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Thursday, March 26, 2026
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लखनऊ में CMS की वैन पलटी, 6 स्टूडेंट घायल; 2 बच्चों की हालत गंभीर

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CMS school van overturns
CMS school van overturns

लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में शहीद पथ पर शुक्रवार सुबह बच्चों को लेकर CMS स्कूल जा रही वैन का टायर फट गया। वैन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। वहीं, पीछे से आ रही थार के चालक का आगे चल रही वैन के अचानक पलटने से नियंत्रण बिगड़ गया और डिवाइडर पर कूद गई। वैन सवार 6 बच्चे घायल हो गये जबकि थार चालक बाल बाल बच गया।

राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल लोहिया अस्पताल पहुंचाया। दो की हालत गंभीर देख मेदांता में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

उधर, पुलिस ने जेसीबी की मदद से वैन और थार को रोड से हटवाकर आवागमन चालू कराया। इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा के मुताबिक शुक्रवार सुबह CMS स्कूल की वैन खुर्दही बाजार इलाके से करीब दस बच्चे लेकर स्कूल जा रही थी। प्लासियो के सामने करीब आठ वैन का टायर फट गया और वैन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। इसी बीच पीछे से आ रही थार भी बचाने के चक्कर में डिवाइडर पर चढ़ गई। हादसे में वैन सवार 6 बच्चे घायल हो गये।

मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को ही कुछ दूरी पर स्थित लोहिया अस्पताल पहुंचाया। वहां पर मौजूद डाक्टरों ने आराध्या व माही मौर्या की हालत नाजुक देख रेफर कर दिया। जिसके बाद दोनों छात्राओं को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया है। जबकि हादसे में घायल अन्य छात्र-छात्राओं नंदिनी (9), अर्थ कनौजिया (6) सार्थक शुक्ला व आशुतोष गुप्ता (15) का इलाज चल रहा है। सभी बच्चे CMS गोमती नगर विस्तार ब्रांच के हैं।

घटना के बाद भीड़ लग गई। दो बच्चों की हालत गंभीर है। वाहन में CMS गोमती नगर के भी बच्चे थे।

वर्ष में एक बार ही होती है ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग नागेश्वर मंदिर की पूजा

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Nag Panchami
Nag Panchami

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर की तरह ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर स्थित नागेश्वर देव की मूर्ति का साल भर में केवल एक बार पूजन नागपंचमी ( Nag Panchami) पर होता है। यहां पूजन व आरती राज परिवार द्वारा की जाती है। इसी परंपरा का निर्वाहन शुक्रवार को नागपंचमी पर होगा।

– ओंकारेश्वर मंदिर में गर्भगृह के मुख्य प्रवेश द्वार के निकट भगवान नागेश्वर देव विराजमान है।
– जमीन में नीचे बनी नाग देवता की आकृति की पूजा सालभर में सिर्फ नागपंचमी (Nag Panchami) के दिन होता है।
– पंडितों से मिली जानकारी के अनुसार चांदी दरवाजे के समक्ष इसे फर्श से ढंककर रखा जाता है।
– नागपंचमी ( Nag Panchami) पर्व के अवसर पर दोपहर करीब साढ़े बारह बजे यहां पूजा-अर्चना की जाएगी।

नागपंचमी पर होती है इन नागों की पूजा, जानें पौराणिक कहानी

परंपरा अनुसार ओंकारेश्वर राज परिवार के सदस्यों द्वारा ही पंचमी (Nag Panchami) पर पूजन की परंपरा है। शुक्रवार को भगवान ओंकारेश्वर की भोग आरती की जाएगी। इसमें राज परिवार के सदस्य और मुख्य ट्रस्टी राव देवेंद्र सिंह सहित अन्य स्वजन शामिल होंगे। नागपंचमी पर भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर के दर्शनार्थ भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेगे।

सिक्किम के सोरेंग में भूकंप के झटके, इतनी दर्ज हुई तीव्रता

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Earthquake
Earthquake

नई दिल्‍ली। शुक्रवार सुबह सिक्किम में भूकंप (Earthquake)के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार सिक्किम के सोरेंग में आज सुबह 6 बजकर 57 मिनट पर भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 दर्ज हुई।

जानकारी के अनुसार, भूकंप (Earthquake)के कारण घरों में रखी चीजें हिलने लगी, जिसके बाद सभी लोग घरों के बाहर भागे। राहत की बात यह है कि भूकंप के कारण जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

कैसे मापी जाती है रिक्टर स्केल पर तीव्रता

रिक्टर स्केल एक सामान्य दस लॉग रिदमिक स्केल है। सरल भाषा में समझें, तो यदि स्केल पर भूकंप (Earthquake)की तीव्रता दो मापी गई है। तब वह एक की तुलना में दस गुना अधिक गहन होगा। रिक्टर स्केल में तीव्रता का हर स्तर पिछले स्तर से दस गुना अधिक होता है।

कितना नुकसान होता है?

