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Monday, March 30, 2026
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Ayodhya: मोईद खान के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर गरजा ‘बाबा’ का बुलडोजर

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Bulldozer
Bulldozer

लखनऊ। सामूहिक दुष्कर्म (Ayodhya Gang Rape) के आरोपी समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष मोईद खान (Moeed Khan) के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर (Bulldozer) कार्रवाई जारी है। दो मंजिला भवन के पिछले हिस्से को पोकलैंड जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया जा रहा है।

भदरसा में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म (Ayodhya Gang Rape) के आरोपी समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष मोईद खान (Moeed Khan) की बेकरी के बाद बृहस्पतिवार को उसके शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर (Bulldozer)कार्रवाई शुरू हो गई। तीन जेसीबी और एक पोकलैंड की मदद से ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई। इसके पहले पंजाब नेशनल बैंक की ओर से शॉपिंग कांप्लेक्स के निचले तल में स्थित कार्यालय को खाली कर दिया गया। इसके साथ ही परिसर में स्थित सपा नेता की बेकरी के शोरूम को भी खाली कराया गया।

एक अन्य दुकान में रखे कुछ सामान हटाए गए। परिसर के बिजली कनेक्शन को काटा गया। इसके बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह, एसडीएम सोहावल अशोक सैनी और सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी की देखरेख में बुलडोजर (Bulldozer) कार्रवाई शुरू की गई। शॉपिंग कांप्लेक्स के पिछले हिस्से को तालाब की जमीन की तरफ से गिराया जाना प्रारंभ किया गया।

पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव के करीबी के कोल्ड स्टोरेज की अवैध बाउंड्री वॉल पर चला बुलडोजर

सबसे पहले सिर्फ पोकलैंड की मदद से यह काम शुरू हुआ। दो मंजिला भवन के पिछले हिस्से को पोकलैंड से धराशाई किया गया। इसी कड़ी में तीन अन्य जेसीबी को सामने और बगल के रास्ते की तरफ से भवन को गिराए जाने के लिए लगाया गया। शॉपिंग कंपलेक्स को ध्वस्त किए जाने का क्रम अभी भी जारी है। इस दौरान कई थानों की पुलिस, पीएससी और नगर पंचायत के कर्मी मौके पर मुस्तैद हैं।

महिला की हरकत पर हेमा मालिनी को आया गुस्सा, कैमरे में कैद हुआ रिएक्शन

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Hema Malini
Hema Malini

बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद हेमा मालिनी (Hema Malini) मुंबई में एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में हेमा के साथ गायक अनूप जलोटा भी थे। इस इवेंट की कई तस्वीरें और वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक वीडियो बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा का है। वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अब हेमा (Hema Malini) को ट्रोल कर रहे हैं। इस वीडियो में हेमा एक महिला फैन द्वारा उनके कंधे पर हाथ रखे जाने से परेशान होती नजर आ रही हैं।

इस वीडियो को सेलिब्रिटी फोटो और वीडियोग्राफर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट किया है। इस वीडियो में हेमा (Hema Malini) और अनूप जलोटा एक साथ फोटो के लिए पोज देते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में हेमा की एक महिला फैन भी नजर आ रही हैं। ये फैन तस्वीर लेने के लिए हेमा मालिनी के कंधे पर हाथ रखती है। हालांकि, जैसे ही वह उनके कंधे पर हाथ रखती हैं, एक्ट्रेस थोड़ी चिढ़ जाती हैं और महिला से उनके कंधे से हाथ हटाने के लिए कहती हैं। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि एक शख्स बीच में आता है और महिला को हेमा से दूर से फोटो खींचने की कोशिश करता है।

हेमा (Hema Malini) का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में हेमा का बर्ताव लोगों को पसंद नहीं आया। लोग इस वीडियो के नीचे कमेंट कर हेमा को ट्रोल कर रहे हैं।

माफिया अनुपम दुबे के गुर्गों ने की वेशर्मी की हदें पार, सदर विधायक की छवि खराब करने की कोशिश से भी नही चुके

एक यूजर ने कमेंट कर लिखा, ‘चुनाव के दौरान जब ये लोग उनके घर भीख मांगने जाते हैं तो क्या हाथ नहीं लगाते।’ तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘ऐसे घमंडी सेलेब्स के साथ तस्वीरें लेने की कोशिश करना फैंस की गलती है।’ एक तीसरे यूजर ने लिखा, ‘चुनाव के दौरान लोगों को ये याद रखना चाहिए।’

कुछ दिनों पहले हेमा (Hema Malini) अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में आ गई थीं। विनेश फोगाट के पेरिस ओलंपिक से बाहर होने पर हेमा ने टिप्पणी की थी। उनके इस बयान की काफी आलोचना भी हुई थी। अब इस वीडियो को लेकर उन्हें खूब ट्रोल किया जा रहा है।

कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने 22 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित 22 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। इस ज्ञापन में कर्मचारियों ने राज्य सरकार से अपने अधिकारों और लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में कलेक्ट्रेट कर्मचारियों को समय पर वेतन और अन्य सुविधाओं का लाभ देने, पुरानी पेंशन योजना को पुन: लागू करने, और प्रमोशन की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने जैसी मांगे शामिल हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों ने नए भर्ती नियमावली 2014 में संशोधन की मांग की है जिससे कि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कर्मचारियों ने राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए विभिन्न आदेशों का पालन न होने पर भी नाराजगी जताई और उन पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की। विशेष रूप से, कर्मचारियों ने अपनी सेवा शर्तों में सुधार और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपायों की मांग की है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में राज्य सरकार से सभी कलेक्ट्रेट कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

