वक्त

गांधी परिवार के करीबी रहे भोला पाण्डेय (Bhola Pandey) युवा कांग्रेस में भी विभिन्न पदों पर चुके थे। उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के वे प्रभारी भी रहे। बाद में उन्होंने सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाई। बलिया जिले के ग्राम मून छपरा के निवासी भोला पाण्डेय कांग्रेस के टिकट पर तीन बार सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े लेकिन एक बार भी जीत हासिल नहीं कर सके।

केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए LG ने दी मंजूरी, CBI ने मांगा वक्त

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Arvind Kejriwal
Arvind Kejriwal

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत को सूचित किया कि उसे कथित शराब घोटाला मामले से संबंधित भ्रष्टाचार के एक मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) और आप विधायक दुर्गेश पाठक के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। यह दलील विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष दी गई, जिन्होंने मामले की सुनवाई 27 अगस्त को तय की।

मामले में केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 27 अगस्त को खत्म होने वाली है। अदालत ने 12 अगस्त को मामले में केजरीवाल और पाठक के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के लिए सीबीआई  (CBI) को 15 दिन का समय दिया था। इस मामले में पहले ही सीबीआई (CBI)  को जांच की मंजूरी मिल चुकी है।

बता दें, अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की सीबीआई (CBI) मामले में गिरफ्तारी पर दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई होनी थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।

सीबीआई (CBI) ने मामले में और वक्त मांगा, जिसके बाद अदालत ने 5 सितंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी। इस दौरान सीबीआई (CBI) ने केजरीवाल की जमानत का विरोध किया था।

जमीन और महिलाओं का दलाल बना चीनू ठाकुर, होमगार्ड के घर में चला रहा सेक्स रैकेट

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों और महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों के बावजूद, प्रदेश में कुछ ऐसे लोग हैं जो महिला उत्पीडऩ जैसी घृणित गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे हैं। फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर क्षेत्र का रहने वाला चीनू ठाकुर भी ऐसे ही लोगों में से एक है, जो न केवल जमीन का दलाल बन गया है, बल्कि महिलाओं का भी शोषण कर रहा है।
चीनू ठाकुर का नाम पहले भी विवादों में रहा है। उसे अपने ही एक दोस्त की पत्नी के साथ झगड़े के मामले में गांव से भगा दिया गया था। इसके बाद वह पांचाल घाट चौकी क्षेत्र के दीनदयाल बाग में आकर बस गया। यहाँ उसने सडक़ों के किनारे जमीन खरीदने का काम शुरू कर दिया और धीरे-धीरे अपने आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
जमीनों की धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियाँ
चीनू ठाकुर ने चांदपुर गांव के एक कटियार दंपति को धोखे में डालकर उनकी जमीन को बेच डाला। इसके बाद से उसने अपने आपराधिक कार्यों को जारी रखा और फर्रुखाबाद में तैनात एक होमगार्ड के घर में शरण ले ली। यहीं से उसने सेक्स रैकेट चलाना शुरू कर दिया, जो अब भी जारी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, चीनू ठाकुर ने उस घर में दो महिलाओं को रखा है जो सेक्स रैकेट चला रही हैं, जबकि घर का मालिक, जो उत्तर प्रदेश होमगार्ड में तैनात है, इन गतिविधियों को नजरअंदाज कर रहा है। इसके अलावा, चीनू ठाकुर गुंडे और बदमाश प्रवृत्ति के लोगों को भी इस घर में लेकर आता है, जिससे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
इस मामले में एक और गंभीर पहलू यह है कि होमगार्ड की बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसका संबंध भी इन आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। आसपास के करीब एक दर्जन लोगों ने इन आरोपों की पुष्टि की है और प्रशासन से इस मामले की जांच करने की मांग की है।
चीनू ठाकुर के खिलाफ यह गंभीर आरोप एक बार फिर से महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हैं। इस तरह के मामलों पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें और अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस मामले में तत्काल जांच कर सख्त कदम उठाने चाहिए।

कायमगंज नगर पालिका भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी राम सिंह को हाई कोर्ट से मिली जमानत

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यूथ इंडिया संवाददाता
प्रयागराज, फर्रुखाबाद, कायमगंज। कायमगंज नगर पालिका परिषद के बहुचर्चित भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी राम सिंह को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। राम सिंह पर आरोप था कि उन्होंने मनमाने ढंग से नियुक्तियों को प्रभावित किया और अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को नौकरी दिलाई। इस प्रक्रिया में उन्होंने पालिका के अधिकारियों को अपने इशारों पर नचाया और भारी भ्रष्टाचार को अंजाम दिया।
राम सिंह चार साल से फरार चल रहे थे। लगातार फरार रहने के बाद उन्होंने 19 सितंबर 2023 को आत्मसमर्पण किया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने कई बार उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन वह हमेशा बच निकलते रहे। आखिरकार, लंबी फरारी के बाद उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था ।
हाई कोर्ट ने दी जमानत, ईओ पर कार्रवाई
इलाहाबाद हाई कोर्ट की जस्टिस मयंक कुमार जैन की पीठ ने राम सिंह को जमानत दी। राम सिंह की ओर से अधिवक्ता विक्रांत सिंह परिहार ने पक्ष रखा और प्रभावी दलीलें पेश कीं, जिससे राम सिंह को जमानत मिलने में सफलता मिली। इसके साथ ही, कोर्ट ने ईओ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को दोषी मानते हुए उन्हें दंडित किया और उनके 10 फीसदी वेतन को पालिका में जमा करने के आदेश दिए।
राम सिंह पर आरोप था कि उन्होंने नगर पालिका परिषद के विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं कीं। यह नियुक्तियां 2019-2020 के बीच की गई थीं, जहां नियमों को ताक पर रखकर उम्मीदवारों को चुना गया। इन नियुक्तियों में पारदर्शिता की कमी के कारण कई सवाल उठे थे, और मामला अंतत: कोर्ट में पहुंचा।
राम सिंह की जमानत से जहां एक तरफ उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका परिषद में भर्ती घोटाले की जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। न्यायालय के आदेश के बावजूद, जनता में यह धारणा है कि इस घोटाले में और भी बड़े नाम शामिल हो सकते हैं, जिन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
यह मामला कायमगंज और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर निगाहें टिकी हुई हैं।