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Thursday, January 29, 2026
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जिले में खुलेआम चल रहा जिस्म फिरोशी का धंधा: अब तो लाइसेंस के जरिए हो रहा संचालन

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले में जिस्म फिरोशी का धंधा एक गंभीर समस्या बन गया है, जो अब न केवल छिप-छिपाकर बल्कि खुलेआम हो रहा है। हाल ही में, प्रशासन द्वारा जारी किए गए कुछ लाइसेंसों के जरिए यह खेल और भी खुलेआम चलने लगा है, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।
जिले के विभिन्न इलाकों में जिस्म फिरोशी के अवैध धंधे की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता और पुलिस की मिलीभगत के कारण यह धंधा और भी तेजी से फैल रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले में कम से कम 10 से 12 जगहों पर इस धंधे का संचालन हो रहा है, जहां नाबालिग लड़कियों को भी इस काम में धकेला जा रहा है।
हैरान करने वाली बात यह है कि अब इस अवैध धंधे को वैधता देने के लिए कुछ जगहों पर लाइसेंस भी जारी किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, जिले में एक प्रमुख समेत कई प्रतिष्ठान हैं जिन्हें लाइसेंस जारी किए गए हैं, जहां मसाज पार्लर और अन्य सुविधाओं के नाम पर जिस्म फिरोशी का धंधा चलाया जा रहा है। हाल ही में पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में जिले में 20 से अधिक छापेमारी की गई है, जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से अधिकांश मामले लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों से जुड़े हुए हैं। इन छापेमारी के दौरान कई नाबालिग लड़कियों को भी मुक्त कराया गया है, जिन्हें अवैध रूप से इस धंधे में धकेला गया था।
स्थानीय लोगों ने इस अवैध धंधे को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने इस पर लगाम नहीं लगाई तो यह धंधा और भी बढ़ सकता है, जिससे जिले का सामाजिक ताना-बाना बिखर सकता है।
जिले के पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जिस्म फिरोशी के धंधे पर नकेल कसने के लिए प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान को इस धंधे में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद में जिस्म फिरोशी का यह धंधा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।जनता की मांग है कि प्रशासन इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाए और जिले को इस अवैध धंधे से मुक्त कराए।

स्वतंत्रता दिवस पर फर्रुखाबाद में 1.5 लाख से ज्यादा तिरंगे फहराए जाएंगे

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वर्ष फर्रुखाबाद में भव्य स्तर पर तिरंगा फहराने की तैयारी हो रही है। जिला प्रशासन ने इस बार 1.5 लाख से ज्यादा तिरंगे फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे लेकर जिला अधिकारी (डीएम) डॉ. बी.के. सिंह ने विशेष तैयारियां की हैं।
तिरंगे फहराने का लक्ष्य
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और घर-घर तिरंगा फहराया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जिले में कुल 1.5 लाख तिरंगे फहराने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करने के लिए सभी विभागों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
तैयारियों की समीक्षा
डीएम डॉ. बी.के. सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि तिरंगा फहराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरे हों। इस अभियान में स्कूल, कॉलेज, पंचायत भवन, ब्लॉक, तहसील, पुलिस थाने, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगे की व्यवस्था की जाएगी।
जन जागरूकता अभियान
जिला प्रशासन ने तिरंगा फहराने के इस महाअभियान में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष जन जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को तिरंगे का महत्व और इसकी गरिमा के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय संगठनों और एनजीओ की मदद से लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तिरंगे की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग समय पर आपूर्ति करें। इसके लिए तिरंगे बनाने वाले स्थानीय कारीगरों को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है, ताकि समय पर सभी को तिरंगे मिल सकें।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिले के सभी प्रमुख स्थलों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर नजर रखें।
जिले में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। 1.5 लाख तिरंगे फहराने का लक्ष्य जिले को राष्ट्रप्रेम और एकता के रंग में रंग देगा। डीएम डॉ. बी.के. सिंह के नेतृत्व में की गई तैयारियां सुनिश्चित करेंगी कि इस बार स्वतंत्रता दिवस का पर्व हर घर में ध्वज के साथ गर्व और सम्मान के साथ मनाया जाए।इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नही उठा। डीएम जिले की मीडिया से बात नही करते।

