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Friday, February 13, 2026
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Barabanki: स्कूल का छज्जा गिरने से 40 बच्चे घायल, पांच की हालत गंभीर

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Avadh Academy School
Avadh Academy School

बाराबंकी। यूपी के बाराबंकी जिले में शुक्रवार को जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के अवध अकादमी स्कूल (Avadh Academy School) में 40 बच्चे घायल हो गए हैं, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को यहां एक स्कूल (Avadh Academy School) की पहली मंजिल की बालकनी का एक हिस्सा गिरने से कम से कम 40 बच्चे घायल हो गए, जिनमें से पांच की हालत गंभीर है।

बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पांच छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

सिंह ने बताया कि यह घटना अवध अकादमी स्कूल (Avadh Academy School) में हुई, जो एक निजी संस्थान है। सुबह की प्रार्थना सभा में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे पहली मंजिल की बालकनी पर एकत्र हुए थे।

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सीएम योगी (CM Yogi) ने हादसे को संज्ञान में लेते हुए उचित उपचार के निर्देश दिए। साथ ही इस घटना के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं।

नेपाल में यात्रियों से भरी यूपी नंबर की बस नदी में गिरी, 14 की मौत

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Nepal Bus Accident
Nepal Bus Accident

नेपाल में आज शुक्रवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया है। 40 यात्रियों को लेकर जा रही यूपी नंबर की भारतीय बस (Bus) तनहुन जिले में मार्सयांगडी नदी में गिर गई। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई है जबकि 16 यात्री घायल हुए। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। नेपाली अधिकारी के अनुसार, बस पोखरा से काठमांडू जा रही थी। मरने वालों में यात्रियों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

नेपाल के अन्वुखैरेनी के पास मर्सियांगडी नदी में भारतीय नंबर की बस (Bus Falls) गिर गई। बस का नंबर UP 53 FT 7623 है। अभी तक 14 यात्रियों के शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि 16 यात्री घायल हैं। नेपाल पुलिस राहत बचाव में जुटी है।

नेपाल पुलिस ने हादसे को लेकर पुष्टि करते हुए बताया कि 40 लोगों को लेकर जा रही एक भारतीय यात्री बस तनहुन जिले में मर्सियांगडी नदी में गिर गई है। जिला पुलिस ऑफिस तनहुन के डीएसपी दीपकुमार राया ने कहा, “UP FT 7623 नंबर प्लेट वाली बस नदी में गिर गई और नदी के किनारे पर पड़ी है।”

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अधिकारी के अनुसार, बस पोखरा से राजधानी काठमांडू की ओर जा रही थी। है। बताया जा रहा है कि यह हादसा आज शुक्रवार को सुबह करीब 11.30 बजे हुआ। यह हादसा तब हुआ जब बस अन्वुखैरेनी के आइना पहरा से मर्सियांगडी नदी में गिर गई।

हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। हादसे के शिकार लोगों को नदी से निकालने की कोशिश की जा रही है।

अनिल अंबानी पर SEBI ने लगाया 5 साल का बैन, 25 करोड़ का जुर्माना भी

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Anil Ambani
Anil Ambani

मार्केट रेगुलेटर सेबी (Sebi) ने दिग्गज बिजनेसमैन अनिल अंबानी (Anil Ambani) और अन्य 24 लोगों के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लेते हुए 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध सिक्योरिटीज मार्केट में लगाया गया है। सेबी ने अनिल अंबानी के ऊपर 25 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई है। बता दें, यह पूरा मामला रिलायंस होम फाइनेंस के पैसों के डायवर्जन से जुड़ा है।

अनिल अंबानी (Anil Ambani) पर कड़ा ऐक्शन

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को सेबी ने अनिल अंबानी (Anil Ambani) सहित अन्य 24 लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने अनिल अंबानी को किसी भी लिस्टेड कंपनी या फिर मार्केट के साथ रजिस्टर्ड कंपनी के डायरेक्टर या अन्य मैनेजर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जुड़ने से भी रोक लगा दिया है। सेबी ने रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) पर भी कड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने सिक्योरिटीज मार्केट से रिलायंस होम फाइनेंस को 6 महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही कंपनी पर 6 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

सेबी ने अपने आदेश में क्या कुछ कहा है?

