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Thursday, February 12, 2026
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज हमले में अब तक 19 लोग गिरफ्तार

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RJ Kar Medical College
RJ Kar Medical College

कोलकाता। कोलकाता के प्रसिद्ध आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) में बुधवार देर रात हुई हिंसक घटना के बाद पुलिस ने अब तक 19‌ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तारियों के आधार पर तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें से एक मामला आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।

शुक्रवार को कोलकाता पुलिस ने बयान जारी कर इस बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बुधवार रात आरजी कर अस्पताल (RG Kar Medical College) हमले के सिलसिले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से पांच की पहचान सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से की है। पुलिस ने भरोसा जताया है कि जल्द ही बाकी हमलावरों को भी ढूंढ लेंगे।

पुलिस ने गिरफ्तार लोगों की तस्वीर भी शेयर की है और इसके पहले जो सोशल मीडिया पर पुलिस की ओर से तस्वीर शेयर की गई थी उनमें से जिन पांच लोगों के बारे में लोगों ने पुलिस को बताया था उनके हमले के समय की तस्वीर और गिरफ्तारी के बाद की तस्वीर भी पुलिस ने शेयर की है। इन लोगों की पहचान शुभदीप कुंडू, सौरभ दे, सौम्यदीप मिश्रा, ऋषिकांत मिश्रा और शेख साजन के रूप में हुई है।

इस घटना से शहर में भारी आक्रोश व्याप्त है, और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच तेज़ कर दी है।

गुरुवार को दिनभर चली पूछताछ के बाद 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे कोलकाता पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। शाम होते-होते पुलिस ने नौ और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इस प्रकार अब तक इस मामले में कुल 19 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से 10 को 22 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें आरोपितों को लाल घेरे से चिन्हित किया गया था। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस ने जनता से सूचना देने की अपील की थी, जिसके बाद शाम को और गिरफ्तारियां संभव हो सकीं।

यह घटना उस समय हुई जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज ( RG Kar Medical College) में पिछले सप्ताह एक महिला डॉक्टर के साथ हुए कथित बलात्कार और हत्या के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बुधवार रात को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में हमला किया गया। हमले के दौरान आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टरों पर हमला किया और पुलिस पर भी हमला किया गया। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे, कुर्सियां, टेबल और दरवाजे सहित कई जरूरी चिकित्सा उपकरणों को तोड़ दिया गया। हालांकि, पुलिस के अनुसार, जिस कमरे में डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना हुई थी, वहां कोई नहीं पहुंच पाया और वह कमरा पूरी तरह सुरक्षित है।

पुलिस ने इस हमले के संबंध में तीन मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति का नुकसान और आर्म्स एक्ट के तहत मामले शामिल हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल खुद पूछताछ की प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।

सोते हुए परिवार पर गिरा लिंटर, एक महिला की मौत; मलबे में छह लोग दबे

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Linter fell
Linter fell

मेरठ। कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव खड़ौली में बुधवार देर रात कमरे का लिंटर (Linter) एक परिवार पर मौत बनकर टूटा। कमरे में सो रहे परिवार के छह सदस्य मलबे के नीचे दब गए। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह परिवार को मलबे से निकाला। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

शोभापुर चौकी क्षेत्र के खड़ौली गांव में सुशील अपने परिवार के साथ रहता है। सुशील की गांव में ही दर्जी की दुकान है। उसकी शादी लगभग 14 वर्ष पूर्व नीलम से हुई थी। परिवार में चार बच्चे बड़ी बेटी 13 साल की गुंजन, नौ साल की परी, सात साल की अनन्या व पांच साल का प्रियांशु है। सुशील ने बताया कि बुधवार रात खाना खाने के बाद पूरा परिवार एक कमरे में सो रहा था।

Meerut: Linter of death... Linter fell on sleeping family, six people buried under debris, one woman died