बदहाल हो गई मशीनी रोड वाली सडक़, पैदल निकलना तक दूभर

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। नगर के मसेनी रोड की हालत बदतर हो गई है सडक़ पर गड्ढे हो चुके हैं जरा सा पानी बरसाते वहां पर जल भराव और कीचड़ का साम्राज्य व्याप्त हो जाता है आल्हा अधिकारी सब कुछ जानकार भी मौन धारण किए हुए हैं।
सडक़ की हालत इतनी खराब है कि यहां पर पैदल निकलना तक दूर है कभी-कभी तो पैदल निकलने वाले लोग हो जाते हैं क्षेत्रीय नागरिकों में फलक की स्थिति को लेकर आक्रोश व्यवस्था और जिम्मेदार इस मार्ग से होकर गुजर जाते हैं लेकिन उन्हें रास्ते की स्थिति नजर नहीं आती नागरिकों का कहना है कि जब शिकायत की जाती है तो कह दिया जाता है कि केंद्र पास हो चुका है पैसा भी आ चुका है लेकिन निर्माण कार्य नहीं दो-तीन बार कहां जा चुका है और सारी लीपापोती कर दी जाती है। नागरिकों ने शीघ्र मार्ग निर्माण की मांग की है।

माफिया अनुपम दुबे के गुर्गों ने की वेशर्मी की हदें पार, सदर विधायक की छवि खराब करने की कोशिश से भी नही चुके

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। माफिया अनुपम दुबे के शातिर गुर्गों विमलेश दुबे और अनूप सिंह राठौर उर्फ रच्छु ठाकुर ने वेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की साफ-सुथरी छवि को धूमिल करने की साजिश रची। इन गुर्गों ने नेकपुर इलाके में विधायक के नाम का दुरुपयोग कर अवैध प्लॉटिंग का धंधा शुरू कर दिया, जिससे विधायक की साख पर सवाल उठाए जा सकें।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब नेकपुर क्षेत्र के कुछ स्थानीय लोगों ने विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को इस अवैध गतिविधि की जानकारी दी। जैसे ही विधायक को इस साजिश का पता चला, उन्होंने तुरंत इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और विमलेश दुबे और अनूप सिंह राठौर को कड़ी फटकार लगाई। विधायक ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे, खासकर जब उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा हो। हालांकि पुलिस ने इन गुंडों पर कड़ी कार्यवाही शुरू की है। इस घटना से स्थानीय क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है, और लोग विधायक की प्रतिक्रिया से संतुष्ट हैं।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है, और अवैध प्लॉटिंग और तालाब पर कब्जे से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिले की साफ सुथरी व्यवस्था की साफ-सुथरी छवि को बचाने के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, और स्थानीय लोगों का भी इस मुद्दे पर पूरा समर्थन मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद से माफिया अनुपम दुबे और उसके गुर्गों के खिलाफ कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी अवैध गतिविधि को सख्ती से निपटाया जाएगा।

बाइक दुर्घटना में घायल दंपत्ति का इलाज न कराने पर आरोप, क्षेत्रीय दरोगा पर लापरवाही के आरोप

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद के थाना मेरापुर क्षेत्र के गांव देवरानी निवासी सर्वेश कुमार और उनकी पत्नी गुड्डी देवी ने एक गंभीर सडक़ दुर्घटना के बाद इलाज न मिलने और पुलिस की लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है कि 26 जून 2024 को सुबह करीब 11 बजे, जब वे अपनी मोटरसाइकिल से एक बीमार रिश्तेदार को देखने जा रहे थे, तब गंगा राम कोल्ड स्टोर के पास एक तेज रफ्तार से आ रहे दो युवकों ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में गुड्डी देवी के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि सर्वेश कुमार का सीधा हाथ टूट गया और उन्हें भी सिर में चोट लगी।
घटना के तुरंत बाद, पीछे से आ रही 112 नंबर की पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और मोटरसाइकिल सवार युवकों ने अपनी ईको गाड़ी से उन्हें सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। घटना के समय टक्कर मारने वाले युवकों ने सर्वेश और उनकी पत्नी के इलाज का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना वादा नहीं निभाया और उनका इलाज नहीं करवाया।
सर्वेश कुमार का आरोप है कि क्षेत्रीय दरोगा ने मामले में लापरवाही बरती। न तो उन्होंने प्राथी की शिकायत पर कार्रवाई की और न ही दुर्घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज की। जब दूसरी पार्टी को 21 जुलाई को बुलाया गया, तब भी दरोगा ने समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
पीडि़त के अधिवक्ता द्वारा जब दरोगा से संपर्क किया गया, तो दरोगा ने कहा कि वह दूसरी पार्टी से 14,000 रुपये दिलवा सकते हैं, जबकि सर्वेश कुमार का कहना है कि इलाज में अब तक 50,000 रुपये का खर्चा आया है और आगे भी इलाज जारी रहेगा।
इस घटना से संबंधित आरोपों को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सर्वेश कुमार और उनकी पत्नी ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि उनके इलाज का पूरा खर्चा वहन किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मामले की जांच की मांग की जा रही है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।