अपने 222 पृष्ठ के अंतिम आदेश में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पाया कि अनिल अंबानी ने आरएचएफएल के प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों की मदद से, आरएचएफएल से धन निकालने के लिए एक धोखाधड़ी की साजिश रची, जिसमें उसे अपनी संबद्ध संस्थाओं को लोन के रूप में दिखाया गया था। आरएचएफएल के बोर्ड मेंमबर्स ने हालांकि इस तरह की लोन देने की व्यवस्था को रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए थे और कॉर्पोरेट लोन की नियमित समीक्षा की थी, लेकिन कंपनी के प्रबंधन ने इन आदेशों की अनदेखी की।

सेबी के अनुसार, इससे पता चलता है कि कामकाज के तरीके में बड़ी गलती हुई, जिसे अनिल अंबानी के प्रभाव में कुछ प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों ने अंजाम दिया। इन परिस्थितियों को देखते हुए, आरएचएफएल कंपनी को धोखाधड़ी में शामिल लोगों के समान जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

नियामक ने कहा कि इसके अलावा, शेष संस्थाओं ने या तो अवैध रूप से हासिल लोन के प्राप्तकर्ता होने की भूमिका या आरएचएफएल से धन को अवैध रूप से कहीं ओर पहुंचाने की प्रक्रिया को अंजाम देने में भूमिका निभाई है।

सेबी ने कहा कि उसके निष्कर्षों के अनुसार ‘‘धोखाधड़ी की एक साजिश नोटिस संख्या 2 (अनिल अंबानी) ने रची और आरएचएफएल के केएमपी ने इसे अंजाम दिया। इस साजिश के जरिये सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी (आरएचएफएल) से धन की हेराफेरी की गई और उन अयोग्य उधारकर्ताओं को ‘‘लोन’’ के रूप में दिया गया जो नोटिसी संख्या 2 (अनिल अंबानी) से संबद्ध संस्थाओं के प्रवर्तक पाए गए।’’

अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने अपने पद का इस्तेमाल का किया

अंबानी ने धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए ‘एडीए समूह के चेयरमैन’ के तौर पर अपने पद और आरएचएफएल की नियंत्रक (होल्डिंग) कंपनी में अपनी महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष शेयरधारिता का इस्तेमाल किया। सेबी ने गुरुवार को अपने आदेश में कंपनी के प्रबंधन तथा प्रवर्तक के लापरवाह रवैये का जिक्र किया, जिसके तहत उन्होंने ऐसी कंपनियों को सैकड़ों करोड़ रुपये के लोन स्वीकृत किए जिनके पास न तो परिसंपत्तियां थीं, न ही नकदी प्रवाह, ‘नेटवर्थ’ या राजस्व था।

आदेश के अनुसार, इससे पता चलता है कि ‘कर्ज’ के पीछे कोई खतरनाक मकसद छिपा था। सेबी ने कहा कि स्थिति तब और भी संदिग्ध हो गई जब हम इस बात पर गौर करते हैं कि इनमें से कई कर्जदार आरएचएफएल के प्रवर्तकों से करीबी तौर पर जुड़े हुए हैं। नियामक के अनुसार, आखिरकार इनमें से अधिकतर उधारकर्ता अपने लोन चुकाने में विफल रहे, जिसके कारण आरएचएफएल को अपने स्वयं के लोन दायित्वों पर चूक करनी पड़ी। इसके कारण आरबीआई ढांचे के तहत कंपनी का समाधान हुआ, जिससे इसके सार्वजनिक शेयरधारक मुश्किल स्थिति में आ गए।

मिसाल के तौर पर मार्च 2018 में आरएचएफएल का शेयर मूल्य करीब 59.60 रुपये था। मार्च 2020 तक जब धोखाधड़ी की सीमा स्पष्ट हो गई और कंपनी के संसाधन समाप्त हो गए, तो शेयर की कीमत गिरकर केवल 0.75 रुपये रह गई। अब भी नौ लाख से अधिक लोगों ने आरएचएफएल में निवेश कर रखा है और उन्हें भारी नुकसान का उठाना पड़ रहा है।

प्रतिबंधित 24 में रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व प्रमुख अधिकारी अमित बापना, रवींद्र सुधालकर और पिंकेश आर. शाह शामिल हैं। सेबी ने मामले में उनकी भूमिका के लिए उन पर जुर्माना भी लगाया है।

