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Wednesday, February 11, 2026
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गांव के कुएं से निकली मौत, चार की गई जान

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Well Water
Well Water

प्रयागराज। संगमनगरी के एक गांव में कुएं का पानी (Well Water)  पीने से चार लोगों की मौत हो गई। 25 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पताल में इलाज जारी है। गांव में पीने के पानी के लिए कोई हैंडपंप नहीं है, सिर्फ यहीं एक कुआं विकल्प है। गांव के प्रधान की लापरवाही के चलते ग्रामीण जहरीला पानी पीने (Poisonous Well Water) को विवश हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है।

कुआं का जहरीला पानी पूरे गांव के लिए मुसीबत बन गया। इसे पीने से एक-एक कर चार लोग अपनी जान गवां बैठे। मरने वालों में दो बच्चे और दो बुजुर्ग महिला शामिल हैं। दो दर्जन से अधिक ग्रामीण दूषित पानी पीने से बीमार पड़े हुए हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। कुएं के पानी का सेंपल लेकर उसे जांच के लिए भेजा गया है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।

मामला जिले के हंडिया तहसील के गांव भदवा का है। गांव में चार लोगों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने ग्राम प्रधान व स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया लगा है। हालांकि, इसमें बड़ी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में पीने के पानी के लिए एक भी हैंडपंप नहीं लगा है। एक कुंआ है जिससे लोग पानी (Well Water) निकाल कर पीते हैं। इसी पानी के पीने से दो दिन पहले ढाई साल की संजना और 12 साल के दिवाकर को बुखार आया था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।

4 की मौत, दर्जनों बीमार

दो बच्चों की मौत के बाद 55 वर्षीय चंदरी देवी और 72 साल की सुंदरी की भी मौत हो गई। कुएंका दूषित पानी पीने से गांव के राजन प्रजापति, सत्यम, दिव्यांशु, सुंदरम, छब्बू, शिव प्रसाद, अयान, आनंद, प्रकाश, सब्बू, उर्मिला समेत दो दर्जन ग्रामीण बीमार हैं। सभी को अलग-अलग निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सपा कार्यालय के सामने महिला ने किया आत्मदाह का किया प्रयास

गांव में चार लोगों की मौत और दर्जनों ग्रामीणों के बीमार होने की खबर एसडीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को दी गई। सीएचसी से स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंची। आनन-फानन में कुएं में ब्लीचिंग का छिड़काव करते हुए छानबीन शुरू की गई।

सपा कार्यालय के सामने महिला ने किया आत्मदाह का किया प्रयास

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self immolation
self immolation

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय (Samajwadi Party Office) के बाहर उन्नाव की एक महिला ने आत्मदाह (Self Immolation) करने का प्रयास किया है। उसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल अस्पताल) (Civil Hospital) में भर्ती करवाया गया है।

महिला का नाम अंजली जाटव (Anjali Jatav) है जो उन्नाव के पूर्व की रहने वाली हैं। पारिवारिक विवाद में आत्मदाह (Self Immolation)  करने की कोशिश की बात सामने आ रही है। बाकी पुलिस जांच कर रही है। पूरा मामला स्पष्ट होगा।

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पुलिसकर्मियों ने महिला को सिविल अस्पताल के इमर्जेंसी वार्ड में पहुंचाया है। अस्पताल में पुलिसकर्मी तैनात हैं।

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख बनने को नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस राजी

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Mohammad Yunus
Mohammad Yunus

ढाका। बांग्लादेश में लंबे समय तक सत्तारूढ़ रहीं शेख हसीना के छात्र आरक्षण आंदोलन की हिंसक लपटों के बीच देश छोड़ने के बाद अंतरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। बांग्लादेश के प्रमुख बांग्लाभाषी अखबार प्रोथोम अलो के अनुसार, नोबेल पुरस्कार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus ) अंतरिम सरकार के प्रमुख बनने को राजी हो गए हैं।

प्रोथोम अलो और द डेली स्टार अखबार के अनुसार, आंदोलन के समन्वयकों में से एक नाहिद इस्लाम ने मंगलवार तड़के एक वीडियो संदेश में यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि प्रोफेसर यूनुस (Mohammad Yunus ) के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उनकी प्रो. यूनुस से बात हो गई है। छात्रों के आह्वान पर वह बांग्लादेश की रक्षा के लिए यह अहम जिम्मेदारी लेने को तैयार हो गए हैं।

उन्होंने अपनी सहमति दे दी है। इसके बाद, अंतरिम सरकार का प्रमुख बनने के लिए राजी हुए नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus ) ने कहा कि शेख हसीना ने अपने पिता बंगबंधु मुजीबुर रहमान की विरासत को नष्ट कर दिया।

ढाका ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बदलते राजनीतिक परिदृश्य में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने घोषणा की है कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान जल्द ही स्वदेश लौटेंगे। उन्होंने कहा कि तारिक रहमान को अन्यायपूर्ण तरीके से निर्वासित किया गया।

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उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कल घोषणा की थी कि संसद को भंग करने के बाद अंतरिम सरकार का गठन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को रिहा करने का आदेश दिया। खालिदा जिया बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष हैं। राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने देश में जारी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार सभी छात्रों को रिहा करने का भी आदेश दिया।