देर रात लगभग दो बजे अचानक से भरभराकर कमरे का लिंटर (Linter) नीचे गिर गया। सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। चीख पुकार मची तो ग्रामीणों की आंख खुल गई। ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़े। कमरे का मंजर देखकर उनकी आंखें खुली रह गईं। कमरे के अंदर व बाहर अफरातफरी का माहौल था। सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। लोगों ने किसी तरह लिंटर (Linter) के मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला।

सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने नीलम को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। नीलम की मौत की सूचना पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी योगेश शर्मा कहना है कि पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

इस तारीख से हो रही है पितृपक्ष की शुरुआत, जानें आवश्यक नियम

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Pitru Paksha
Pitru Paksha

सनातन धर्म में पितृपक्ष (Pitru Paksha ) में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण आदि क्रम किए जाते हैं। हिंदू पंचांग  के अनुसार इस साल 17 सितंबर से पितृपक्ष (Pitru Paksha ) की शुरुआत हो रही है,और 2 अक्टूबर तक चलेगा। पितरों को तृप्त करने के लिए काले तिल, अक्षत मिश्रित जल अर्पित करने की क्रिया को तर्पण कहा जाता है। तर्पण में काला तिल और कुश का बहुत महत्व होता है। श्राद्ध में तिल और कुशा का सर्वाधिक महत्व होता है। मान्यता है कि तर्पण के दौरान काले तिल से पिंडदान करने से मृतक को बैकुंठ की प्राप्ति होती है।

धर्म शास्त्रों में पितृ पक्ष (Pitru Paksha ) में पितरों की आत्मा की शांति के लिए कुछ आवश्यक नियमों का पालन करना जरूरी बताया गया है।

इसी के नियमों का पालन करने के लिए इस दौरान खाने पीने की कुछ चीजों का इस्तेमाल शास्त्रों द्वारा वर्जित बताया गया है। पितृपक्ष में लहसुन, प्याज, शराब, सिगरेट और मसालों वाले खाने से बचना चाहिए। पितृपक्ष (Pitru Paksha ) के 15 दिन की अवधि में आपको मांसाहारी खाने से बचना चाहिए।

श्राद्ध कैलेंडर

17 सितंबर मंगलवार, भाद्रपद पूर्णिमा, पूर्णिमा श्राद्ध
18 सितंबर बुधवार, अश्विन कृष्ण प्रतिपदा, प्रतिपदा श्राद्ध
19 सितंबर  बृहस्पतिवार, आश्विन कृष्ण द्वितीया, द्वितीया श्राद्ध
20 सितंबर शुक्रवार, अश्विन कृष्ण तृतीया, तृतीया श्राद्ध
21 सितंबर शनिवार, अश्विन कृष्ण चतुर्थी, महा भरणी नक्षत्र, चतुर्थी श्राद्ध
22 सितंबर  रविवार, अश्विन कृष्ण पंचमी, पंचमी श्राद्ध
23 सितंबर  सोमवार, अश्विन कृष्ण षष्ठी, षष्ठी श्राद्ध
23 सितंबर सोमवार, आश्विन कृष्ण सप्तमी, सप्तमी श्राद्ध
24 सितंबर मंगलवार, आश्विन कृष्ण अष्टमी, अष्टमी श्राद्ध
25 सितंबर  बुधवार, अश्विन कृष्ण नवमी, नवमी श्राद्ध
26 सितंबर  बृहस्पतिवार, अश्विन कृष्ण दशमी, दशमी श्राद्ध
27 सितंबर  शुक्रवार, अश्विन कृष्ण एकादशी, एकादशी श्राद्ध
29 सितंबर रविवार, अश्विन कृष्ण द्वादशी, द्वादशी श्राद्ध
29 सितंबर रविवार, अश्विन मघा नक्षत्र, मघा श्राद्ध
30 सितंबर सोमवार, अश्विन कृष्ण त्रयोदशी, त्रयोदशी श्राद्ध
1 अक्टूबर  मंगलवार, अश्विन कृष्ण चतुर्दशी, चतुर्दशी श्राद्ध
2 अक्टूबर  बुधवार, सर्वपितृ अमावस्या, अमावस्या श्राद्ध

इस दिन मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जाने राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

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Raksha Bandhan
Raksha Bandhan

भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) हर साल अगस्त महीने में आता है. राखी के दिन बहनें भाई के घर आती हैं और भाई को रक्षासूत्र बांधकर उसके उज्जवल भविष्य की कामना करती है. दूसरी तरफ राखी (Rakhi) बांधने के बाद भाई अपनी बहन की सदैव रक्षा करने का वचन देता है.