अनिल अंबानी (Anil Ambani) के अलावा इन लोगों पर भी लगा जुर्माना

इसके अलावा, नियामक ने अंबानी पर 25 करोड़ रुपये, बापना पर 27 करोड़ रुपये, सुधालकर पर 26 करोड़ रुपये और शाह पर 21 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अतिरिक्त, रिलायंस यूनिकॉर्न एंटरप्राइजेज, रिलायंस एक्सचेंज नेक्स्ट एलटी, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस क्लीनजेन लिमिटेड, रिलायंस बिजनेस ब्रॉडकास्ट न्यूज होल्डिंग्स लिमिटेड और रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड सहित शेष संस्थाओं पर 25-25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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यह जुर्माना या तो अवैध रूप से ऋण प्राप्त करने या आरएचएफएल से धन के अवैध हस्तांतरण में मध्यस्थ के रूप में काम करने के लिए लगाया गया है। बाजार नियामक सेबी ने फरवरी 2022 में एक अंतरिम आदेश पारित किया था और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, उद्योगपति अनिल अंबानी और तीन अन्य व्यक्तियों (अमित बापना, रवींद्र सुधाकर और पिंकेश आर. शाह) को कंपनी से कथित रूप से धन निकालने के आरोप में अगले आदेश तक प्रतिभूति बाजार में संलिप्त होने से रोक दिया था।

UP Constable Exam: पेपर लीक की अफवाह फैलाने पर सपा नेता पर एफआईआर दर्ज

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Yasar Shah
Yasar Shah

लखनऊ। यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा (UP Constable Exam)  के पेपर लीक (Paper Leak) होने की सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। टेलीग्राम चैनल पर इस तरह के मैसेज प्रसारित करने वालों पर पुलिस भर्ती बोर्ड (Police Recruitment Board) ने हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।

वहीं, भर्ती को लेकर एक्स पर असत्य और अपमानजनक पोस्ट पर सपा के पूर्व मंत्री यासर शाह (Yasar Shah) को भी आरोपी बनाया गया है। साइबर सेल की टीम व एसटीएफ को जांच में लगाया गया है। भर्ती बोर्ड मीडिया सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार की तहरीर पर दर्ज केस में बताया गया है कि कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने की अफवाह फैला रहे हैं। अभ्यर्थियों को धोखा देकर उनसे ठगी की कोशिश कर रहे हैं।

टेलीग्राम पर चल रहे चैनल @upp paper leak 2024, @VENOM व PROOF OF STUDENT के अलावा आदित्य तोमर के टेलीग्राम अकाउंट के जरिये फर्जी प्रश्नों को वायरल कर क्यूआर कोड भेजकर रुपयों की मांग की जा रही है। कई अन्य टेलीग्राम अकाउंट से भी यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर टीमों को मामले की तफ्तीश में लगाया है।

यूपीआई आईडी वालों पर शिकंजा

फर्जी पेपर लीक भेजकर जिनकी यूपीआई आईडी रुपये लेने के लिए भेजी गई है, उनको भी केस में आरोपी बनाया गया है। इसमें शोएब नबी सोफी, हरीश कुमार भगत, मनु कुमार, कपिल और सिद्घार्थ गुप्ता शामिल हैं। डिलाइट इंटरप्राइजेज फर्म का भी क्यूआर कोड शेयर किया गया है। बैंक डिटेल की मदद से पुलिस इन सभी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पूर्व मंत्री पर गंभीर आरोप

एफआईआर के मुताबिक सपा के पूर्व मंत्री यासर शाह (Yasar Shah) ने अपने एक्स अकाउंट @yasarshah_sp से भर्ती पेपर लीक होने का असत्य व अपमानजनक पोस्ट किया है। एफआईआर में ये भी दावा किया गया है कि अन्य आरोपियों की तरह यासर शाह ने भी अलग-अलग ग्रुप व अकाउंट बनाए हैं। क्यूआर कोड भेजकर धन उगाही करने व शासन की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस अफसरों ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें

पुलिस अफसरों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। बिना किसी संदेह के परीक्षा में शामिल हों। अगर कोई भी शख्स उनसे पेपर लीक आदि की बात कहकर संपर्क कर रकम मांगे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

माफिया अनुपम दुबे के गुर्गों पर पुलिस की कार्रवाई में ढिलाई, सोशल मीडिया पर बढ़ी दबंगई

ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस, एसटीएफ समेत कई एजेंसियां लगाई गई हैं। सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है जिससे अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

UP Constable Exam:15000 मोबाइल सर्विस लांस पर, STF-क्राइम ब्रांच तैनात

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UP Police Constable Exam started today
UP Police Constable Exam started today

