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Thursday, January 29, 2026
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इन कारणों से व्यक्ति को मिलता सम्मान

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– प्रशांत कटियार
समाज में सम्मान प्राप्त करना किसी भी व्यक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। यह सम्मान विभिन्न कारणों से दिया जाता है, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख हैं:

1. *प्रेरणा और प्रेरणास्त्रोत*
सम्मान उन लोगों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपने कार्यों, उपलब्धियों या नेतृत्व के माध्यम से दूसरों को प्रेरित किया है। ऐसे व्यक्तियों ने अपने जीवन या कार्यशैली के माध्यम से दूसरों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, जिससे वे सम्मान के पात्र बनते हैं। उदाहरण स्वरूप, महात्मा गांधी को उनके सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों के लिए सम्मानित किया गया, जिन्होंने लाखों लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित किया।

2. *उपलब्धियाँ और योगदान*
किसी भी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है। ये क्षेत्र शिक्षा, विज्ञान, कला, खेल, या समाज सेवा हो सकते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी विशेष क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करता है या महत्वपूर्ण उपलब्धियों को छूता है, तो समाज उनकी सराहना करता है। जैसे, नोबेल पुरस्कार विजेताओं को उनके अनूठे योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है, जो मानवता के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

*सम्मान प्राप्त करने के कारण*

सम्मान प्राप्त करना व्यक्ति की मेहनत, समर्पण और समाज में उनके योगदान की मान्यता है। यह कई प्रमुख कारणों से प्रदान किया जाता है:

1. *सेवा और निस्वार्थता*
समाज या समुदाय की भलाई के लिए निस्वार्थ सेवा करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है। ये लोग अक्सर अपनी सेवाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों की मदद करते हैं और उनका जीवन सुधारने का प्रयास करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता, जैसे मदर टेरेसा, जिन्होंने जीवन भर गरीबों और असहायों की सेवा की, को उनके निस्वार्थ प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

2. *लंबे समय की मेहनत और समर्पण*
किसी विशेष क्षेत्र में लगातार काम करने और समर्पण दिखाने वाले व्यक्तियों को उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया जाता है। यह सम्मान उनके लंबे समय से किए गए कठिन प्रयासों और उनके क्षेत्र में स्थायित्व को मान्यता देता है। उदाहरण के लिए, लंबे समय तक शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाले शिक्षकों को उनकी शिक्षण सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाता है।

ये सम्मान न केवल व्यक्तियों की मेहनत और प्रयासों की सराहना करते हैं, बल्कि समाज में उनके योगदान को भी मान्यता देते हैं।

लखनऊ में कॉलगर्ल की सप्लाई कैश ऑन डिलीवरी: होटल और फ्लैट पर बुलाने के अलग रेट, वीडियो कॉल पर बात करने के 500 रुपए

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लखनऊ: शहर में कॉलगर्ल की सप्लाई नेटवर्क ने अब कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा शुरू की है। इस नई व्यवस्था के तहत, ग्राहकों को होटल और फ्लैट में कॉलगर्ल बुलाने के लिए अलग-अलग दरें चुकानी पड़ती हैं। इसके अलावा, वीडियो कॉल पर बात करने के लिए भी 500 रुपए की फीस तय की गई है।

इस मामले का पर्दाफाश करने के लिए ‘यूथ इंडिया’ ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें खुलासा हुआ कि विभिन्न होटल्स और फ्लैट्स में कॉलगर्ल की सप्लाई को लेकर न केवल ऊंचे दाम मांगे जाते हैं, बल्कि वीडियो कॉलिंग के लिए भी शुल्क लिया जा रहा है।

इस स्टिंग ऑपरेशन में यह भी सामने आया कि इस अवैध व्यापार का संचालन बड़े स्तर पर किया जा रहा है और इसमें शामिल लोग ग्राहकों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान करने का दावा कर रहे हैं। ‘यूथ इंडिया’ की टीम ने इस संदर्भ में कई वीडियो कॉल्स और होटल बुकिंग के दौरान बातचीत का रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किया है, जो इस अवैध गतिविधि की गंभीरता को उजागर करता है।

इस खुलासे के बाद, स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस मामले की गंभीरता से जांच करने की आवश्यकता है ताकि इस अवैध व्यापार पर रोक लगाई जा सके और दोषियों को सजा मिल सके।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाई: कामकाज पर उठाए सवाल