इस साल रक्षाबंधन 19 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा. भाई-बहन का रिश्ता अटूट रहे इसके लिए शुभ मुहूर्त में ही राखी बांधना चाहिए, भद्राकाल में भूलकर भी राखी न बांधें. इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया मंडरा रहा है. जान लें राखी किस मुहूर्त में बांधे, भद्रा कब तक रहेगी.

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर भद्रा कब से कब तक ? 

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर भद्रा के प्रारंभ का समय सुबह में 5 बजकर 53 मिनट पर है, उसके बाद वह दोपहर 1 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. इस भद्रा का वास पाताल लोक में है. रक्षाबंधन में राखी बांधने से पहले भद्रा काल पर जरुर विचार किया जाता है, क्योंकि ये अशुभ मानी गई है.

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) की तिथि 

पंचांग के अनुसार, इस साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 19 अगस्त दिन सोमवार को प्रात: 03:04 से शुरू हो रही है. इस तिथि की समाप्ति 19 अगस्त को ही रात 11:55 पर हो रही है. सावन पूर्णिमा (Sawan Purnima) पर रक्षाबंधन मनाया जाता है.

इस साल रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर 19 अगस्त को राखी बांधने के शुभ मुहूर्त दोपहर 2:07 से रात्रि 08:20 तक रहेगा. वहीं प्रदोष काल में शाम 06.57 से रात 09.10 तक राखी बांधना शुभ रहेगा. जो लोग रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) का त्योहार सुबह के समय मनाते हैं इस बार वह सुबह से दोपहर 01.32 तक राखी नहीं बांध पाएंगे, इस दौरान भद्रा रहेगी.

भद्रा में राखी बांधना अशुभ

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) का पर्व भद्रा काल में नहीं मनाना चाहिए.धार्मिक मान्यता है कि भद्रा काल के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं होता है. पौराणिक कथा के अनुसार लंकापति रावण को उसकी बहन ने भद्रा काल में राखी बांधी थी और उसी साल प्रभु राम के हाथों रावण का वध हुआ था. इस कारण से भद्रा काल में कभी भी राखी नहीं बांधी जाती है.

Agni मिसाइल के जनक मशहूर साइंटिस्ट डॉ. राम नारायण अग्रवाल का निधन

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Dr. Ram Narayan Agarwal
Dr. Ram Narayan Agarwal

Agni मिसाइल के जनक और देश के मशहूर साइंटिस्ट डॉ. राम नारायण अग्रवाल (Dr. Ram Narayan Agarwal) नहीं रहे। 84 वर्ष की उम्र में उन्होंने हैदराबाद में आखिरी सांस ली। डीआरडीओ के अधिकारियों के मुताबिक वो अग्नि मिसाइल के पहले प्रोग्राम डायरेक्टर थे। उन्हें लोग प्यार से ‘अग्नि अग्रवाल’ और ‘अग्नि मैन’ भी बुलाते थे।

डॉ. अग्रवाल (Dr. Ram Narayan Agarwal)  ASL के डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए थे। उन्होंने अग्नि मिसाइल प्रोग्राम को दो दशकों तक सफलतापूर्वक चलाया। उन्होंने मिसाइल की वॉरहेड की री-एंट्री, कंपोजिट हीट शील्ड, बोर्ड प्रोपल्शन सिस्टम, गाइडेंस और कंट्रोल आदि पर खुद काम किया था।