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 67 जिलों में 1174 परीक्षा केंद्रों पर करीब नौ लाख 60 हजार अभ्यर्थी शुक्रवार को सिपाही भर्ती (Constable Exam) परीक्षा देंगे। इसी साल फरवरी में हुई यह परीक्षा पर्चा लीक होने की वजह से रद्द कर दी गई थी। इसके बाद ही अब पांच चरणों में यह परीक्षा 23 अगस्त से शुरू हो रही है। यही वजह है कि इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश में 10 हजार से अधिक पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। परीक्षा केन्द्रों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

15 हजार नम्बर सर्विलांस पर, व्हाट्सएप चैट की भी निगरानी

परीक्षा (Constable Exam) के लिए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, एलआईयू व तीन अन्य बड़ी एजेन्सियां 15 हजार से अधिक नम्बर सर्विलांस पर ले चुकी है। व्हाटसएप चैट के साथ ही सोशल मीडिया व अन्य चैनलों पर इस परीक्षा से जुड़ी हर सूचना व अफवाह पर नजर रखी जा रही है।एसटीएफ व क्राइम ब्रांच ने डेरा डाला जिलों में एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने जिलों में अपनी टीम को सक्रिय कर दिया है।

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए नौ स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं और जिलों के साइबर पुलिस स्टेशन को नियंत्रण कक्ष के रूप में नामित किया गया है। परीक्षा केंद्र व्यापक पुलिस उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी के साथ कड़ी निगरानी में है।

आज की परीक्षा में 9 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी, STF-क्राइम ब्रांच तैनात

उत्तर प्रदेश में 10 हजार से अधिक पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। परीक्षा केन्द्रों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने परीक्षा से जुड़े कई बिन्दुओं पर पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी राजीव कृष्ण से परीक्षा को लेकर कई बिन्दुओं पर चर्चा की। सभी जिलों के कप्तानों को सुरक्षा से जुड़े कई निर्देश दिए गए।

पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्रों का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा निरीक्षण

अब तक की जांच में करीब 20 हजार अभ्यर्थियों के आधार कार्ड संदिग्ध लगे हैं। इन सभी की आईडी का सत्यापन ठीक से कराने के लिये सम्बन्धित परीक्षा केन्द्र के प्रभारियों और वहां पहुंचने वाले अफसरों को बता दिया गया है।

माफिया अनुपम दुबे के गुर्गों पर पुलिस की कार्रवाई में ढिलाई, सोशल मीडिया पर बढ़ी दबंगई

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। माफिया अनुपम दुबे के गुर्गे विमलेश दुबे, अनूप राठौर, रच्छू ठाकुर और उनके अन्य साथियों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस की ढिलाई के चलते उनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। इन अपराधियों पर दर्ज मामले के बावजूद, पुलिस ने अभी तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। यह स्थिति आम जनमानस में असंतोष और डर का माहौल पैदा कर रही है, वहीं सोशल मीडिया पर भी इनकी दबंगई साफ दिखाई दे रही है।
विमलेश दुबे और उनके साथियों की गतिविधियां सोशल मीडिया पर सक्रिय रूप से देखी जा रही हैं, जहां वे अपनी ताकत और हनक का प्रदर्शन कर रहे हैं। लोग इनकी दबंगई से खौफज़दा हैं, और इसे लेकर प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
कई पीडि़त अपने मामलों को लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद गिरफ्तारी की कोई योजना नहीं बनाई गई है।
पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई बेहद हल्की साबित हुई है, जिसके कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और अपराधियों के हौसले और बढ़ रहे हैं। लोग अब पुलिस से त्वरित और सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम हो सके। फर्रुखाबाद में पिछले छह महीनों में माफिया अनुपम दुबे और उनके गुर्गों के खिलाफ दर्ज कुल मामलों की संख्या 15 है, जिनमें से सिर्फ 3 मामलों में गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा, 12 मामलों में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस दौरान, लगभग 50 से अधिक पीडि़तों ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन उन्हें अब तक निराशा ही हाथ लगी है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही योजना बनाई जाएगी और कानून का पालन करते हुए सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अब तक के हालात से जनता में निराशा का माहौल बना हुआ है। पुलिस की इस सुस्त कार्यशैली पर लोग सवाल उठा रहे हैं और जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फर्रुखाबाद में इस मामले को लेकर बढ़ती चिंता और असंतोष को देखते हुए, पुलिस की जल्द और प्रभावी कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए भी जरूरी है।