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– कहा- आपको ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे

नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों को ले कर सरकार की दायर याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की है, जो कि राज्य प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान, अदालत ने सरकार की निष्क्रियता और प्रदर्शन पर गहरी चिंता व्यक्त की। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार को उसके कर्तव्यों के प्रति लापरवाही के लिए आसानी से छोड़ा नहीं जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज की समीक्षा करते हुए पाया कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया है। अदालत ने विशेष रूप से राज्य की प्रशासनिक क्षमताओं, कानून व्यवस्था, और नागरिक सेवाओं में सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा किया। इसके साथ ही, अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपेक्षा की कि वह अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाए और मौजूदा समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के प्रदर्शन को ‘असंतोषजनक’ बताते हुए कहा कि राज्य की प्रशासनिक विफलताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार को सख्त जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा और इस मामले में अदालत की निगरानी जारी रहेगी। अदालत ने सरकार को यह चेतावनी दी कि अगर सुधार नहीं किए गए तो उसे कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, अदालत ने सरकार को एक ठोस योजना तैयार करने की सलाह दी है, जिससे राज्य की प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार हो सके और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

इस फटकार ने राज्य प्रशासन के अंदर एक हलचल मचा दी है और उम्मीद की जा रही है कि इससे प्रदेश की शासन व्यवस्था में सुधार होगा। सुप्रीम कोर्ट की यह कार्रवाई राज्य सरकार के लिए एक एक महत्वपूर्ण चेतावनी है, जो साबित करती है कि न्यायपालिका अपने दायित्वों के प्रति गंभीर है और कोई भी सरकार बिना जवाबदेही के नहीं रह सकती।

भारत विकास परिषद पांचाल शाखा द्वारा हरियाली तीज महोत्सव का भव्य आयोजन

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। भारत विकास परिषद पांचाल शाखा (पांचाल प्रांत) द्वारा हरियाली तीज महोत्सव का आयोजन अग्रवाल धर्मशाला नंबर एक में बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस आयोजन में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष कन्हैया लाल जैन और मुख्य अतिथि श्रीमती वत्सला अग्रवाल (अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद) द्वारा भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से की गई। विशिष्ट अतिथि श्रीमती पारुल मेहरोत्रा और श्री रमेश मेहरोत्रा (पूर्व पांचाल प्रांत संरक्षक, कन्नौज) भी इस मौके पर उपस्थित रहे। राष्ट्रीय गीत के पश्चात सभी अतिथियों का माल्यार्पण एवं तिलक लगाकर सम्मान किया गया।
महोत्सव के दौरान श्रीमती आभा गुप्ता, शिवांगी अग्रवाल, और मोहिनी वर्मा के संयोजन में कपल गेम, वन मिनट गेम, और बच्चों के बीच विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया। अन्वी गुप्ता, काशवी सिंह, अविका सिंह, हिताशी वर्मा, और शिवानी तिवारी ने हरियाली तीज, धार्मिक एवं देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। श्रीमती दिव्यांशी अग्रवाल ने भी अपने मनमोहक नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर अध्यक्ष कन्हैया लाल जैन, सचिव देवेन्द्र नारायण श्रीवास्तव, वित्त सचिव अनुपम पुरवार, संगठन सचिव कन्हैया शुक्ला सहित भारत विकास परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्र गुप्ता, अतुल रस्तोगी, आलोक गुप्ता, नारायण प्रसाद अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, नमन अग्रवाल, पंकज गुप्ता, योगेश वर्मा, दुष्यंत श्रीवास्तव, पंकज सक्सेना, मुकेश सक्सेना, शिवम गुप्ता, संजीव बाथम, मुकेश गुप्ता, कमल यादव, सर्वेश गुप्ता, कन्हैया लाल अग्रवाल, संदीप उपाध्याय, बृजेश सिंह, बृजेश कुमार सक्सेना, आयुष गुप्ता, और देवेन्द्र सारस्वत जैसे प्रतिष्ठित सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
फतेहगढ़ शाखा के अध्यक्ष सरदार जगदीप सिंह, संगठन सचिव श्याम प्रकाश श्रीवास्तव, श्रीमती रोमी श्रीवास्तव, रत्नेश पाल, रुचि अग्रवाल, नीलाम सक्सेना, अनीता सक्सेना, कमलेश श्रीवास्तव, मुक्ता रस्तोगी, प्रियंका गुप्ता, मीनू जैन, नैन्सी वर्मा, मधु श्रीवास्तव, शोभा अग्रवाल, आरती गुप्ता, अंशिका गुप्ता, और प्रिया सारस्वत ने भी अपनी उपस्थिति से आयोजन को विशेष बनाया।
अंत में, सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद सभी उपस्थित सदस्य और अतिथियों ने स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन श्री सचिन सिंह द्वारा किया गया, जिनकी कुशलता और मधुर वाणी ने आयोजन को और भी यादगार बना दिया।