 इस समय पूरा डीआरडीओ डॉ. अग्रवाल (Dr. Ram Narayan Agarwal)  के निधन से शोकाकुल है। पूर्व डीआरडीओ चीफ और मिसाइल साइंटिस्ट डॉ। जी। सतीश रेड्डी ने कहा कि भारत ने एक लीजेंड खो दिया। उन्होंने लॉन्ग रेंज की मिसाइलों को विकसित करने और उनकी लॉन्च फैसिलिटी बनाने में बहुत मदद की थी।

अब Aadhaar का पूरा नंबर शेयर के बिना भी ID हो जाएगी वेरिफाई, जानें कैसे

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Aadhaar Card
Aadhaar Card

आधार कार्ड (Aadhaar Card ) एक जरूरी दस्तावेज है, जिसे हर किसी के साथ शेयर नहीं किया जा सकता है। क्योंकि आधार कार्ड नंबर (Aadhaar Card Number) की मदद से ऑनलाइन फ्रॉड किया जा सकता है। ऐसे में आधार कार्ड (Aadhaar Card ) यूजर्स को मास्क्ड आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता। मास्क्ड आधार (Masked Aadhaar ) को आईडी वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अब आप पूछेंगे कि आखिर मास्क्ड आधार कार्ड क्या हैं? तो बता दें कि मास्क्ड आधार एक सुरक्षित तरीका है जिससे आप अपना पूरा आधार नंबर (Aadhaar Number) साझा किए बिना अपनी पहचान को वेरिफाई कर सकते हैं।

मास्क्ड आधार कार्ड (Masked Aadhaar) कैसे डाउनलोड करे?

सबसे पहले, UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (myaadhaar.uidai.gov.in) पर जाएं।

वेबसाइट पर “लॉगिन” ऑप्शन पर क्लिक करें।

अपने आधार नंबर और कैप्चा को सही ढंग से दर्ज करें।

आपके आधार से लिंक किए गए मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा।

इसके बाद इसे दर्ज करना होगा।

लॉगिन होने के बाद, “आधार डाउनलोड करें” ऑप्शन पर क्लिक करें।

डाउनलोड करते समय, “मास्क्ड आधार” (Masked Aadhaar) का ऑप्शन पर क्लिक करें।

डाउनलोड किए गए मास्क्ड आधार (Masked Aadhaar) पर आपके आधार नंबर (Aadhaar Card) के अंतिम चार अंक छिपे होंगे, जिससे आपकी सुरक्षा बढ़ जाती है।

पूरा आधार नंबर देना जरूरी नहीं

मास्क्ड आधार (Masked Aadhaar) का इस्तेमाल केवल आइडेंटिटी वेरिफिकेशन (Identity Verification) के लिए किया जा सकता है, न कि किसी अन्य मकसद के लिए आधार कार्ड (Aadhaar Card) का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आपके लिए किसी संस्था को अपना पूरा आधार नंबर देना जरूरी हो जाता है, तो आपको सावधान रहना चाहिए। साथ ही विश्वसनीय सोर्स के साथ ही आधार कार्ड नंबर (Aadhaar Card Number)  शेयर करना चाहिए। मास्क्ड आधार कार्ड (Masked Aadhaar Card)  की मदद से आप आधार सिक्योिरिटी (Aadhaar Security) को मजबूत बना सकते हैं।

क्या है आधार कार्ड?

हर एक आधार कार्ड का एक यूनीक 12 डिजिट कोड होता है। यह यूनीक डिजिट कोड बायोमेट्रिक पहचान के साथ आता है। इसमें यूजर्स की आइरिश और फिंगरप्रिंस पहचान होती है, जिसे बायोमेट्रिक आइडेंटिटी (Biometric Identity) कहा जाता है। यूजर्स की सुविधा के लिए UIDAI की ओर से नई मोबाइल ऐप जारी की है। इसे mAahdaar के नाम से जाना जाता है। इसे एंड्रॉइड और आईओएस यूजर्स (IOS Users) इस्तेमाल कर सकते हैं। इस आधार को एक्स्ट्रा सिक्योरिटी (Extra Security) देने के लिए मास्क्ड आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है।