चौकी इंचार्ज ने रिश्वत में मांगे तीन किलो आलू, ASP ने कर दिया सस्पेंड

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कन्नौज। जिले में तीन किलो आलू की रिश्वत (Bribe) मांगने का एक अनोखा मामला सामने आया है। तीन किलो आलू के चक्कर में पुलिस चौकी इंचार्ज को अपनी कुर्सी भी गंवानी पड़ गई। दरअसल चौकी इंचार्ज और एक शिकायतकर्ता का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें दोनों के बीच एक काम को लेकर आलू के रूप में रिश्वत की मांग हो रही है।

कन्नौज जिले के सौरिख थाना क्षेत्र की चपुन्ना पुलिस चौकी में तैनात इंचार्ज रामकृपाल सिंह और एक शिकायतकर्ता का किसी मामले के निपटारे को लेकर ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें वह रिश्वत के तौर पर पांच किलो आलू मांग रहे थे। हालांकि फरियादी की ओर से पांच की जगह दो किलो आलू ही दे पाने की बात कही जा रही है। हालांकि चौकी इंचार्ज की ओर से इस पर नाराजगी जताई गई और फिर पांच किलो आलू की मांग की गई।

इसके बाद उस शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि धंधा-पानी सही नहीं चल रहा है। इसलिए उसने असमर्थता जताई और केवल दो किलो आलू देने को कहा। वहीं पुलिसकर्मी की ओर से पांच की जगह तीन किलो आलू देने की बात कही जा रही है। दोनों की बातचीत का यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कन्नौज के एसपी अमित कुमार आनंद (ASP Ajay Kumar) ने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड (Suspended) कर दिया और विभागीय कार्रवाई के लिए मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी गई। यह वायरल ऑडियो करीब तीन-चार दिन पुराना बताया जा रहा है।

कोड वर्ड में मांगी जा रही थी रिश्वत (Bribe) : ASP Ajay Kumar

वहीं इस मामले में एएसपी अजय कुमार (ASP Ajay Kumar)  ने बताया कि चौकी इंचार्ज किसी काम के एवज में रिश्वत (Bribe)  मांग रहे थे। जोकि कोडवर्ड में मांगी जा रही थी। ये ऑडियो सामने आने के बाद चौकी इंचार्ज को बीते सात अगस्त को सस्पेंड (Suspended) कर दिया गया है। इस मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है।

नेशनल हाईवे पर गड्ढों की वजह से डीजे का साउंड सडक़ पर गिरा बाल बाल बचे दर्जनों कावडिय़ा

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यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। प्रदेश में सरकार के द्वारा शिव भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। लेकिन इसके बावजूद भी कांवडिय़ों को काफी समस्याएं उठानी पड़ रही है।
थाना राजेपुर के चाचूपुर तिराहे के पर उस समय नेशनल हाईवे हडक़ंप मच गया जब शिव भक्त गाने की धुन में नाचते गाते हुए जा रहे थे। तभी इसी बीच एक साउंड कांवडिय़ों के बीच में आ गिरा गिरा जिससे दर्जनों कावडिय़ा बाल बाल बच गए। मौके पर अफरातफरी मच गयी। मौके पर भीड़ इक_ी हो गई। साउंड की चपेट से बचें कांवडिय़ा रजनीश ने बताया कि व जिला पीलीभीत के कल्यानपुर कस्बे से 40 से अधिक श्रद्धालु पांचाल घाट से जल भरकर गोला गोकर्णनाथ जा रहे थे। नेशनल हाईवे पर गड्ढा होने के कारण डीजे का साउंड बीच में आ गया जिससे हादसा टल गया। बीते दिनों सावन मास की शुरुआत में जिला अधिकारी डॉक्टर बी0के सिंह पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार प्रियदर्शी के द्वारा निरीक्षण कर एन एच आई को सडक़ की मरम्मत कर गड्ढे भरने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जिला अधिकारी के आदेश के बावजूद भी गधों की मरम्मत नहीं की गई जिससे एक बड़ी घटना होते-होते बच गई वही श्रद्धालु प्रशासन की तैयारियों को कोसते हुए चले गए