ट्रांसफार्मर के फेस जोड़ते समय युवक झुलसा, अस्पताल में भर्ती, गांव में हंगामा

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यूथ इंडिया संवाददाता
नवाबगंज,फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र के गांव इमादपुर निवासी अवनीश (पुत्र सतीश चंद्र) सोमबार सुबह एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा तब हुआ जब वह गांव सलेमपुर में 63 केवीए के ट्रांसफार्मर के फेस जोडऩे का काम कर रहा था। लाइन मेन हुकम सिंह के कहने पर अवनीश ने यह कार्य शुरू किया, लेकिन अचानक बिजली लाइन चालू हो गई, जिससे वह बुरी तरह से झुलस गया।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल अवनीश को नवाबगंज के सीएससी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अवनीश की हालत गंभीर बताई जा रही है, और डॉक्टरों की टीम उसकी देखरेख में जुटी है।
इस हादसे से गांव के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। लोग बड़ी संख्या में बिजली घर पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि लाइन चालू होने की सूचना दिए बिना काम कराया जा रहा था, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, और प्रशासन ने स्थिति को काबू में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। इस घटना ने एक बार फिर से बिजली विभाग की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली लाइन बंद कर दी जाती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था। आगे की जांच के लिए उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है, और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

सीएम योगी की सुरक्षा में तैनात 102 पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे, ये है बड़ी वजह

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लखनऊ। यूपी में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandi Ben Patel) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi ) की सुरक्षा में तैनात 102 पुलिसकर्मियों को हटाया जाएगा। अब इनकी जगह पीएसी (PAC) , कमिश्नरेट, जिलों, एसडीआरएफ (SDRF) और विशेष सुरक्षा बल में तैनात आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी को चयनित कर विशिष्ट महानुभावों की सिक्युरिटी में तैनात करने का फैसला लिया गया है।

फायरिंग टेस्ट में फेल हुए थे पुलिसकर्मी

बता दें कि हटाए गए पुलिसकर्मियों में से ज्यादातर फायरिंग टेस्ट में फेल हो गए थे। साथ ही कई अन्य वहजों से भी हटाए गए हैं। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा कई अन्य वीवीआईपी (VVIP) की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी जल्द हटाए जाएंगे। सुरक्षा मुख्यालय में एसपी की ओर से चयनित 102 पुलिसकर्मियों को जल्द तैनात करने के लिए संबंधित शाखाओं से उनके सेवा विवरण तलब किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, एसओपी (SOP) के अनुरूप गठित कमेटी ने बीते दिनों वीवीआईपी सिक्योरिटी में बदलाव के लिए पीएसी समेत तमाम शाखाओं के हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल द्वारा किए गए आवेदन के बाद उनका फिटनेस और फायरिंग टेस्ट लिया था। इसमें पास होने के बाद उन्हें सेलेक्ट किया गया है।

प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं पर पर प्रशासन का जोर

इससे पहले वीवीआईपी सुरक्षा (Security Headquarters) में सालों से तैनात पुलिकर्मियों को भी फायरिंग और फिटनेस टेस्ट के लिए बुलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी फायरिंग टेस्ट में फेल हो गए थे।

वहीं, दोबारा टेस्ट देने के लिए बुलाए जाने पर इन्होंने आने की जहमत नहीं उठाई, ताकि वह अपनी वर्तमान तैनाती की जगह बरकरार रहे। इसके बाद सुरक्षा मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया और पीएसी, कमिश्नरेट, जिलों, एसडीआरएफ और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स से 102 पुलिसकर्मियों को सेलेक्ट कर वीवीआईपी सिक्योरिटी में तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।