0-1.9 : इसका पता सीस्मोग्राफ के जरिए लगाया जाता है।
2-2.9 : लोगों को लटकी हुई चीजें झूलती नजर आती है।
3-3.9 : इस दौरान लोगों को झटके महसूस होने लगते हैं।
4-4.9 : छोटी चीजों की टूटने की आशंका बनी रहती है।
5-5.9 : हालात बिगड़ सकते हैं। प्लास्टर गिर सकता है।
6. 6.69 : इस तीव्रता में इमारतों को नुकसान हो सकता है।
7-7.9 : तबाही की शुरुआत होती है। जनहानि हो सकती है।
8-8.9 : बड़े स्तर पर तबाही हो सकती है। जान जा सकती है।
9 या इससे अधिक: इस दौरान जमीन लहराती नजर आती है।

मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने दी सशर्त जमानत

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Manish Sisodia
Manish Sisodia

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति अनियमितताओं के मामले में आप नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को जमानत दी। कोर्ट ने शर्त लगाते हुए उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश दिया है।

जीरो टॉलरेंस की नीति सवालों के घेरे में: माफिया अनुपम दुबे पर धीमी कार्यवाही से अन्य शातिर अपराधियों को मिली राहत

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। शासन द्वारा घोषित जीरो टॉलरेंस की नीति, जिसके तहत अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही का वादा किया गया था, अब सवालों के घेरे में आ गई है। माफिया अनुपम दुबे के खिलाफ की जा रही कार्यवाही में अचानक आई धीमी गति ने न केवल प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इससे अन्य शातिर अपराधियों को भी राहत मिली है।
अनुपम दुबे के खिलाफ कमजोर हुई कार्यवाही
अनुपम दुबे, जो फर्रुखाबाद में अपने आपराधिक कृत्यों के लिए जाना जाता है, के खिलाफ पिछले कुछ महीनों से प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू की थी। उसकी अवैध संपत्तियों को ज़ब्त किया गया था और कई केसों में उसे जेल भेजा गया। लेकिन, हाल के दिनों में इस कार्यवाही की गति धीमी पड़ गई है। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस धीमी कार्रवाई का कारण प्रशासनिक दबाव या अन्य राजनीतिक कारण हो सकते हैं।
अन्य शातिर अपराधियों पर ढील
अनुपम दुबे पर ढीली पड़ी कार्यवाही का असर यह हुआ कि अन्य शातिर अपराधियों जैसे योगेंद्र सिंह यादव चन्नू और देवेंद्र सिंह जग्गू को भी राहत मिल गई है। ये अपराधी, जो अपने आपराधिक नेटवर्क के लिए जाने जाते हैं, पर भी प्रशासन ने कोई कठोर कदम नहीं उठाए हैं।
क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर असर
प्रशासन की इस धीमी कार्रवाई का सीधा असर क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है। जहां एक तरफ आम जनता में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है, वहीं दूसरी तरफ अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह प्रशासन की नीतियों में ढील दी जाती रही, तो फर्रुखाबाद में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ सकता है।
इस मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने दावा किया है कि कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन जमीन पर इसके परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। प्रशासन की इस ढील के चलते आम जनता में सरकार और प्रशासन के प्रति विश्वास की कमी हो रही है।
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारियों में प्रशासन की इस ढील को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी तरह से लागू किया जाए।
जिले में अपराधियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही की गति धीमी पडऩे से न केवल अपराधियों को राहत मिली है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन को इस दिशा में त्वरित और सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि अपराधियों के मन में कानून का डर कायम रहे और जनता में सुरक्षा की भावना बनी रहे।

बिजली संकट: सीएम योगी के आदेश के बावजूद नहीं हो रही निर्बाध बिजली आपूर्ति, जनजीवन अस्त-व्यस्त

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद फर्रुखाबाद जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति की स्थिति अब भी सुधर नहीं पाई है। भारी बारिश और बाढ़ के साथ-साथ हो रही बिजली कटौती ने जिले के लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
जिले में पिछले 24 घंटों में औसतन 8 से 10 घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और भी गंभीर है, जहां बिजली सिर्फ 4-6 घंटे के लिए ही उपलब्ध हो पा रही है। शहरी क्षेत्रों में भी बिजली की उपलब्धता अनिश्चित है, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश की अनदेखी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, जिले में बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो पा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी तकनीकी समस्याओं और बिजली के उपकरणों में आई खराबी को इसका कारण बता रहे हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों का मानना है कि प्रशासन की लापरवाही और कुप्रबंधन इस संकट का मुख्य कारण है।
बिजली कटौती से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। लोग पीने के पानी और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए परेशान हैं। बिजली की कमी से किसानों के लिए सिंचाई भी कठिन हो गई है, जिससे फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गई हैं, और छोटे उद्योगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में बिजली कटौती की समस्या को लेकर बिजली विभाग में दर्ज शिकायतों की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है। पिछले एक सप्ताह में ही जिले के विभिन्न उपकेंद्रों पर लगभग 500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से अधिकांश शिकायतें बिजली आपूर्ति में लगातार हो रही रुकावटों से संबंधित हैं। हालांकि, बिजली विभाग की ओर से अब तक इन शिकायतों का निपटारा नहीं हो सका है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि वह बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि खराब ट्रांसफार्मरों और उपकरणों की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारी आपूर्ति में आ रही दिक्कतों का कारण तकनीकी समस्याओं को बता रहे हैं और जल्द ही समाधान का आश्वासन दे रहे हैं। हालांकि, जनता में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारिक संगठनों ने इस समस्या के समाधान के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। बिजली आपूर्ति की समस्या ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है, और अब वे इसके जल्द से जल्द समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।