फर्रुखाबाद सिटी में विकास कार्यों की धीमी गति पर सवाल: जनता ने जताई नाराजगी

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। शहर में विकास कार्यों की धीमी गति ने स्थानीय नागरिकों के बीच नाराजगी बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सडक़ निर्माण, सीवेज व्यवस्था, और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इससे न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण धूल और मलबे से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सडक़ें अधूरी छोड़ी गई हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी इस स्थिति से अत्यधिक नाराज हैं। उन्होंने नगर पालिका और प्रशासन पर कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो रही है।
नगर पालिका के अधिकारियों ने दावा किया है कि बरसात के मौसम के कारण विकास कार्यों में देरी हो रही है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि मौसम में सुधार होते ही सभी लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा। प्रशासन ने आगामी महीनों में शहर के सभी मुख्य सडक़ों, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का वादा किया है। इसके साथ ही, जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने नियमित निरीक्षण की योजना बनाई है ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। शहर में विकास कार्यों की धीमी गति ने न केवल नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है, बल्कि प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन अपने वादों को कितना तेजी से पूरा कर पाता है, और शहर के विकास को नई दिशा में ले जाने में कितना सफल होता है।

नवाबगंज के वाशिंदों का सफर अब भी डग्गामार वाहनों के सहारे

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यूथ इंडिया संवाददाता
नवाबगंज, फर्रुखाबाद। क्षेत्र में यातायात व्यवस्था डग्गामार वाहनों के सहारे है। जिला मुख्यालय से रोडवेज बसों का संचालन न होने के कारण क्षेत्र के वाशिंदे डग्गामार वाहनों से सफर करने को मजबूर है। जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। और साथ ही किराया भी अधिक देना पड़ता है और शारीरिक दिक्कतें भी उठानी पड़ती हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का समाधान करने को कोई पहल नहीं कर पा रहे हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर होने के कारण नवाबगंज का इलाका समस्याओं से घिरा हुआ है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण समस्याओं का निराकरण नहीं होने से दिन पर दिन समस्या बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र में यातायात की समस्या विकराल है। लंबे समय से नवाबगंज के लोगों को आवाजाही के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। क्षेत्र में जिला मुख्मालय से रोडवेज बसों का संचालन नहीं होता है। जिसके कारण फर्रुखाबाद, अचरा- अलीगंज , मोहम्मदाबाद, मंझना-कायमगंज को आने-जाने के लिए डग्गामार वाहनों से सफर करते है। जिससे समय की बर्बादी होती है साथ ही किराया भी अधिक वसूला जाता है।
साथ डग्गामार वाहन चालक भूसे की तरह सवारियां भरकर वाहनों को बेखौफ तेज गति से दौड़ते है। अनफिट वाहन सडक़ों पर दौड़ते हैं। जिनसे दुर्घटनाओं का भी डर बना रहता है। लेकिन क्षेत्र के लोगों को मजबूरी है आखिर डग्गामार वाहनों के अलावा कोई साधन भी तो नहीं है? मजबूरी बस क्षेत्रवासी डग्गामार वाहनों में बैठ कर आते जाते है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को यातायात की समस्या शायद दिखती ही नही है। परिवहन विभाग के अधिकारी फर्रुखाबाद, अचरा- अलीगंज , मोहम्मदाबाद, मंझना-कायमगंज तक रोडवेज बसों का संचालन जिला मुख्यालय से करना उचित नही समझ रहे है। इसके लिए कोई बार इलाके के लोगों ने मांग भी की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।