परंपरागत कांवड़ के स्थान पर बढ़ी डाक कांवड़ की लोकप्रियता

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यूथ इंडिया संवाददाता
नवाबगंज, फर्रुखाबाद। सावन के महीने में शिवभक्त गंगाघाटों से कांवड़ लाकर शिवालयों में अर्पित करते हैं, लेकिन समय के साथ श्रद्धा और पूजा के तरीकों में भी बदलाव आया है। परंपरागत कांवड़ को पीछे छोड़ते हुए अब डाक कांवड़ की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, विशेषकर युवाओं में इसका उत्साह देखा जा रहा है। नगर से लेकर गांव-कस्बों तक डाक कांवड़ की धूम मची हुई है। इस बार कांवड़ यात्रा में डाक कांवड़ की विशेष पहचान बढ़ गई है। पहले जहां पुरुष ही इस यात्रा में शामिल होते थे, वहीं अब महिलाएं, किशोरियां और बच्चे भी इसमें भाग ले रहे हैं। श्रद्धालु बताते हैं कि डाक कांवड़ से समय की अच्छी खासी बचत होती है। एक दल में लगभग 15 से 20 भक्त शामिल होते हैं। अधिकांश भक्त पांचाल घाट से जल भरते हैं और फिर दौड़ते हुए मंजिल की ओर रवाना होते हैं। एक शिवभक्त के हिस्से में लगभग तीन से चार किलोमीटर की दौड़ आती है। दौड़ते समय जल को एक साथी से दूसरे साथी को सौंपा जाता है, इस दौरान ध्यान रखा जाता है कि जल खंडित न हो। दल के अन्य सदस्य वाहनों, डीजे या मोटरसाइकिल के माध्यम से आगे बढ़ते रहते हैं।

जिले में लंबे समय बाद डीएम ने कुर्सी के महत्व को किया जीवंत

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले में लंबे समय बाद एक सशक्त प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता पूरी होती दिख रही है। वर्तमान डीएम डॉ. वी. के. सिंह ने अपनी कार्यशैली और सख्त अनुशासन से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में नए जीवन का संचार किया है। उनकी नीतियों और सुधार कार्यों के चलते जिले में सुशासन का माहौल बना है।
डॉ. सिंह के कार्यकाल में सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ कि युटूबर फ्रॉड मीडिया और चुटभाइयों की दुकानों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इन अनियमित और अव्यवस्थित मीडिया चैनलों के बंद होने से जिले के प्रमुख स्तंभों की गरिमा में वृद्धि हुई है। इससे न केवल सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा मिला है, बल्कि समाज के अन्य महत्वपूर्ण स्तंभों को भी सम्मान और सुरक्षा का अहसास हुआ है।
अब जब कोई व्यक्ति कलेक्ट्रेट पहुंचता है, तो उसे वास्तव में सुशासन का अनुभव होता है। प्रत्येक सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने लगा है। महत्वपूर्ण जनों को उनकी असली कीमत और सम्मान मिलने लगा है।
डॉ. वी. के. सिंह की शानदार कार्यशैली का मुख्य कारण उनका सख्त अनुशासन, पारदर्शिता और निष्पक्षता है। उन्होंने न केवल प्रशासनिक सुधार किए हैं, बल्कि जनसेवाओं को भी सुचारू और प्रभावी बनाया है। उनका मानना है कि सुशासन तभी संभव है जब सभी लोग अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाएं।
उनकी कार्यशैली में जनसुनवाई को विशेष महत्व दिया गया है। आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए डॉ. सिंह ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं। इसके अलावा, उन्होंने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की है, जिससे प्रशासन में सुधार हुआ है।
डॉ. वी. के. सिंह के नेतृत्व में फर्रुखाबाद जिला एक नई दिशा में बढ़ रहा है। उनकी सशक्त और प्रभावी कार्यशैली ने जिले में सुशासन की स्थापना की है। उनकी यह पहल न केवल जिले के लिए बल्कि अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणा है।

पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने किया पुलिस लाइन का निरीक्षण कर, स्मार्ट तकनीकि पर दिया जोर

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस लाइन का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और पुलिस को स्मार्ट और तकनीकी में दक्ष बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन के विभिन्न सेक्शनों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यों में अनुशासन और तत्परता बनाए रखें।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस कर्मियों को तकनीकी ज्ञान और कौशल में सुधार लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस को स्मार्ट और तकनीकी रूप से दक्ष होना अति आवश्यक है। इसके लिए, उन्होंने एक विस्तृत योजना तैयार की जिसमें आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर पुलिस बल को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है।
1. *स्मार्ट पुलिसिंग: पुलिस कर्मियों को स्मार्ट और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम।
2. *आधुनिक उपकरणों का उपयोग: पुलिस लाइन में आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर कार्यकुशलता में वृद्धि।
3. *समस्याओं का समाधान: पुलिस कर्मियों की समस्याओं को प्राथमिकता देकर शीघ्र समाधान।
पुलिस अधीक्षक के इस निरीक्षण से पुलिस कर्मियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उनके दिशा-निर्देशों और योजनाओं से पुलिस बल को स्मार्ट और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।